आपदा प्रभावित क्षेत्रों में पुनर्निर्माण कार्यों में तेजी लाने के निर्देश, सभी जिलों के अधिकारियों के साथ हुई समीक्षा बैठक
सड़क, पेयजल, स्कूलों और सिंचाई व्यवस्था को प्राथमिकता के आधार पर दुरुस्त करने के निर्देश; प्रभावित परिवारों तक समय पर राहत पहुंचाने पर जोर
YUGVARTA NEWS
Lucknow, 31 Oct, 2026 07:52 PMदेहरादून। उत्तराखंड में आपदा से प्रभावित क्षेत्रों में जनजीवन सामान्य बनाने और क्षतिग्रस्त परिसंपत्तियों की शीघ्र मरम्मत एवं पुनर्निर्माण को लेकर राज्य आपदा प्रबंधन सलाहकार समिति ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में समिति के उपाध्यक्ष विनय रुहेला एवं उपाध्यक्ष लेफ्टिनेंट कर्नल रघुवीर सिंह भंडारी ने प्रदेश के सभी जनपदों के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर आपदा से हुए नुकसान और राहत एवं पुनर्बहाली कार्यों की प्रगति का जायजा लिया।
बैठक में दोनों उपाध्यक्षों ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आपदा प्रभावित क्षेत्रों में आवश्यक सुविधाओं की बहाली और क्षतिग्रस्त परिसंपत्तियों के पुनर्निर्माण का कार्य प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूरा किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रभावित क्षेत्रों में जनजीवन सामान्य बनाना प्रशासन की प्राथमिकता होनी चाहिए और इसके लिए सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें।
बंद सड़कों को खोलने और पेयजल आपूर्ति बहाल करने पर जोर
समीक्षा बैठक में आपदा के कारण अवरुद्ध सड़कों की जनपदवार स्थिति की जानकारी ली गई। विनय रुहेला ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बंद मार्गों को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र यातायात के लिए खोला जाए। साथ ही क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत एवं पुनर्निर्माण कार्यों में तेजी लाई जाए।
उन्होंने कहा कि सड़क संपर्क बहाल होना प्रभावित क्षेत्रों तक आवश्यक सेवाएं पहुंचाने, राहत सामग्री की आपूर्ति और स्थानीय लोगों की आवाजाही के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। इसके साथ ही आपदा से क्षतिग्रस्त पेयजल योजनाओं की मरम्मत कर प्रभावित क्षेत्रों में जलापूर्ति जल्द सुचारू करने के निर्देश भी दिए गए।
बाढ़ सुरक्षा और पुनर्निर्माण प्रस्तावों में तेजी लाने के निर्देश
बैठक में बाढ़ सुरक्षा से जुड़े कार्यों की भी समीक्षा की गई। संवेदनशील क्षेत्रों में आवश्यक सुरक्षात्मक एवं पुनर्निर्माण कार्य समयबद्ध तरीके से पूरे करने को कहा गया। जिन कार्यों के लिए शासन से स्वीकृति आवश्यक है, उनके प्रस्ताव सभी जरूरी औपचारिकताएं पूरी कर तत्काल शासन को भेजने के निर्देश दिए गए, ताकि स्वीकृति प्रक्रिया में अनावश्यक विलंब न हो और कार्य समय पर शुरू किए जा सकें।
लेफ्टिनेंट कर्नल रघुवीर सिंह भंडारी ने कहा कि आपदा से क्षतिग्रस्त परिसंपत्तियों की मरम्मत और पुनर्निर्माण के लिए विभिन्न विभागों से प्राप्त प्रस्तावों का त्वरित परीक्षण किया जाए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को प्रस्तावों की समीक्षा और स्वीकृति की प्रक्रिया में प्रभावी समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए, जिससे पुनर्बहाली कार्यों को जल्द शुरू किया जा सके।
विद्यालयों की क्षतिग्रस्त इमारतों और मूलभूत सुविधाओं की होगी मरम्मत
बैठक में आपदा से प्रभावित विद्यालयों की स्थिति पर भी विशेष चर्चा हुई। अधिकारियों से क्षतिग्रस्त स्कूल भवनों के साथ-साथ पेयजल, शौचालय एवं अन्य बुनियादी सुविधाओं को हुए नुकसान की जानकारी ली गई। उपाध्यक्ष ने निर्देश दिए कि विद्यालयों में आवश्यक सुविधाओं को जल्द दुरुस्त किया जाए तथा क्षतिग्रस्त भवनों की मरम्मत एवं पुनर्निर्माण प्राथमिकता से कराया जाए, ताकि विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न हो और उन्हें सुरक्षित शैक्षणिक वातावरण मिल सके।
नहरों की मरम्मत और किसानों को राहत देने पर भी फोकस
आपदा से क्षतिग्रस्त नहरों की स्थिति की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को मरम्मत कार्य शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए गए। इसका उद्देश्य सिंचाई व्यवस्था को सुचारू बनाए रखना और किसानों को होने वाली असुविधा से बचाना है।
इसके अतिरिक्त, हाल के दिनों में हुई ओलावृष्टि से कृषि एवं अन्य क्षेत्रों में हुए नुकसान का भी संज्ञान लिया गया। अधिकारियों को प्रभावित क्षेत्रों में क्षति का आकलन शीघ्र पूरा करने और नियमानुसार प्रभावित लोगों को राहत एवं सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।
बैठक में कहा गया कि आपदा प्रभावित परिवारों तक समय पर सहायता पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है। इसके लिए सभी संबंधित विभाग संवेदनशीलता, तत्परता और आपसी समन्वय के साथ कार्य करें।
ये अधिकारी रहे मौजूद
बैठक में अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी (प्रशासन) प्रकाश चंद्र, अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी (क्रियान्वयन) एवं डीआईजी राजकुमार नेगी, संयुक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी दिनेश कुमार पुनेठा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।


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