बिहार में बाढ़ का कहर, 16.85 लाख लोग प्रभावित
YUGVARTA NEWS
Lucknow, 6 Sep, 2026 09:16 PMनई दिल्ली, 06 सितंबर 2026 बिहार में नदियों के बढ़ते जलस्तर के चलते कई इलाकों में बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है। राज्य के 11 जिलों के 61 प्रखंडों की 300 ग्राम पंचायतों में करीब 16.85 लाख आबादी बाढ़ से प्रभावित हुई है। प्रशासन की ओर से प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव अभियान लगातार चलाया जा रहा है। लोगों की मदद के लिए 80 सामुदायिक रसोई केंद्र संचालित हैं, जहां अब तक करीब 1.21 लाख लोगों को भोजन उपलब्ध कराया गया है। वहीं, एक राहत शिविर में 326 लोगों के ठहरने, भोजन और चिकित्सा समेत जरूरी सुविधाओं की व्यवस्था की गई है। प्रभावित लोगों को तत्काल सहायता पहुंचाने के लिए करीब 45,900 पॉलीथिन शीट और 11,700 ड्राई राशन पैकेट वितरित किए जा चुके हैं। बाढ़ प्रभावित लोगों के सुरक्षित निष्क्रमण और आवागमन को आसान बनाने के लिए राज्य में 1,158 नावें संचालित की जा रही हैं। संभावित बाढ़ की स्थिति को देखते हुए अलग-अलग जिलों में SDRF की 27 और NDRF की 7 टीमों को भी तैनात किया गया है। जल संसाधन विभाग के रविवार सुबह 8 से 9 बजे तक के आंकड़ों के अनुसार गंगा का जलस्तर कई प्रमुख स्थानों पर खतरे के निशान से ऊपर है। बक्सर में नदी 0.08 मीटर ऊपर बह रही है, हालांकि वहां जलस्तर घट रहा है। पटना के दीघा घाट, गांधी घाट और हाथीदह में जलस्तर क्रमशः 1.54 मीटर, 1.96 मीटर और 1.74 मीटर खतरे के स्तर से ऊपर दर्ज किया गया। गांधी घाट पर जलस्तर स्थिर है, जबकि हाथीदह में बढ़ोतरी हुई है। मुंगेर में गंगा 0.51 मीटर ऊपर और बढ़ते रुझान में है। सुल्तानगंज में यह 2.01 मीटर और भागलपुर में 0.65 मीटर ऊपर दर्ज किया गया, जबकि कहलगांव में भी जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर बना हुआ है। प्रयागराज और वाराणसी में गंगा का जलस्तर फिलहाल चेतावनी स्तर से नीचे है। प्रयागराज में पानी बढ़ रहा है, जबकि वाराणसी में गिरावट दर्ज की गई है। 6 सितंबर सुबह 9 बजे सोन बराज, इंद्रपुरी से 2,27,739 क्यूसेक, कोसी बराज, वीरपुर से 1,68,400 क्यूसेक और गंडक बराज, वाल्मीकिनगर से 1,29,000 क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज दर्ज किया गया। सोन बराज में प्रवाह घट रहा है, जबकि कोसी और गंडक बराज से पानी का प्रवाह स्थिर बताया गया है। बिहार मौसम सेवा केंद्र के अनुसार अगले दो दिनों में राज्य के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है, जबकि कुछ स्थानों पर भारी वर्षा की भी संभावना है। बारिश और नदियों के जलस्तर में संभावित बढ़ोतरी को देखते हुए प्रशासन को अलर्ट पर रखा गया है। राज्य सरकार और जिला प्रशासन प्रभावित क्षेत्रों की लगातार निगरानी कर रहे हैं तथा जरूरत के अनुसार राहत सामग्री, नावों और बचाव दलों की तैनाती की जा रही है।



No Previous Comments found.