सीएम धामी के विजन के अनुरूप विकास कार्यों में तेजी, वित्तीय अनुशासन और पारदर्शिता को सर्वोच्च प्राथमिकता: मुख्य सचिव
उत्तराखंड में विकास परियोजनाओं को गति: ₹326.64 करोड़ की जलाशय परियोजना और ₹382.40 करोड़ के खैरना बैराज पेयजल प्रोजेक्ट को मंजूरी
YUGVARTA NEWS
Lucknow, 29 Oct, 2026 05:30 PMदेहरादून। उत्तराखंड में विकास परियोजनाओं को गति देने और आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन की अध्यक्षता में सचिवालय में आयोजित व्यय वित्त समिति (EFC) की बैठक में पांच प्रस्तावों को मंजूरी प्रदान की गई। बैठक में पेयजल, सिंचाई, सड़क निर्माण, पर्यटन, शहरी विकास और अन्य विभागों से संबंधित कुल आठ प्रस्ताव प्रस्तुत किए गए, जिनमें से तीन प्रस्तावों को आवश्यक समीक्षा एवं परीक्षण के लिए आरक्षित रखा गया।
बैठक में सहसपुर की ₹326.64 करोड़ की पंडित श्यामा प्रसाद मुखर्जी जलाशय परियोजना और नैनीताल जनपद की ₹382.40 करोड़ की खैरना बैराज पेयजल परियोजना को अनुमोदन मिला। इसके अलावा बागेश्वर में सर्किट हाउस निर्माण, कैंची धाम बाईपास मोटर मार्ग के सुधारीकरण और कुंभ मेला-2027 की स्वच्छता व्यवस्था से जुड़े प्रस्तावों को भी स्वीकृति प्रदान की गई।
परियोजनाओं में गुणवत्ता और वित्तीय अनुशासन पर जोर
मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि विकास परियोजनाओं के नियोजन से लेकर क्रियान्वयन तक सभी तकनीकी, भू-वैज्ञानिक, वित्तीय और प्रशासनिक पहलुओं का समुचित परीक्षण किया जाए। परियोजनाओं के लिए आवश्यक सहमतियां और अनुमोदन समय से प्राप्त किए जाएं, ताकि स्वीकृति प्रक्रिया में अनावश्यक विलंब न हो।
उन्होंने कहा कि परियोजनाओं की अनुमानित लागत तय करते समय वित्तीय प्रबंधन और भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखा जाए। अनावश्यक देरी के कारण लागत में वृद्धि नहीं होनी चाहिए। अपरिहार्य परिस्थितियों में लागत बढ़ने का प्रस्ताव प्रस्तुत किए जाने पर उसके कारणों, संबंधित पक्षों की सहमति और आवश्यक अनुमोदनों का स्पष्ट उल्लेख किया जाए।
मुख्य सचिव ने परियोजनाओं के भौतिक सत्यापन के लिए सक्षम अधिकारियों और अधिकृत एजेंसियों की भूमिका सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों में गुणवत्ता, पारदर्शिता और वित्तीय जवाबदेही सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
सहसपुर और नैनीताल की बड़ी परियोजनाओं को मंजूरी
बैठक में मुख्यमंत्री की घोषणा से संबंधित सिंचाई विभाग की सहसपुर स्थित ₹326.64 करोड़ की पंडित श्यामा प्रसाद मुखर्जी जलाशय परियोजना को अनुमोदन दिया गया। इसके साथ ही नैनीताल जनपद में ₹382.40 करोड़ की खैरना बैराज पेयजल परियोजना को भी स्वीकृति मिली।
वहीं, चौबट्टाखाल विधानसभा क्षेत्र के विकासखंड बीरोंखाल में स्यूंसी झील निर्माण परियोजना तथा रुद्रप्रयाग शहर के मास्टर प्लान के प्रथम चरण से संबंधित प्रस्तावों की समीक्षा के निर्देश दिए गए।
रुद्रप्रयाग मास्टर प्लान पर चर्चा के दौरान मुख्य सचिव ने स्पष्ट किया कि ड्रेनेज प्लान इस प्रकार तैयार किया जाए कि घरों से निकलने वाला गंदा पानी सीधे नदी में न पहुंचे। इसके लिए प्रभावी जल निकासी और अपशिष्ट जल प्रबंधन की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया।
बागेश्वर में ₹13.15 करोड़ से बनेगा सर्किट हाउस
