यूपीआईटीएस-2026 ने दुनिया के सामने रखी उत्तर प्रदेश की नई आर्थिक तस्वीर

आयोजन ने उत्तर प्रदेश की बदलती औद्योगिक और कारोबारी तस्वीर को देश-दुनिया के सामने प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया, एक ही मंच पर नजर आये ओडीओपी से लेकर स्टार्टअप, एमएसएमई, निर्यातक इकाइयां, युवा उद्यमी और बड़े औद्योगिक समूह

YUGVARTA NEWS

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Lucknow, 30 Sep, 2026 10:26 PM
यूपीआईटीएस-2026 ने दुनिया के सामने रखी उत्तर प्रदेश की नई आर्थिक तस्वीर

ग्रेटर नोएडा, 30 सितंबर। पांच दिनों तक देश-दुनिया के कारोबारियों, निवेशकों, खरीदारों, उद्यमियों और आमजन से गुलजार रहा उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो-2026 अब भले ही संपन्न हो चुका है, लेकिन इसके जरिए उत्तर प्रदेश के उत्पादों, उद्यमिता, निवेश संभावनाओं और सांस्कृतिक विरासत को मिला वैश्विक मंच आने वाले समय में प्रदेश की कारोबारी गतिविधियों को नई दिशा देता दिखाई देगा। 25 से 29 सितंबर तक इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट, ग्रेटर नोएडा में आयोजित यूपीआईटीएस-2026 ने उत्तर प्रदेश की बदलती औद्योगिक और कारोबारी तस्वीर को देश-दुनिया के सामने प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया। पांच दिवसीय आयोजन में 5.99 लाख से अधिक आगंतुकों की मौजूदगी रही। देश-विदेश के खरीदारों और प्रदेश के उद्यमियों के बीच 41,500 से अधिक बी2बी बैठकें हुईं, जबकि विभिन्न क्षेत्रों में करीब 4,400 एमओयू हुए। इन कारोबारी समझौतों और चर्चाओं से लगभग ₹6,500 करोड़ के निवेश प्रस्ताव तथा ₹15,500 करोड़ के संभावित कारोबार की संभावनाएं सामने आईं। इस तरह यूपीआईटीएस प्रदेश के उत्पादों को बाजार से और उद्यमियों को वैश्विक खरीदारों से जोड़ने वाले प्रभावी मंच के रूप में उभरा।


लोकल उत्पादों से ग्लोबल बाजार तक पहुंची यूपी की पहचान-


यूपीआईटीएस में उत्तर प्रदेश के पारंपरिक उत्पादों और आधुनिक उद्योगों का ऐसा संगम देखने को मिला, जिसमें एक जिला, एक उत्पाद (ओडीओपी) से लेकर स्टार्टअप, एमएसएमई, निर्यातक इकाइयों, युवा उद्यमियों और बड़े औद्योगिक समूहों तक को एक ही मंच मिला। प्रदेश के अलग-अलग जिलों की विशिष्ट पहचान वाले उत्पादों ने विदेशी खरीदारों और निवेशकों का ध्यान आकर्षित किया। ट्रेड शो ने यह भी दिखाया कि उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था में पारंपरिक कारीगरी और आधुनिक तकनीक साथ-साथ आगे बढ़ रही हैं। हस्तशिल्प, हथकरघा, खाद्य प्रसंस्करण और कृषि आधारित उत्पादों के साथ इलेक्ट्रॉनिक्स, तकनीक, स्टार्टअप और अन्य उभरते क्षेत्रों की मौजूदगी ने प्रदेश की अर्थव्यवस्था की व्यापक तस्वीर पेश की।


बी2बी बैठकों ने खोले नए कारोबारी रास्ते-


यूपीआईटीएस का सबसे महत्वपूर्ण पक्ष इसकी कारोबारी गतिविधियां रहीं। पांच दिनों में हुई हजारों बी2बी बैठकों में खरीदारों और विक्रेताओं के बीच सीधे संवाद के साथ उत्पादों की गुणवत्ता, बाजार, आपूर्ति, निर्यात और कारोबारी साझेदारी जैसे विषयों पर चर्चा हुई। इससे प्रदेश के उद्यमियों को संभावित खरीदारों तक सीधे पहुंच बनाने का अवसर मिला।  41,500 से अधिक बी2बी बैठकें आयोजन के उस कारोबारी पक्ष को सामने लाती हैं, जिसने यूपीआईटीएस को केवल उत्पाद प्रदर्शन की जगह वास्तविक व्यापारिक संपर्क का मंच बनाया।


