SCBA चुनाव में प्रदीप कुमार राय की बड़ी जीत, बने सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष
822 वोट हासिल कर अनुपम लाल दास को हराया; राहुल कौशिक उपाध्यक्ष और प्रज्ञा बघेल सचिव निर्वाचित
YUGVARTA NEWS
Lucknow, 19 Aug, 2026 06:40 PMनई दिल्ली, 19 अगस्त। सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन (SCBA) के 2026 के चुनाव में वरिष्ठ अधिवक्ता प्रदीप कुमार राय ने अध्यक्ष पद पर जीत दर्ज की है। मंगलवार, 18 अगस्त को हुए चुनाव में राय को 822 वोट मिले। उन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी वरिष्ठ अधिवक्ता अनुपम लाल दास को स्पष्ट अंतर से हराया। दास को 451 वोट मिले।
प्रदीप कुमार राय अब वर्ष 2025-26 में SCBA के अध्यक्ष रहे वरिष्ठ अधिवक्ता विकास सिंह से अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी संभालेंगे।
अन्य पदों पर भी निर्वाचित हुए पदाधिकारी
SCBA के चुनाव में वरिष्ठ अधिवक्ता राहुल कौशिक को उपाध्यक्ष चुना गया है। वहीं अधिवक्ता प्रज्ञा बघेल सचिव, अधिवक्ता मुनीश दुबे संयुक्त सचिव और अधिवक्ता रीपक कंसल कोषाध्यक्ष निर्वाचित हुए हैं।
अध्यक्ष पद के लिए राय को मिले सबसे ज्यादा वोट
अध्यक्ष पद के लिए हुए चुनाव में प्रदीप कुमार राय को 822 वोट मिले। वहीं अनुपम लाल दास को 451, वरिष्ठ अधिवक्ता आदिश अग्रवाल को 412 और गौरव भाटिया को 370 वोट मिले।
इसके अलावा सुकुमार पट्टजोशी को 269, सिद्धार्थ मृदुल को 217 और महालक्ष्मी पावनी को 128 वोट प्राप्त हुए। अध्यक्ष पद के लिए महालक्ष्मी पावनी, मोहम्मद इज़हार आलम, आदिश अग्रवाल, गौरव भाटिया, अनुपम लाल दास, सुकुमार पट्टजोशी, सिद्धार्थ मृदुल और केएस चौहान समेत कई उम्मीदवार मैदान में थे।
शुरुआती आंकड़ों के अनुसार चुनाव में करीब 2,794 वोट पड़े और मतदान प्रतिशत लगभग 82 प्रतिशत रहा।
दो बार SCBA के उपाध्यक्ष रह चुके हैं राय
अध्यक्ष चुने जाने से पहले प्रदीप कुमार राय SCBA के उपाध्यक्ष के तौर पर लगातार दो कार्यकाल पूरे कर चुके हैं। वह 2021 और 2022 में एसोसिएशन के उपाध्यक्ष रहे।
राय सुप्रीम कोर्ट बार से जुड़े विभिन्न मामलों में सक्रिय रहे हैं। चुनाव प्रचार के दौरान उन्होंने अधिवक्ताओं के पेशेवर कल्याण, सुरक्षा और संस्थागत सुधार को प्रमुख मुद्दा बनाया था।
50 लाख रुपये के मेडिकल इंश्योरेंस का प्रस्ताव
चुनाव से पहले आयोजित प्रेसिडेंशियल डिबेट में राय ने SCBA सदस्यों के लिए 50 लाख रुपये के मेडिकल इंश्योरेंस कवर का प्रस्ताव रखा था। उन्होंने अधिवक्ताओं के पेशेवर हितों से जुड़े मुद्दों और मामलों की सीक्वेंसिंग व्यवस्था में सुधार की जरूरत पर भी अपनी बात रखी थी।
उनके चुनाव अभियान में अधिवक्ताओं के लिए बेहतर कल्याणकारी सुविधाएं, पेशेवर सुरक्षा और बार के भीतर अधिक समान कार्य वातावरण सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।



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