मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना: योगी सरकार में 22 हजार से ज्यादा बेटियों का बसा घर, पीलीभीत अव्वल

22,419 बेटियों के घर बजी शहनाई, फिजूलखर्ची और कुरीतियों पर लगी लगाम, सीधे खाते में पहुंची सहायता राशि, गरीब परिवारों को मिला बड़ा सहारा, शत-प्रतिशत पात्र परिवारों तक लाभ पहुंचाने में जुटा समाज कल्याण विभाग

YUGVARTA NEWS

YUGVARTA NEWS

Lucknow, 15 Oct, 2026 06:44 PM
मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना: योगी सरकार में 22 हजार से ज्यादा बेटियों का बसा घर, पीलीभीत अव्वल

लखनऊ, 15 अक्टूबर। उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार जरूरतमंद परिवारों की बेटियों का घर बसाने और उन्हें सम्मानजनक जीवन देने के अपने संकल्प को निरंतर सिद्ध कर रही है। प्रदेश में संचालित मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना निर्धन व जरूरतमंद परिवारों के लिए वरदान साबित हो रही है। प्रदेश भर में इस कल्याणकारी योजना के तहत अब तक कुल 22,419 जोड़ों का विवाह संपन्न कराया जा चुका है। सरकार की पारदर्शी कार्यप्रणाली और सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी इस पहल ने समाज के अंतिम पायदान पर खड़े परिवारों की बेटियों के विवाह की चिंता पूरी तरह दूर कर दी है।


22,419 बेटियों के घर बजी शहनाई, पीलीभीत ने मारी बाजी-


प्रदेश में कुल 22,419 जोड़ों का विवाह सामूहिक आयोजनों के माध्यम से धूमधाम व विधि-विधान से कराया गया है। इस अभियान में तराई का जिला पीलीभीत सबसे आगे रहा, जहां सर्वाधिक 1,271 बेटियों का विवाह संपन्न कराया गया। योजना के सफल क्रियान्वयन से न केवल फिजूलखर्ची और दहेज जैसी कुरीतियों पर लगाम लग रही है, बल्कि सर्वधर्म समभाव और सामाजिक समरसता की अनूठी मिसाल भी देखने को मिल रही है।


बेटी का विवाह अब चिंता नहीं, निर्धन परिवारों को मिला आर्थिक संबल-


योगी सरकार ने इस योजना के माध्यम से गरीब कन्याओं के विवाह में आने वाली आर्थिक अड़चनों को जड़ से समाप्त किया है। योजना के अंतर्गत नवदंपति को गृहस्थी स्थापित करने के लिए आवश्यक उपहार, वधू के बैंक खाते में सीधी आर्थिक सहायता तथा भव्य आयोजन की व्यवस्था सरकार द्वारा की जाती है। सीधे बैंक खाते में राशि जाने से पूरी प्रक्रिया पारदर्शी बनी है और बिचौलियों की भूमिका शून्य हो गई है।


पात्र परिवारों तक शत-प्रतिशत लाभ पहुंचाना ही प्राथमिकता-


समाज कल्याण विभाग के निदेशक संजीव सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की स्पष्ट मंशा है कि प्रदेश का कोई भी निर्धन परिवार अपनी बेटी के विवाह को लेकर आर्थिक तंगी का सामना न करे। शासन के निर्देशानुसार सभी जनपदों में पारदर्शी तरीके से सत्यापन कर पात्र कन्याओं का सामूहिक विवाह कराया जा रहा है। वित्तीय वर्ष 2026- 27 में अब तक 22,419 शादियां सफलता पूर्वक संपन्न कराई जा चुकी हैं। जिन जिलों में कार्यक्रम शेष हैं, वहां भी तिथियां निर्धारित कर शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल किया जाएगा।

सर्वाधिक पसंद

Leave a Reply

comments

Loading.....
  1. No Previous Comments found.

kitkat ad