उत्तराखंड में मौसम का अलर्ट: पांच जिलों में ऑरेंज और अन्य जनपदों में येलो अलर्ट, सीएम धामी ने अधिकारियों को किया सतर्क
आकाशीय बिजली, ओलावृष्टि और 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की आशंका; उच्च हिमालयी क्षेत्रों में पर्यटकों की आवाजाही नियंत्रित करने के निर्देश
YUGVARTA NEWS
Lucknow, 30 Oct, 2026 10:45 AMदेहरादून। उत्तराखंड में मौसम विभाग की चेतावनी के मद्देनजर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेशभर के प्रशासनिक और आपदा प्रबंधन से जुड़े अधिकारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। मौसम विभाग ने प्रदेश के पांच जनपदों में ऑरेंज अलर्ट और अन्य जनपदों में येलो अलर्ट जारी किया है। मुख्यमंत्री ने सभी जिलों में आपदा प्रबंधन की तैयारियां दुरुस्त रखने, संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी करने और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए राहत एवं बचाव दलों को तैयार रहने के निर्देश दिए हैं।
भारत मौसम विज्ञान विभाग, देहरादून की ओर से 30 अक्टूबर को जारी मौसम पूर्वानुमान के अनुसार नैनीताल, चंपावत, पिथौरागढ़, बागेश्वर और चमोली में कहीं-कहीं गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने, ओलावृष्टि तथा 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने की आशंका है। इन परिस्थितियों को देखते हुए संबंधित जनपदों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।
इसके अतिरिक्त पिथौरागढ़, बागेश्वर, नैनीताल और चंपावत में कहीं-कहीं भारी वर्षा होने की संभावना भी जताई गई है। वहीं प्रदेश के अन्य जनपदों में गरज-चमक और तेज हवाओं की आशंका के दृष्टिगत येलो अलर्ट जारी किया गया है।
संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी के निर्देश
मुख्यमंत्री धामी ने पर्वतीय क्षेत्रों में मौसम सामान्य होने तक ट्रेकिंग गतिविधियों को नियंत्रित रखने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि भूस्खलन की दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरती जाए और परिस्थितियों के अनुसार यातायात नियंत्रित किया जाए। सड़क मार्ग बाधित होने की स्थिति में संबंधित विभाग तत्काल मार्ग खोलने की कार्रवाई सुनिश्चित करें, ताकि लोगों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।
आईआरएस प्रणाली के तहत अधिकारी रहें हाई अलर्ट पर
मुख्यमंत्री ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि आपदा प्रबंधन की इंसिडेंट रिस्पांस सिस्टम (आईआरएस) के तहत नामित अधिकारी और विभिन्न विभागों के नोडल अधिकारी हाई अलर्ट पर रहें। राजस्व, ग्राम्य विकास और पंचायतीराज विभाग के अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में सक्रिय रहने को कहा गया है।
इसके साथ ही पुलिस, राज्य आपदा प्रतिवादन बल (एसडीआरएफ), अग्निशमन विभाग और अन्य बचाव दलों को आवश्यक उपकरणों एवं संसाधनों के साथ तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने पर भी जोर दिया।
उच्च हिमालयी क्षेत्रों में पर्यटकों की आवाजाही पर नियंत्रण
खराब मौसम और भारी बारिश की आशंका को देखते हुए मुख्यमंत्री ने उच्च हिमालयी क्षेत्रों में पर्यटकों की आवाजाही नियंत्रित करने के विशेष निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि पर्यटकों और स्थानीय नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। मौसम की स्थिति को देखते हुए प्रशासन आवश्यक एहतियाती कदम समय रहते उठाए।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि मौसम विभाग की चेतावनियों को गंभीरता से लिया जाए और किसी भी संभावित आपदा से निपटने के लिए सभी तैयारियां पहले से सुनिश्चित रहें। उन्होंने कहा कि प्रशासन की तत्परता, विभागों के बीच बेहतर समन्वय और समय पर राहत एवं बचाव कार्यों के माध्यम से किसी भी अप्रिय घटना को रोकने तथा प्रभावित लोगों तक तत्काल सहायता पहुंचाने के प्रयास किए जाएं।
आदित्य अमिताभ त्रिवेदी, युगवार्ता
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