उत्तर प्रदेश दिवस पर ‘संस्कृति उत्सव’ से उभरेगी प्रदेश की कला पहचान, गांव से मंडल तक की प्रतिभाएं लखनऊ में दिखाएंगी हुनर

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Lucknow, 22 Jan, 2026 06:53 PM
उत्तर प्रदेश दिवस पर ‘संस्कृति उत्सव’ से उभरेगी प्रदेश की कला पहचान, गांव से मंडल तक की प्रतिभाएं लखनऊ में दिखाएंगी हुनर

लखनऊ | 22 जनवरी 2026 उत्तर प्रदेश दिवस के मौके पर प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत एक नए रंग और नई पहचान के साथ सामने आने जा रही है। लखनऊ स्थित राष्ट्र प्रेरणा स्थल पर होने वाले भव्य आयोजन में प्रदेश के कोने-कोने से चयनित कलाकार अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से लोक और शास्त्रीय कलाओं की समृद्ध परंपरा को जीवंत करेंगे। यह आयोजन इस बात का प्रतीक है कि अब प्रदेश की प्रतिभाएं सिर्फ गांव तक सीमित नहीं हैं, बल्कि राजधानी के बड़े मंच तक अपनी जगह बना रही हैं। इस उद्देश्य को लेकर संस्कृति विभाग द्वारा राज्य स्तरीय सांस्कृतिक प्रतियोगिता “हमारी संस्कृति - हमारी पहचान” (संस्कृति उत्सव 2025-26) का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता का पहला चरण 10 से 15 जनवरी 2026 तक ग्राम, पंचायत, ब्लॉक और तहसील स्तर पर हुआ। इसके बाद 17 से 19 जनवरी 2026 के बीच जनपद स्तर की प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। अंतिम चरण में 22 जनवरी 2026 को मंडल स्तर की प्रतियोगिताएं संपन्न हुईं, जिसमें प्रदेश के सभी 18 मंडलों से आए प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि इस बहुस्तरीय प्रतियोगिता का उद्देश्य प्रदेश की लोक एवं शास्त्रीय कलाओं को संरक्षित करने के साथ-साथ उन्हें नई पहचान देना है। उन्होंने “हमारी संस्कृति - हमारी पहचान” (संस्कृति उत्सव 2025-26) के विजयी प्रतिभागियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि इस मंच के जरिए 14 से 20 वर्ष के किशोर और 21 से 25 वर्ष के युवा कलाकारों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिला। प्रतिभागियों ने गायन, वादन, शास्त्रीय एवं उपशास्त्रीय नृत्य, लोक नृत्य, लोकनाट्य, सुगम संगीत, जनजातीय एवं लोक वाद्य यंत्र तथा काव्य पाठ जैसी विधाओं में अपनी कला का प्रदर्शन किया। मंत्री ने यह भी बताया कि चयनित कलाकारों को 24 से 26 जनवरी 2026 के बीच उत्तर प्रदेश दिवस समारोह के दौरान लखनऊ के राष्ट्र प्रेरणा स्थल में सम्मानित किया जाएगा और उन्हें पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे। यह आयोजन न केवल प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत को सहेजने का प्रयास है, बल्कि नवोदित प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का एक मजबूत मंच भी देता है। अपर मुख्य सचिव पर्यटन, संस्कृति एवं धर्मार्थ कार्य अमृत अभिजात ने कहा कि संस्कृति उत्सव 2025–26 ने यह साबित कर दिया है कि उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक प्रतिभाएं किसी भी मंच पर अपनी पहचान बनाने में सक्षम हैं। ग्राम स्तर से लेकर मंडल स्तर तक आयोजित इस प्रतियोगिता ने प्रदेश की कला और कलाकारों को एक सशक्त मंच दिया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में संस्कृति विभाग का यह प्रयास पारंपरिक कलाओं के संरक्षण के साथ-साथ नई पीढ़ी के कलाकारों को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक अहम कदम है। उत्तर प्रदेश दिवस के अवसर पर राष्ट्र प्रेरणा स्थल में होने वाली प्रस्तुतियां प्रदेश की सांस्कृतिक विविधता को उजागर करेंगी और कलाकारों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने का मार्ग भी प्रशस्त करेंगी। : उत्तर प्रदेश दिवस पर संस्कृति उत्सव बना पहचान का मंच, गांव से मंडल तक की प्रतिभाएं लखनऊ में दिखाएंगी कला का रंग उत्तर प्रदेश दिवस के अवसर पर प्रदेश की सांस्कृतिक धरोहर एक बार फिर नए जोश और आत्मविश्वास के साथ सामने आने जा रही है। लखनऊ स्थित राष्ट्र प्रेरणा स्थल पर आयोजित होने वाले भव्य कार्यक्रम में गांव से लेकर मंडल स्तर तक चुनी गई प्रतिभाएं अपनी प्रस्तुतियों के जरिए प्रदेश की लोक और शास्त्रीय कलाओं को जीवंत करेंगी। यह आयोजन प्रदेश की उस सांस्कृतिक ताकत को दिखाएगा, जो जड़ों से जुड़ी होने के साथ आगे बढ़ने की क्षमता भी रखती है। संस्कृति विभाग द्वारा आयोजित राज्य स्तरीय प्रतियोगिता “हमारी संस्कृति - हमारी पहचान” (संस्कृति उत्सव 2025-26) इसी उद्देश्य को लेकर कराई गई। 10 से 15 जनवरी 2026 तक ग्राम, पंचायत, ब्लॉक और तहसील स्तर पर प्रतियोगिताएं हुईं, इसके बाद 17 से 19 जनवरी तक जनपद स्तर पर चयन किया गया। 22 जनवरी 2026 को मंडल स्तर की प्रतियोगिता में प्रदेश के सभी 18 मंडलों से आए कलाकारों ने भाग लिया और अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि इस बहुस्तरीय आयोजन का मकसद प्रदेश की लोक एवं शास्त्रीय कलाओं को संरक्षण देने के साथ-साथ कलाकारों को आगे बढ़ने का अवसर देना है। उन्होंने कहा कि “हमारी संस्कृति - हमारी पहचान” (संस्कृति उत्सव 2025-26) के माध्यम से 14 से 20 वर्ष के किशोर और 21 से 25 वर्ष के युवा कलाकारों को गायन, वादन, शास्त्रीय एवं उपशास्त्रीय नृत्य, लोक नृत्य, लोकनाट्य, सुगम संगीत, जनजातीय व लोक वाद्य यंत्र और काव्य पाठ जैसी विधाओं में मंच मिला है। अपर मुख्य सचिव पर्यटन, संस्कृति एवं धर्मार्थ कार्य अमृत अभिजात ने कहा कि यह आयोजन साबित करता है कि उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक प्रतिभाएं किसी भी स्तर पर अपनी पहचान बना सकती हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में संस्कृति विभाग का यह प्रयास परंपरागत कलाओं को सहेजने के साथ नई पीढ़ी को प्रेरित कर रहा है। उत्तर प्रदेश दिवस के अवसर पर राष्ट्र प्रेरणा स्थल में होने वाली ये प्रस्तुतियां प्रदेश की सांस्कृतिक विविधता को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने की दिशा में एक मजबूत कदम होंगी।

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