राज्य संपत्ति विभाग और लोक निर्माण विभाग से संबंधित मुख्यमंत्री की घोषणा के अंतर्गत बागेश्वर जनपद में ₹13.15 करोड़ की लागत से सर्किट हाउस के निर्माण प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। इस परियोजना से जिले में आवश्यक आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने में मदद मिलेगी।
कैंची धाम बाईपास मार्ग के सुधारीकरण को ₹21.81 करोड़
नैनीताल जनपद में सड़क अवसंरचना को बेहतर बनाने के लिए लोक निर्माण विभाग की राज्य योजना के अंतर्गत दुनिघाट से रातिघाट (पाडली) तक श्री कैंची धाम बाईपास मोटर मार्ग के डामरीकरण और सुधारीकरण के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की गई। इस कार्य पर ₹21.81 करोड़ खर्च किए जाएंगे।
परियोजना का उद्देश्य सड़क की स्थिति में सुधार करना और क्षेत्र में आवागमन को सुगम बनाना है।
कुंभ मेला-2027 की स्वच्छता व्यवस्था पर ₹25 करोड़ खर्च होंगे
हरिद्वार में आयोजित होने वाले कुंभ मेला-2027 की तैयारियों के तहत शहरी विकास विभाग और नगर निगम हरिद्वार से संबंधित एकीकृत स्वच्छता संचालन के लिए मानव संसाधन उपलब्ध कराने के प्रस्ताव को भी अनुमोदन मिला। इसके लिए ₹25 करोड़ की लागत निर्धारित की गई है।
मुख्य सचिव ने कुंभ मेला अधिकारी और संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि आउटसोर्सिंग एजेंसियों तथा स्वच्छता कार्यों में तैनात कर्मचारियों के सत्यापन की प्रभावी व्यवस्था बनाई जाए। इसके लिए बायोमेट्रिक सत्यापन सहित आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया जाए, जिससे कर्मचारियों की वास्तविक उपस्थिति और तैनाती की जानकारी सुनिश्चित हो सके।
उन्होंने कहा कि सत्यापन व्यवस्था की नियमित निगरानी की जाए और आवश्यक जांच के बाद ही संबंधित एजेंसियों एवं कर्मचारियों को भुगतान किया जाए। इसका उद्देश्य कुंभ मेले के दौरान स्वच्छता प्रबंधन को पारदर्शी, प्रभावी और जवाबदेह बनाना है।
केदारनाथ धाम की परियोजना पर अतिरिक्त लागत की समीक्षा
बैठक में पर्यटन विभाग और लोक निर्माण विभाग से संबंधित श्री केदारनाथ धाम में समग्र आधारभूत संरचना, सबस्टेशन पैनल और अन्य निर्माण कार्यों के प्रस्ताव को आवश्यक समीक्षा के लिए आरक्षित रखा गया।
मुख्य सचिव ने संबंधित विभागों को परियोजना की अतिरिक्त लागत का विस्तृत सत्यापन करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि लागत बढ़ने के कारणों, कार्यों की वास्तविक आवश्यकता और अन्य संबंधित पहलुओं का परीक्षण करने के बाद संशोधित प्रस्ताव प्रस्तुत किया जाए, ताकि नियमानुसार निर्णय लिया जा सके।
वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद
बैठक में प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, आर. मीनाक्षी सुंदरम, लोक निर्माण विभाग के सचिव पंकज पांडेय, डॉ. आर. राजेश कुमार, नियोजन विभाग के श्रीधर बाबू अडांकी सहित विभिन्न संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
मुख्य सचिव ने सभी विभागों को निर्देश दिए कि विकास परियोजनाओं के नियोजन और क्रियान्वयन में वित्तीय अनुशासन, तकनीकी गुणवत्ता, पारदर्शिता और समयबद्धता का विशेष ध्यान रखा जाए। उन्होंने कहा कि सभी आवश्यक औपचारिकताएं समय से पूरी कर यह सुनिश्चित किया जाए कि स्वीकृत परियोजनाओं का लाभ निर्धारित समयावधि में आम जनता तक पहुंचे।
आदित्य अमिताभ त्रिवेदी, युगवार्ता
#Uttarakhand #AnandBardhan #PushkarSinghDhami #UttarakhandNews #KumbhMela2027 #KainchiDham #DevelopmentProjects #DehradunNews



No Previous Comments found.