सड़क सुरक्षा को लेकर मुख्य सचिव सख्त, ब्लैक स्पॉट और दुर्घटना संभावित स्थलों के ऑडिट के निर्देश

आनन्द बर्द्धन ने सड़क दुर्घटनाओं के कारणों का वैज्ञानिक विश्लेषण करने को कहा, हेलमेट नियम के प्रभावी पालन और जन-जागरूकता अभियान तेज करने के निर्देश

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Lucknow, 19 Aug, 2026 03:20 PM
सड़क सुरक्षा को लेकर मुख्य सचिव सख्त, ब्लैक स्पॉट और दुर्घटना संभावित स्थलों के ऑडिट के निर्देश

देहरादून, 19 अगस्त 2026। उत्तराखंड में सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। बुधवार को मुख्य सचिव की अध्यक्षता में सड़क सुरक्षा से संबंधित अनुश्रवण समिति की बैठक हुई, जिसमें प्रदेश में सड़क दुर्घटनाओं की स्थिति, सड़क सुरक्षा उपायों, ब्लैक स्पॉट के सुधार और जनपद स्तरीय सड़क सुरक्षा समितियों के कामकाज की समीक्षा की गई।

बैठक में मुख्य सचिव ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए केवल यातायात नियमों का प्रवर्तन पर्याप्त नहीं है। इसके लिए सड़क इंजीनियरिंग, वाहन और चालक व्यवहार, जन-जागरूकता तथा दुर्घटना के बाद त्वरित उपचार एवं रेस्क्यू व्यवस्था—सभी पहलुओं पर एक साथ काम करना होगा।

दुर्घटनाओं के कारणों का वैज्ञानिक विश्लेषण

मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सड़क दुर्घटनाओं के कारणों का वैज्ञानिक ढंग से विश्लेषण किया जाए। सड़क की डिजाइन, रोड ज्योमेट्री और अन्य तकनीकी कमियों पर विशेष ध्यान देने को कहा गया। उन्होंने निर्देश दिए कि जिन स्थानों पर सड़क की स्थिति या डिजाइन के कारण दुर्घटना की आशंका अधिक है, वहां संबंधित विभागों के साथ समन्वय कर आवश्यक सुधार तत्काल सुनिश्चित किए जाएं।

उन्होंने ब्लैक स्पॉट और दुर्घटना संभावित स्थलों का रोड सेफ्टी एवं थर्ड पार्टी ऑडिट कराने तथा ऑडिट में सामने आने वाले सुझावों के आधार पर सुधारात्मक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। साथ ही, लंबित ब्लैक स्पॉट सुधार कार्यों में तेजी लाकर निर्धारित समयसीमा में उन्हें पूरा करने को कहा।

रोड सेफ्टी ऑडिट को प्राथमिकता

मुख्य सचिव ने रोड सेफ्टी ऑडिट को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने बस अड्डों का भी टीम गठित कर नियमित ऑडिट कराने को कहा। ऑडिट के दौरान सामने आने वाली कमियों और सुझावों को गंभीरता से लेते हुए आवश्यक सुधार लागू करने के निर्देश दिए गए।

उन्होंने पर्वतीय मार्गों पर सड़क सुरक्षा के दृष्टिगत क्रैश बैरियर, पैराफिट और बांस के वृक्षों से संबंधित पूर्व में दिए गए निर्देशों पर भी अधिकारियों से कार्रवाई की जानकारी ली। साथ ही अन्य राज्यों में अपनाई जा रही बेहतर सड़क सुरक्षा व्यवस्थाओं का अध्ययन कर उत्तराखंड में उन्हें लागू करने की संभावनाओं पर विचार करने को कहा।

हेलमेट और यातायात नियमों के पालन पर जोर

मुख्य सचिव ने उच्चतम न्यायालय के निर्देशों का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने दोपहिया वाहन चालकों और सवारियों के लिए हेलमेट के अनिवार्य उपयोग को प्रभावी ढंग से लागू करने तथा यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश दिए।

उन्होंने परिवहन और पुलिस विभाग को प्रवर्तन कार्रवाई की नियमित समीक्षा करने को कहा, ताकि नियमों का पालन सुनिश्चित कराने के साथ सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सके।

जिलों में सड़क सुरक्षा समितियों की नियमित बैठकें हों

मुख्य सचिव ने जनपद स्तरीय सड़क सुरक्षा समितियों की बैठकें निर्धारित समय पर नियमित रूप से आयोजित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक बैठक का कार्यवृत्त संबंधित पोर्टल पर अनिवार्य रूप से अपलोड किया जाए।

उन्होंने सचिव परिवहन को सड़क सुरक्षा से जुड़े नियमित कार्यों की लगातार निगरानी करने और आवश्यकता के अनुसार संबंधित विभागों के साथ समन्वय कर कार्रवाई सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए।

हर दो-तीन माह में व्यापक सड़क सुरक्षा अभियान

सड़क सुरक्षा को लेकर जन-जागरूकता बढ़ाने के लिए मुख्य सचिव ने सेंसिटाइजेशन कैंप आयोजित करने के निर्देश दिए। उन्होंने पुलिस, स्वास्थ्य और परिवहन विभाग की संयुक्त वर्कशॉप आयोजित करने को कहा, जिसमें दुर्घटना के बाद रेस्क्यू और राहत कार्यों से संबंधित जागरूकता बढ़ाई जाए।

उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान केवल औपचारिकता तक सीमित नहीं रहना चाहिए। प्रत्येक दो-तीन माह में अभियान मोड में व्यापक स्तर पर अभियान संचालित किया जाए। इसके लिए वर्षभर का प्रचार-प्रसार प्लान तैयार करने के निर्देश भी दिए गए।

‘राहवीर योजना’ के प्रचार पर जोर

मुख्य सचिव ने ‘राहवीर योजना’ का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। परिवहन विभाग को हिट एंड रन के लंबित मामलों की सूची संबंधित जिलाधिकारियों को उपलब्ध कराने को कहा गया। जिलाधिकारियों को अपने-अपने जनपदों में लंबित मामलों की स्वयं समीक्षा कर उनका शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

उन्होंने सड़क सुरक्षा से संबंधित जागरूकता फिल्मों का स्थानीय सिनेमाघरों में प्रदर्शन कराने को भी कहा। विभागों को वर्षभर की संयुक्त प्रचार-प्रसार गतिविधियों का कैलेंडर तैयार करने के निर्देश दिए गए, ताकि अलग-अलग लक्षित समूहों तक सड़क सुरक्षा के संदेश प्रभावी ढंग से पहुंचाए जा सकें।

स्कूलों में सक्रिय होंगे सड़क सुरक्षा क्लब

मुख्य सचिव ने शिक्षा और परिवहन विभाग के समन्वय से विद्यालयों में सड़क सुरक्षा क्लब स्थापित करने और उन्हें सक्रिय रूप से संचालित करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को सड़क सुरक्षा से जुड़े कार्यों में बेहतर समन्वय, नियमित अनुश्रवण और एक्शन टेकन रिपोर्ट की नियमित रिपोर्टिंग सुनिश्चित करने को कहा।

बैठक में सचिव रविनाथ रमन, डॉ. रणवीर सिंह चौहान सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी और विभिन्न जनपदों के जिलाधिकारी उपस्थित रहे।


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