उत्तराखंड में वस्त्र मंत्रालय की पहली मासिक अंतर-विभागीय समन्वय बैठक आयोजित, रेशम उत्पादन और हस्तशिल्प गतिविधियों की हुई समीक्षा

सहसपुर स्थित क्षेत्रीय रेशम उत्पादन अनुसंधान केंद्र में हाइब्रिड मोड में हुई बैठक, विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने कार्यों की प्रगति और SOP पर किया मंथन

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Lucknow, 31 Oct, 2026 07:58 PM
उत्तराखंड में वस्त्र मंत्रालय की पहली मासिक अंतर-विभागीय समन्वय बैठक आयोजित, रेशम उत्पादन और हस्तशिल्प गतिविधियों की हुई समीक्षा

देहरादून, 31 अक्टूबर। उत्तराखंड में वस्त्र क्षेत्र से जुड़ी विभिन्न गतिविधियों को अधिक प्रभावी बनाने और केंद्र सरकार के अधीन कार्यरत संस्थानों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करने की दिशा में वस्त्र मंत्रालय, भारत सरकार ने पहल की है। मंत्रालय के निर्देशानुसार प्रदेश में पहली मासिक अंतर-विभागीय समन्वय एवं समीक्षा बैठक का आयोजन शनिवार को देहरादून के सहसपुर स्थित क्षेत्रीय रेशम उत्पादन अनुसंधान केंद्र में किया गया। हाइब्रिड मोड में आयोजित इस बैठक में वस्त्र मंत्रालय के अंतर्गत उत्तराखंड में कार्यरत विभिन्न कार्यालयों और संस्थानों के अधिकारियों एवं प्रतिनिधियों ने प्रतिभाग किया।


बैठक प्रातः 10:30 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक आयोजित हुई। इसमें विभिन्न कार्यालयों की क्षेत्रीय गतिविधियों की प्रगति, विभागीय कार्यों में आपसी समन्वय, कार्यात्मक सहयोग और प्रस्तावित मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।


केंद्रीय रेशम बोर्ड की विभिन्न इकाइयों के अधिकारियों ने किया प्रतिभाग


बैठक में केंद्रीय रेशम बोर्ड की ओर से डॉ. पवन सैनी, वैज्ञानिक-डी एवं प्रभारी, क्षेत्रीय रेशम उत्पादन अनुसंधान केंद्र, सहसपुर; डॉ. विक्रम कुमार, वैज्ञानिक-सी एवं प्रभारी, पी-3 मूल बीज फार्म; अभिषेक सिंह, वैज्ञानिक-सी एवं प्रभारी, पी-2 मूल बीज फार्म; डॉ. प्रशांत जे., वैज्ञानिक-बी एवं प्रभारी, रेशमकीट बीज उत्पादन केंद्र तथा राहुल पाल, वैज्ञानिक-बी एवं प्रभारी, रेशम परीक्षण एवं सेवा केंद्र ने प्रत्यक्ष रूप से सहभागिता की।


इसके अलावा डॉ. अरसाकुमार ई. एवं डॉ. साक्षी वैष्णव, वैज्ञानिक-बी, क्षेत्रीय रेशम उत्पादन अनुसंधान केंद्र तथा गोपेश कुमार मौर्य, सहायक निदेशक (हस्तशिल्प), देहरादून भी बैठक में उपस्थित रहे।


ऑनलाइन माध्यम से भी जुड़े विभिन्न कार्यालयों के प्रतिनिधि


बैठक में ऑनलाइन माध्यम से डॉ. ए.एस. वर्मा, वैज्ञानिक-डी एवं प्रभारी तथा डॉ. दिव्या सिंह, वैज्ञानिक-सी, क्षेत्रीय रेशम उत्पादन अनुसंधान केंद्र, भीमताल ने प्रतिभाग किया। इनके साथ तपन शर्मा, निदेशक (हथकरघा), दिल्ली एवं प्रभारी, डब्ल्यू.एस.ई., चमोली; संतोष आनंद, सहायक निदेशक (हस्तशिल्प), अल्मोड़ा तथा सुभाष पाल, तकनीकी अधिकारी, चमोली भी ऑनलाइन माध्यम से बैठक से जुड़े।


विभागीय समन्वय और SOP के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर


बैठक का प्रमुख उद्देश्य वस्त्र मंत्रालय के अंतर्गत उत्तराखंड में कार्यरत विभिन्न कार्यालयों के बीच बेहतर अंतर-विभागीय समन्वय स्थापित करना और क्षेत्रीय स्तर पर संचालित योजनाओं एवं गतिविधियों की नियमित समीक्षा सुनिश्चित करना रहा।


इस दौरान विभिन्न कार्यालयों के अधिकारियों एवं प्रतिनिधियों ने अपना परिचय देने के साथ-साथ संबंधित इकाइयों में संचालित कार्यों और गतिविधियों की प्रगति से जुड़ी जानकारियां एवं प्रस्तुतियां साझा कीं। बैठक में मासिक समन्वय बैठकों के नियमित और प्रभावी संचालन के लिए प्रस्तावित मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) पर भी विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।


अधिकारियों ने इस बात पर जोर दिया कि सभी संबंधित कार्यालयों के बीच नियमित संवाद, सूचनाओं का आदान-प्रदान और आपसी सहयोग को बढ़ावा दिया जाना आवश्यक है। निर्धारित SOP के अनुरूप कार्य करने से विभागीय गतिविधियों के संचालन में पारदर्शिता, बेहतर तालमेल और प्रभावशीलता सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।


क्षेत्रीय स्तर पर कार्यों की समीक्षा और सहयोग को मिलेगी मजबूती


बैठक में इस पहल को उत्तराखंड में वस्त्र मंत्रालय के अधीन विभिन्न कार्यालयों एवं संबद्ध संस्थानों के बीच कार्यात्मक समन्वय मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया गया। नियमित मासिक बैठकों के माध्यम से क्षेत्रीय गतिविधियों की प्रगति की समीक्षा, अनुभवों एवं संसाधनों का आदान-प्रदान तथा निर्धारित लक्ष्यों को हासिल करने के लिए सामूहिक प्रयासों को प्रोत्साहन मिलेगा।


बैठक के माध्यम से मंत्रालय के विभिन्न कार्यालयों के बीच बेहतर संवाद और सहयोग की व्यवस्था विकसित करने पर विशेष बल दिया गया, जिससे उत्तराखंड में रेशम उत्पादन, हथकरघा एवं हस्तशिल्प से संबंधित गतिविधियों के प्रभावी संचालन को गति मिल सके।

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