हरिद्वार संत समागम में ‘एक राष्ट्र-एक चुनाव’ पर जोर, शिवराज बोले- बार-बार चुनाव विकास में बाधक
संत समाज से जनजागरण की अपील, मुख्यमंत्री धामी ने भी विचार का समर्थन किया
YUGVARTA NEWS
Lucknow, 23 Aug, 2026 09:41 PMहरिद्वार, 23 अगस्त 2026। हरिद्वार के प्राचीन अवधूत मंडल आश्रम में आयोजित संत समागम में केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ‘एक राष्ट्र-एक चुनाव’ के विचार को देश की आवश्यकता बताते हुए इसके पक्ष में जनजागरण का आह्वान किया। कार्यक्रम में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी उपस्थित रहे।
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि देश में बार-बार होने वाले चुनाव विकास की गति को प्रभावित करते हैं। चुनावों के दौरान प्रशासनिक मशीनरी का बड़ा हिस्सा निर्वाचन संबंधी कार्यों में व्यस्त हो जाता है, जबकि स्कूलों में पढ़ाई से लेकर विकास योजनाओं के क्रियान्वयन तक पर इसका असर पड़ता है। उन्होंने कहा कि लोकसभा और विधानसभा चुनाव एक साथ होने से समय, संसाधन और प्रशासनिक ऊर्जा की बचत हो सकती है तथा सरकारों का ध्यान लगातार विकास कार्यों पर केंद्रित रह सकेगा।
संत समाज से जनजागरण की अपील
शिवराज सिंह चौहान ने संत समाज से अपील की कि वे अपने प्रवचनों और जनसंवाद के माध्यम से ‘एक राष्ट्र-एक चुनाव’ के विचार को जनता तक पहुंचाने में सहयोग करें। उन्होंने कहा कि संत समाज की व्यापक सामाजिक पहुंच और प्रभाव के माध्यम से इस विषय पर जनजागरण को गति मिल सकती है।
उन्होंने कहा कि यह केवल किसी एक राजनीतिक दल का विषय नहीं, बल्कि राष्ट्रीय हित से जुड़ा विषय है। देश को प्राथमिकता देते हुए सभी दलों को इस पर विचार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि देश आगे बढ़ेगा तो लोकतंत्र और राजनीतिक दल भी मजबूत होंगे।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी ‘एक राष्ट्र-एक चुनाव’ के विचार के प्रति समर्थन व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड सरकार इस दिशा में सकारात्मक भूमिका निभाने के लिए प्रतिबद्ध है और इस विषय पर जनसमर्थन बढ़ाने में सहयोग करेगी।
‘वंदे मातरम्’ को राष्ट्रीय एकता का प्रतीक बताया
केंद्रीय मंत्री ने अपने संबोधन में ‘वंदे मातरम्’ के महत्व पर भी जोर दिया। उन्होंने इसे देशभक्ति और राष्ट्रीय एकता की भावना का प्रतीक बताया और कहा कि राष्ट्र की एकता को सर्वोपरि रखते हुए इसके पूर्ण स्वरूप के प्रति सम्मान की भावना विकसित की जानी चाहिए।
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान ‘वंदे मातरम्’ राष्ट्रीय चेतना का महत्वपूर्ण माध्यम बना। उन्होंने संत समाज से आग्रह किया कि वे अपने प्रवचनों के माध्यम से राष्ट्रीय एकता, देशभक्ति और राष्ट्रहित की भावना को मजबूत करने का संदेश दें।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि ‘एक राष्ट्र-एक चुनाव’ का उद्देश्य चुनावी प्रक्रिया को अधिक सुव्यवस्थित बनाना, संसाधनों की बचत करना और शासन-प्रशासन को विकास पर अधिक केंद्रित करना है। उन्होंने संत समाज से इस विषय पर सकारात्मक जनसंवाद और जागरूकता बढ़ाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में संत समाज के प्रतिनिधियों सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।



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