उत्तराखंड : मुख्यमंत्री के निर्देश पर प्रदेश में संचालित किया जायेगा ‘‘जन जन की सरकार-जन जन के द्वार’’ अभियान
YUGVARTA NEWS
Lucknow, 13 Dec, 2025 08:14 PMदेहरादून : मुख्यमंत्री के निर्देश पर प्रदेश में 17 दिसम्बर 2025 से 45 दिनों तक “जन जन की सरकार–जन जन के द्वार” अभियान संचालित किया जाएगा। इस अभियान के अंतर्गत प्रदेश की विभिन्न न्याय पंचायतों एवं ग्राम पंचायतों में कैम्प आयोजित कर आम जनता को जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराया जाएगा। अभियान में राजस्व, ग्राम्य विकास, पंचायती राज, कृषि, समाज कल्याण सहित कुल 23 विभाग शामिल रहेंगे। इस संबंध में सभी विभागों को स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों के अनुपालन में सचिव सामान्य प्रशासन विनोद कुमार सुमन द्वारा प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों को पत्र प्रेषित किया गया है। पत्र में केंद्र सरकार एवं राज्य सरकार की योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने तथा जरूरतमंद लोगों को योजनाओं का लाभ प्रदान करने के निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने बताया कि 17 दिसम्बर 2025 से आगामी 45 दिनों तक “जन जन की सरकार–जन जन के द्वार” अभियान के अंतर्गत विभिन्न न्याय पंचायतों में कैम्प लगाए जाएंगे। इन कैम्पों के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में भ्रमण करते हुए जनसामान्य से आवेदन पत्र प्राप्त कर उन पर त्वरित कार्यवाही की जाएगी।
विनोद कुमार सुमन ने बताया कि यह कार्यक्रम न्याय पंचायत स्तर पर संचालित किया जाएगा। प्रत्येक न्याय पंचायत में बहुउद्देशीय शिविर/कैम्प आयोजित किए जाएंगे। यदि कोई न्याय पंचायत अत्यधिक बड़ी है, तो उसे दो भागों में विभाजित कर कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।
अभियान के दौरान आयोजित कैम्पों में केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी जाएगी तथा पात्र व्यक्तियों को योजनाओं से लाभान्वित किया जाएगा। कैम्प के उपरांत निकटवर्ती गांवों में अधिकारियों द्वारा भ्रमण कर पात्र व्यक्तियों से आवेदन पत्र भरवाए जाएंगे, ताकि कोई भी पात्र नागरिक योजनाओं के लाभ से वंचित न रह जाए।
उन्होंने जिलाधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि कैम्प आयोजन से पूर्व मीडिया के माध्यम से व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित किया जाए। प्रत्येक तहसील में प्रत्येक सप्ताह कम से कम 02 से 03 कार्य दिवसों में न्याय पंचायतों में कैम्प लगाए जाएं। प्रयास किया जाए कि प्रत्येक सप्ताह जनपद की प्रत्येक तहसील की कम से कम एक न्याय पंचायत में यह आयोजन हो। अभियान न्यूनतम 45 दिनों तक सभी न्याय पंचायतों में अनिवार्य रूप से संचालित किया जाएगा। आवश्यकता पड़ने पर जनपद स्तर से इसे आगे भी विस्तारित किया जा सकता है।
उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि ग्राम स्तर पर पहले से ही सर्वेक्षण कर यह चिन्हित किया जाए कि कौन-कौन से पात्र व्यक्ति योजनाओं के लाभ से वंचित हैं, ताकि अभियान के दौरान इन कमियों को दूर किया जा सके और सभी पात्रों से आवेदन पत्र भरवाए जा सकें।
पत्र में कहा गया है कि प्रत्येक सप्ताह आयोजित होने वाले किसी एक कैम्प में जिलाधिकारी की उपस्थिति अनिवार्य रहेगी। अन्य कैम्पों में मुख्य विकास अधिकारी, अपर जिलाधिकारी अथवा उपजिलाधिकारी की उपस्थिति सुनिश्चित की जाएगी। सभी नामित विभागों के अधिकारी कैम्पों में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहेंगे और प्रयास किया जाएगा कि जनसामान्य की समस्याओं का समाधान मौके पर ही किया जा सके।
उन्होंने निर्देश दिए कि कैम्प आयोजन से 2–3 दिन पूर्व सभी प्रकार के आवेदन पत्र ग्राम स्तर पर उपलब्ध कराए जाएं, जिससे आवेदन प्रक्रिया में कोई बाधा न आए। जनपद स्तर पर न्याय पंचायतों में लगने वाले कैम्पों की कार्य योजना एक सप्ताह के भीतर तैयार कर शासन को उपलब्ध कराई जाए, ताकि शासन स्तर से औचक निरीक्षण किया जा सके।
प्रत्येक कार्यक्रम के उपरांत कार्यक्रम की प्रगति एवं उपलब्धियों की जानकारी मीडिया को साझा की जाएगी। साथ ही, प्रत्येक सप्ताह आयोजित कार्यक्रमों की प्रगति आख्या अनिवार्य रूप से मुख्यमंत्री कार्यालय, मुख्य सचिव कार्यालय एवं सामान्य प्रशासन विभाग को भेजी जाएगी।


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