व्यापारी प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़, उनके सम्मान, सुरक्षा और हितों की रक्षा के लिए सरकार प्रतिबद्ध : मुख्यमंत्री

हल्द्वानी में प्रांतीय व्यापारी सम्मेलन का मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने किया शुभारंभ, बोले— व्यापारियों का सम्मान, सुरक्षा और हितों की रक्षा सरकार की प्राथमिकता

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Lucknow, 9 Oct, 2026 07:19 PM
व्यापारी प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़, उनके सम्मान, सुरक्षा और हितों की रक्षा के लिए सरकार प्रतिबद्ध : मुख्यमंत्री

हल्द्वानी, 9 अक्टूबर 2026। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को हल्द्वानी स्थित राजकीय मेडिकल कॉलेज सभागार में आयोजित प्रांतीय व्यापारी सम्मेलन का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने व्यापारियों के हितों से जुड़ी आठ महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि व्यापारी प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं और उनके सम्मान, सुरक्षा तथा हितों की रक्षा करना राज्य सरकार की प्राथमिकता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि व्यापारी केवल वस्तुओं के क्रय-विक्रय तक सीमित नहीं हैं, बल्कि रोजगार सृजन, स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती देने और प्रदेश की आर्थिक प्रगति में भी महत्वपूर्ण योगदान देते हैं। बड़े उद्योगों से लेकर छोटे दुकानदारों तक, प्रत्येक व्यापारी राज्य के विकास में अहम भूमिका निभाता है। उन्होंने कोविड-19 महामारी का उल्लेख करते हुए कहा कि चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में भी व्यापारियों ने आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति सुनिश्चित कर अपनी सामाजिक जिम्मेदारी निभाई।

व्यापारियों के लिए ये हैं धामी सरकार की 8 घोषणाएं

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने व्यापारियों की समस्याओं के समाधान, सुविधाओं के विस्तार और कारोबारी गतिविधियों को प्रोत्साहित करने के लिए आठ घोषणाएं कीं।

1. आपदा प्रभावित व्यापारियों को राहत: प्राकृतिक आपदा या अन्य आपदाओं से प्रभावित व्यापारियों को नियमानुसार उचित राहत उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

2. उद्योग मित्र समितियों का पुनर्गठन: राज्य और जिला स्तर पर उद्योग मित्र समितियों का पुनर्गठन कर नियमित बैठकें आयोजित की जाएंगी, ताकि व्यापारियों की समस्याओं का समाधान हो सके।

3. दुर्घटना बीमा की जानकारी: जीएसटी में पंजीकृत व्यापारियों के दुर्घटना बीमा से संबंधित प्रावधानों का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा, जिससे पात्र व्यापारियों के आश्रित समय पर दावा प्रक्रिया पूरी कर सकें।

4. पर्यटन व्यवसाय का पंजीकरण सरल: पर्यटन व्यवसाय से संबंधित पंजीकरण प्रक्रिया को आसान बनाया जाएगा और सिंगल विंडो व्यवस्था लागू की जाएगी।

5. होमस्टे सुविधाओं का विस्तार: पर्यटन बहुल क्षेत्रों और जिला मुख्यालयों में होमस्टे सुविधाएं बढ़ाई जाएंगी, जिससे स्थानीय लोगों को स्वरोजगार और अतिरिक्त आय के अवसर मिलेंगे।

6. चारधाम यात्रा मार्ग पर पार्किंग: चारधाम यात्रा मार्ग पर आवश्यक स्थानों पर पार्किंग सुविधाएं विकसित की जाएंगी, जिससे यात्रियों और व्यापारियों को सहूलियत मिलेगी।

7. बाजारों में सड़क और नालियों का निर्माण: राष्ट्रीय राजमार्गों, राज्य मार्गों और अन्य प्रमुख सड़कों से जुड़े बाजारों में सड़कों तथा नालियों के निर्माण एवं मरम्मत कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी।

8. श्रमिकों को कल्याणकारी योजनाओं का लाभ: व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में कार्यरत श्रम विभाग में पंजीकृत श्रमिकों को कर्मकार कल्याण बोर्ड की योजनाओं और सुविधाओं का लाभ दिलाया जाएगा।

26 विभागों की 206 से अधिक सेवाएं ऑनलाइन

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार व्यापार और निवेश से जुड़ी प्रक्रियाओं को सरल, पारदर्शी और सुविधाजनक बनाने की दिशा में काम कर रही है। सिंगल विंडो सिस्टम के माध्यम से 26 प्रमुख विभागों की 206 से अधिक सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध कराई गई हैं। निवेशकों और उद्यमियों की समस्याओं के समाधान के लिए भी व्यवस्था विकसित की गई है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में उद्यमिता, डिजिटल लेन-देन और वित्तीय समावेशन को बढ़ावा मिला है। उत्तराखंड सरकार भी इसी दिशा में आगे बढ़ते हुए कारोबारियों को अनावश्यक प्रक्रियाओं और कार्यालयों के चक्कर से राहत देने का प्रयास कर रही है।

स्टार्टअप और पर्वतीय क्षेत्रों में उद्योगों को बढ़ावा

मुख्यमंत्री ने बताया कि उत्तराखंड में स्टार्टअप और नवाचार को प्रोत्साहित करने के लिए राज्य की स्टार्टअप नीति के तहत 200 करोड़ रुपये के वेंचर फंड की व्यवस्था की गई है। सरकार का उद्देश्य औद्योगिक विकास को मैदानी क्षेत्रों तक सीमित रखने के बजाय पर्वतीय क्षेत्रों में भी उद्यमिता और रोजगार के अवसर बढ़ाना है।

उन्होंने कहा कि चमोली, पौड़ी और अल्मोड़ा में छोटे उद्योगों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से विशेष औद्योगिक पार्कों के लिए भूमि चिह्नित की गई है। स्थानीय व्यापार, पर्यटन, लघु उद्योग और स्वरोजगार को राज्य की अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार बताते हुए उन्होंने कहा कि सरकार उत्तराखंड को आध्यात्मिक शक्ति के साथ आर्थिक शक्ति के रूप में भी स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध है।

व्यापारियों से विकास में भागीदारी का आह्वान

मुख्यमंत्री ने व्यापारियों से प्रदेश के विकास में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की। उन्होंने कहा कि सरकार व्यापारियों को केवल करदाता नहीं, बल्कि विकास का महत्वपूर्ण भागीदार मानती है। व्यापारिक संगठनों के साथ निरंतर संवाद और समस्याओं का समयबद्ध समाधान सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रांतीय उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल की स्मारिका का विमोचन किया और व्यापार मंडल की विभिन्न इकाइयों के प्रतिनिधियों को सम्मानित किया।

सम्मेलन में सांसद अजय भट्ट, कैबिनेट मंत्री राम सिंह कैड़ा, विधायक बंशीधर भगत और सरिता आर्या, महापौर गजराज सिंह बिष्ट, प्रांतीय उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के प्रदेश अध्यक्ष नवीन वर्मा, प्रदेश महामंत्री प्रकाश मिश्रा, भाजपा जिलाध्यक्ष प्रताप बिष्ट, दर्जाधारी राज्यमंत्री डॉ. अनिल कपूर डब्बू सहित प्रशासनिक अधिकारी और विभिन्न व्यापारी संगठनों के पदाधिकारी उपस्थित रहे।

आदित्य अमिताभ त्रिवेदी, युगवार्ता

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