बाढ़ प्रभावित इलाकों का CM योगी ने किया हवाई सर्वेक्षण, राहत कार्यों का लिया जायजा
YUGVARTA NEWS
Lucknow, 5 Oct, 2026 08:46 PMलखनऊ, 05 अक्टूबर 2026 लखनऊ में बाढ़ जैसे हालात के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण किया। इसके बाद उन्होंने बख्शी का तालाब पहुंचकर बाढ़ प्रभावित परिवारों से मुलाकात की और राहत सामग्री वितरित की। मुख्यमंत्री ने राहत एवं बचाव कार्यों में लगी टीमों से स्थिति की जानकारी ली और स्वास्थ्य विभाग के शिविर का भी जायजा लिया। उन्होंने कहा कि पिछले 10 दिनों में प्रदेश के 50 से अधिक जिलों में भारी बारिश हुई है, जिससे गोमती नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बने हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि गोमती नदी की बाढ़ से फैजुल्लागंज से नैमिष तक के इलाके को बचाने के लिए ग्रीन कॉरिडोर की तर्ज पर तटबंध बनाया जाएगा। तटबंध पर रास्ता भी बनेगा, जिससे यह बाढ़ से बचाव के साथ आवागमन के काम आएगा। मुख्यमंत्री ने बताया कि तटबंध को स्वीकृति दे दी गई है और धनराशि जारी कर मानसून समाप्त होने के बाद काम आगे बढ़ाया जाएगा। उन्होंने सिंचाई विभाग के प्रमुख सचिव को गोमती किनारे सर्वे कर तटबंध का प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए। साथ ही तटबंध के बाहर बारिश का पानी जमा न हो, इसके लिए पंपिंग सेट लगाने की व्यवस्था करने को कहा। बाढ़ प्रभावित परिवारों को चावल, दाल, आटा, चना और तिरपाल समेत 26 जरूरी वस्तुओं की राहत सामग्री दी जा रही है। मुख्यमंत्री ने प्रभावित लोगों को खुले में रहने के बजाय स्कूलों और मैरिज हॉल में बनाए गए राहत शिविरों में ठहराने के निर्देश दिए हैं। शिविरों में दोनों समय गर्म भोजन, बच्चों के लिए दूध और गर्भवती महिलाओं के लिए पोषक आहार की व्यवस्था होगी। पशुओं के लिए सूखे भूसे के साथ चोकर भी उपलब्ध कराया जाएगा। सांप-बिच्छू के खतरे को देखते हुए स्वास्थ्य केंद्रों पर एंटी स्नेक वेनम और जानवरों के काटने पर एंटी रेबीज इंजेक्शन उपलब्ध रखने के निर्देश दिए गए हैं। राहत शिविरों में बिजली की समस्या होने पर पेट्रोमैक्स या सोलर लाइट की व्यवस्था की जाएगी। घर छोड़कर शिविरों में पहुंचे परिवारों की संपत्ति की सुरक्षा के लिए गांव के चौकीदार, होमगार्ड, पीआरडी और पुलिसकर्मी रात में पेट्रोलिंग करेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि बाढ़ में डूबने या आकाशीय बिजली से जनहानि होने पर परिवार को तत्काल ₹4 लाख की सहायता दी जाएगी। बारिश से मकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त होने पर पात्र परिवार को प्रधानमंत्री या मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत घर मिलेगा, जबकि पशुहानि की भी भरपाई की जाएगी। राहत एवं बचाव कार्यों के बाद फसलों का सर्वे कर किसानों को नुकसान का मुआवजा दिया जाएगा।



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