पश्चिमी उत्तर प्रदेश को मिली नई सौगात, 240.40 करोड़ रुपए से होगा मेरठ ITI क्लस्टर का कायाकल्प
मेरठ में आईटीआई क्लस्टर के लिए स्ट्रैटेजिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIP) को मिली मंज़ूरी, PM – SETU के तहत युवाओं को मिलेंगे रोजगार, अप्रेंटिसशिप और प्रशिक्षण के नए अवसर
YUGVARTA NEWS
Lucknow, 10 Sep, 2026 02:22 PM9 सितंबर 2026 l कौशल विकास और उद्यमशीलता मंत्रालय (MSDE) की सचिव देवश्री मुखर्जी की अध्यक्षता में आज प्रधानमंत्री स्किलिंग एंड एम्प्लॉयबिलिटी ट्रांसफॉर्मेशन थ्रू अपग्रेडेड आईटीआई (PM-SETU) की 5वीं नेशनल स्टीयरिंग कमिटी (NSC) की महत्वपूर्ण बैठक हुई। इस बैठक में, पश्चिमी उत्तर प्रदेश के इंडस्ट्रियल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट (ITI) इकोसिस्टम में बदलाव की रफ़्तार को बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया। नेशनल स्टीयरिंग कमिटी ने मेरठ आईटीआई क्लस्टर के लिए स्ट्रैटेजिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIP) को मंजूरी दी है, जिसकी कुल लागत 240.40 करोड़ रुपए है।
इस पहल के क्रियान्वयन में राष्ट्रीय कौशल विकास निगम (NSDC) की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। इस क्लस्टर में मेरठ के साकेत स्थित सरकारी आईटीआई को 'हब' बनाया गया है, जबकि गाज़ियाबाद, हापुड़, गौतम बुद्ध नगर और बागपत के सरकारी आईटीआई को 'स्पोक' के तौर पर शामिल किया गया है।
इस बैठक में डायरेक्टरेट जनरल ऑफ़ ट्रेनिंग (डीजीटी) के डायरेक्टर जनरल, एमएसडीई के जॉइंट सेक्रेटरी, मंत्रालय की अपर सचिव एवं वित्तीय सलाहकार, कौशल विकास और उद्यमशीलता मंत्रालय, भारत सरकारऔर राज्य सरकारों के वरिष्ठ अधिकारी, मल्टीलेटरल डेवलपमेंट बैंकों के प्रतिनिधि और इंडस्ट्री पार्टनर शामिल हुए।
कौशल विकास और उद्यमशीलता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) तथा शिक्षा राज्य मंत्री जयन्त चौधरी के मार्गदर्शन में पश्चिमी उत्तर प्रदेश में आईटीआई के इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। 240.40 करोड़ रुपए की लागत से प्रस्तावित इस पहल का उद्देश्य पश्चिमी उत्तर प्रदेश के आईटीआई इकोसिस्टम को अपग्रेड करना है। इससे युवाओं को उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप कौशल प्रशिक्षण दिया जा सकेगा। इस पहल से पश्चिमी उत्तर प्रदेश के युवाओं के लिए रोजगार, अप्रेंटिसशिप और करियर के नए अवसर तैयार होंगे। इतना ही नहीं, इससे स्थानीय युवाओं को अपने ही क्षेत्र में बेहतर प्रशिक्षण और रोजगार से जुड़ने के नए अवसर भी प्राप्त होंगे।
इस पहल के द्वारा 'हब-एंड-स्पोक क्लस्टर मॉडल' के ज़रिए सरकारी आईटीआई में बदलाव लाना है। इससे आईटीआई इंफ्रास्ट्रक्चर को आधुनिक बनाने, मौजूदा ट्रेड को अपग्रेड करने, नए लॉन्ग-टर्म और शॉर्ट-टर्म कोर्स शुरू करने और ऑपरेशनल क्षमताओं को मजबूत करने में मदद मिलेगी।
मेरठ आईटीआई क्लस्टर पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कौशल विकास, आधुनिक प्रशिक्षण और रोजगार के अवसरों के एक नए केंद्र के रूप में उभरने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के विकास की नई कहानी कौशल और रोजगार के साथ लिखी जाएगी।
PM-SETU के बारे में
'प्रधानमंत्री स्किलिंग एंड एम्प्लॉयबिलिटी ट्रांसफॉर्मेशन थ्रू अपग्रेडेड आईटीआई (PM-SETU) भारत सरकार की एक फ्लैगशिप योजना है। इसका उद्देश्य इंडस्ट्री पार्टनरशिप, आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर, बेहतर ट्रेनिंग प्रोग्राम और रोज़गार की बेहतर संभावनाओं के ज़रिए आईटीआई इकोसिस्टम में बदलाव लाना है।
यह योजना उद्योगों के नेतृत्व वाले और क्लस्टर-आधारित तरीके को अपनाती है जिसमें एक हब आईटीआई को स्पोक आईटीआई के नेटवर्क से मदद मिलती है, जिससे कोऑर्डिनेटेड इन्वेस्टमेंट, मॉडर्नाइज़ेशन और इंडस्ट्री-संबंधी स्किल्स देने में आसानी होती है।



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