अयोध्या दीपोत्सव: सरयू तट पर 2100 से अधिक लोग करेंगे सामूहिक महाआरती
7 नवंबर को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में होगा भव्य आयोजन, 700 से अधिक बटुक करेंगे मंत्रोच्चार; दलित और निषाद समाज की महिलाएं भी बनेंगी सहभागी
YUGVARTA NEWS
Lucknow, 4 Nov, 2026 11:59 PMअयोध्या, 4 नवंबर। रामनगरी अयोध्या में दीपोत्सव-2026 के अवसर पर सरयू तट पर भव्य सामूहिक महाआरती का आयोजन किया जाएगा। आगामी 7 नवंबर को होने वाली इस आरती में 2100 से अधिक लोग एक साथ हिस्सा लेकर नया कीर्तिमान स्थापित करने की तैयारी में हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम को लेकर तैयारियां तेज कर दी गई हैं। सरयू घाट पर संस्कृत विद्यालयों के बटुक नियमित रूप से आरती का पूर्वाभ्यास कर रहे हैं।
आयोजन के दौरान सभी प्रतिभागी एकरूप वेशभूषा में निर्धारित क्रम और लय के साथ मां सरयू की आरती करेंगे। दीपोत्सव के मुख्य आकर्षणों में शामिल होने जा रही यह सामूहिक आरती अयोध्या की धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं की भव्य झलक प्रस्तुत करेगी।
दलित और निषाद समाज की महिलाएं भी निभाएंगी सहभागिता
अयोध्या के महापौर गिरीश पति त्रिपाठी ने बताया कि सामूहिक सरयू आरती में समाज के विभिन्न वर्गों की महिलाओं को सहभागी बनाने का प्रयास किया जा रहा है। इसमें दलित और निषाद समुदाय की महिलाओं के साथ समाजसेवी महिलाएं, संस्कृतिकर्मी और संस्कृत विद्यालयों के बटुक भी शामिल होंगे।
उन्होंने कहा कि इस आयोजन का उद्देश्य विभिन्न समुदायों को अयोध्या की आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत से जोड़ना और उन्हें अपनी परंपराओं के संरक्षण में सहभागी बनाना है। मुख्यमंत्री की उपस्थिति में जब सभी महिलाएं एक जैसी वेशभूषा में समन्वित तरीके से आरती करती हैं, तो सरयू तट का दृश्य विशेष आकर्षण का केंद्र बन जाता है।
700 से अधिक बटुक करेंगे मंत्रोच्चार, चल रहा पूर्वाभ्यास
श्री निःशुल्क गुरुकुल महाविद्यालय के गुरु राजेश शुक्ला ने बताया कि सामूहिक सरयू आरती में विभिन्न संस्कृत विद्यालयों के 700 से अधिक बटुक हिस्सा लेंगे। इसके लिए उन्हें नियमित अभ्यास कराया जा रहा है। आरती के दौरान सभी बटुक निर्धारित क्रम में मंत्रोच्चार के साथ अनुष्ठान संपन्न करेंगे।
बटुक प्रवीण मिश्रा ने कहा कि दीपोत्सव जैसे आयोजनों के माध्यम से नई पीढ़ी को भारतीय परंपराओं और संस्कृति से जोड़ने का अवसर मिल रहा है। उन्होंने कहा कि अयोध्या में धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों के विस्तार से यहां की विरासत को व्यापक पहचान मिल रही है।
दीपोत्सव की भव्यता में चार चांद लगाएगी सरयू महाआरती
सरयू नदी को अयोध्या की धार्मिक और आध्यात्मिक पहचान का महत्वपूर्ण आधार माना जाता है। भगवान श्रीराम की नगरी में सरयू आरती का विशेष धार्मिक महत्व है। दीपोत्सव के अवसर पर 2100 से अधिक लोगों की सामूहिक भागीदारी के साथ होने वाला यह आयोजन श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए विशेष आकर्षण रहेगा।
सामूहिक आरती के जरिए धार्मिक परंपराओं के संरक्षण, सामाजिक सहभागिता और सांस्कृतिक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।


No Previous Comments found.