चकबंदी को लेकर योगी सरकार ने दिखाई तेजी, 13 गांव प्रक्रिया से नियमानुसार अलग

जमीन से जुड़े मामलों का समयबद्ध निस्तारण होने से किसानों को मिली बड़ी राहत

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Lucknow, 18 Sep, 2026 08:34 PM
चकबंदी को लेकर योगी सरकार ने दिखाई तेजी, 13 गांव प्रक्रिया से नियमानुसार अलग

लखनऊ, 18 सितंबर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर प्रदेश में लंबित चकबंदी प्रक्रिया को जल्द पूरा कराने की कार्रवाई तेज कर दी गई है। इसका उद्देश्य किसानों को सरकार की योजनाओं का लाभ दिलाने के साथ उनकी जमीन से जुड़े मामलों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करना है।


चकबंदी आयुक्त डॉ. हृषिकेश भास्कर यशोद के निर्देश पर छह जिलों के 13 गांवों को जोत चकबंदी अधिनियम की धारा-6(1) के तहत चकबंदी प्रक्रिया से अलग किया गया है। इनमें मैनपुरी का भांती गांव 35 वर्षों से चकबंदी प्रक्रिया में था। बदायूं का सिरतौल गांव 14 वर्ष, उन्नाव के दरौली, पीखी, सर्लीद और निहालपुर व लखनऊ के शिवपुरी गांव 12 वर्ष से प्रक्रिया में थे। बरेली का कादरगंज 10 वर्ष से चकबंदी प्रक्रिया में लंबित था। इसके अलावा बिजनौर के हसनअलीपुर व बैबलवाला और बदायूं के बक्सेना व इमलिया गांवों को भी प्रक्रिया से अलग किया गया है। इन गांवों में चकबंदी प्रक्रिया आगे बढ़ने में विभिन्न कारणों से दिक्कत आ रही थी। इनमें गांवों का विकास योजना में आना, नदी के कटान से प्रभावित होना, चकबंदी योग्य क्षेत्रफल 40 प्रतिशत से कम होना, औद्योगिक विकास क्षेत्र में शामिल होना जैसे अन्य कारण शामिल हैं।


वहीं, मुजफ्फरनगर के पीपलशाह गांव में 16 वर्षों से लंबित चकबंदी प्रक्रिया को काफी प्रयासों के बाद जोत चकबंदी अधिनियम की धारा-52(1) के तहत पूरा कर लिया गया है। इससे लंबे समय से लंबित मामलों के निस्तारण की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है।

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