छह पार्टनर देशों ने बढ़ाया अंतरराष्ट्रीय आयाम-


इस वर्ष वियतनाम, जापान, सिंगापुर, रूस, ऑस्ट्रिया और बेलारूस पार्टनर देशों के रूप में यूपीआईटीएस से जुड़े। इन देशों के प्रतिनिधियों और कारोबारियों की भागीदारी से उत्तर प्रदेश के उद्यमियों को अंतरराष्ट्रीय बाजार और निवेशकों के साथ संवाद का अवसर मिला। विदेशी प्रतिनिधिमंडलों और खरीदारों की मौजूदगी ने प्रदेश की कारोबारी संभावनाओं को वैश्विक परिप्रेक्ष्य में प्रस्तुत किया।


ओडीओसी ने दुनिया को चखाया यूपी का स्वाद-


यूपीआईटीएस में वन डिस्ट्रिक्ट वन कुजीन (ओडीओसी) के माध्यम से उत्तर प्रदेश की समृद्ध खानपान परंपरा को भी वैश्विक मंच मिला। प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों के पारंपरिक व्यंजनों और खानपान की विरासत को अलग-अलग जोन में प्रस्तुत किया गया। मास्टर शेफ कक्षाओं और लाइव प्रस्तुतियों ने आगंतुकों को उत्तर प्रदेश के स्वाद और उसकी सांस्कृतिक विविधता से रूबरू कराया।


युवा उद्यमिता और कौशल को भी मिला मंच-


सीएम युवा एक्सपो और कौशल विकास से जुड़े पवेलियनों में प्रदेश के युवाओं की उद्यमशीलता, नवाचार और कौशल क्षमता दिखाई दी। युवा उद्यमियों को अपने उत्पादों की बिक्री के साथ संभावित खरीदारों और कारोबारियों से सीधे संवाद का अवसर मिला। स्टार्टअप्स और तकनीक आधारित उद्यमों ने भी अपने नवाचारों के जरिए बदलते उत्तर प्रदेश की तस्वीर पेश की।


इन्वेस्ट यूपी पवेलियन में निवेश पर हुआ संवाद-


इन्वेस्ट यूपी पवेलियन में निवेशकों, विदेशी प्रतिनिधियों और प्रदेश के उद्यमियों के बीच विभिन्न क्षेत्रों में निवेश की संभावनाओं पर संवाद हुआ। 36 विदेशी प्रदर्शकों और 100 अंतरराष्ट्रीय खरीदारों की भागीदारी ने निवेश एवं व्यापारिक संपर्कों को और व्यापक बनाया। विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों में उपलब्ध अवसरों और प्रदेश की कारोबारी सुविधाओं को निवेशकों के सामने रखा गया।


कारोबार के साथ संस्कृति और विरासत का भी प्रदर्शन-


यूपीआईटीएस केवल व्यापार और निवेश का मंच नहीं रहा। पांच दिनों के दौरान प्रदेश की लोककला, संगीत, संस्कृति, खानपान और हस्तशिल्प ने भी देश-विदेश से आए आगंतुकों का ध्यान खींचा। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने कारोबार के इस बड़े आयोजन को उत्तर प्रदेश की विविध सांस्कृतिक विरासत से जोड़ दिया।


यूपीआईटीएस की उपलब्धियां छोड़ गईं आगे की संभावनाएं-


यूपीआईटीएस-2026 के समापन के साथ पांच दिवसीय आयोजन भले समाप्त हो गया हो, लेकिन 4,400 एमओयू, 41,500 से अधिक बी2बी बैठकें, 5.99 लाख से अधिक फुटफॉल और हजारों कारोबारी संपर्क इसके आगे के प्रभाव की आधारभूमि तैयार कर चुके हैं। स्थानीय उत्पादों को वैश्विक बाजार, युवाओं को उद्यमिता, उद्यमियों को खरीदार और निवेशकों को नए अवसरों से जोड़ते हुए यूपीआईटीएस-2026 ने उत्तर प्रदेश की आर्थिक क्षमता को एक व्यापक मंच पर प्रदर्शित किया।

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