दीपावली से पहले योगी सरकार का कर्मचारियों को बड़ा तोहफा, 30 दिन के बोनस को मिली मंजूरी
वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए योगी सरकार ने जारी किया शासनादेश, अराजपत्रित राज्य कर्मचारियों से लेकर शिक्षण संस्थानों, स्थानीय निकायों और जिला पंचायतों के पात्र कर्मचारियों को मिलेगा तदर्थ बोनस, बोनस की 25 प्रतिशत राशि का होगा नकद भुगतान, 75 प्रतिशत भविष्य निधि में होगी जमा
YUGVARTA NEWS
Lucknow, 5 Nov, 2026 10:27 PMलखनऊ, 5 नवंबर। दीपावली से पहले योगी सरकार ने राज्य कर्मचारियों को बड़ा उपहार दिया है। प्रदेश सरकार ने राज्य कर्मचारियों को वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए 30 दिन का तदर्थ बोनस देने का निर्णय लिया है। वित्त विभाग ने गुरुवार को इस संबंध में शासनादेश जारी कर दिया। इसके तहत पात्र अराजपत्रित राज्य कर्मचारियों को अधिकतम 6,908 रुपये का बोनस मिलेगा। सरकार ने राज्य कर्मचारियों के साथ सहायता प्राप्त शिक्षण एवं प्राविधिक शिक्षण संस्थानों, स्थानीय निकायों, जिला पंचायतों, राजकीय विभागों के कार्यभारित कर्मचारियों और निर्धारित शर्तें पूरी करने वाले दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को भी बोनस के दायरे में रखा है।
वेतन मैट्रिक्स लेवल-8 तक के कर्मचारियों को मिलेगा लाभ-
शासनादेश के अनुसार, तदर्थ बोनस का लाभ उन पूर्णकालिक अराजपत्रित कर्मचारियों को मिलेगा, जिनके धारित पद का वेतन मैट्रिक्स लेवल-8 अर्थात 47,600 से 1,51,100 रुपये तक है। अपुनरीक्षित वेतनमान में 4,800 रुपये ग्रेड पे तक के पदों पर कार्यरत कर्मचारी भी इसके पात्र होंगे। विशेष बात यह है कि वित्तीय स्तरोन्नयन के कारण किसी कर्मचारी को उच्च वेतन मैट्रिक्स लेवल मिल गया है, तब भी उसके मूल धारित पद की पात्रता के आधार पर बोनस दिया जाएगा।
अधिकतम 6,908 रुपये बोनस, 7,000 रुपये की सीमा पर होगी गणना-
योगी सरकार ने बोनस की गणना के लिए अधिकतम मासिक परिलब्धियों की सीमा 7,000 रुपये निर्धारित की है। शासनादेश के मुताबिक 31 मार्च 2026 को ग्राह्य परिलब्धियों के आधार पर 30 दिन के बोनस की गणना होगी। इसके लिए एक महीने में औसतन 30.4 दिन माने जाएंगे। इस प्रकार 7,000 रुपये को आधार मानने पर 30 दिन का बोनस 6,907.89 रुपये बनता है, जिसे पूर्णांकित करके 6,908 रुपये दिया जाएगा। जिन कर्मचारियों की ग्राह्य मासिक परिलब्धियां निर्धारित सीमा से कम हैं, उनका बोनस वास्तविक परिलब्धियों के आधार पर तय होगा।
31 मार्च तक एक वर्ष की निरंतर सेवा जरूरी-
बोनस के लिए सरकार ने सेवा अवधि की शर्त भी निर्धारित की है। सामान्य पात्र कर्मचारियों को इसका लाभ तभी मिलेगा, जब उन्होंने 31 मार्च 2026 तक एक वर्ष की निरंतर सेवा पूरी कर ली हो। इस व्यवस्था के तहत निर्धारित वेतन स्तर और अन्य पात्रता शर्तें पूरी करने वाले कर्मचारियों को ही वित्तीय वर्ष 2025-26 का बोनस दिया जाएगा।
दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को अधिकतम 1,184 रुपये बोनस-
योगी सरकार ने दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों के लिए भी बोनस की व्यवस्था की है। छह कार्यदिवसीय सप्ताह वाले कार्यालयों में लगातार तीन वर्ष या उससे अधिक समय तक कार्य करने वाले और प्रत्येक वर्ष कम से कम 240 दिन की सेवा देने वाले कर्मचारी इसके पात्र होंगे। पांच कार्यदिवसीय सप्ताह वाले कार्यालयों में प्रत्येक वर्ष कम से कम 206 दिन कार्य करने की शर्त रखी गई है। ऐसे कर्मचारियों के लिए अधिकतम मासिक परिलब्धि 1,200 रुपये मानकर बोनस की गणना की जाएगी, जिससे अधिकतम 1,184 रुपये मिलेंगे। वास्तविक मासिक परिलब्धियां कम होने पर बोनस भी उसी अनुपात में निर्धारित होगा।
दैनिक वेतनभोगी से नियमित बने कर्मचारियों को भी राहत-
शासनादेश में ऐसे कर्मचारियों के लिए भी प्रावधान किया गया है, जो पहले दैनिक वेतनभोगी के रूप में कार्यरत थे और बाद में पूर्णकालिक कर्मचारी बने। यदि उन्होंने 31 मार्च 2026 तक नियमित पूर्णकालिक सेवा का एक वर्ष पूरा नहीं किया है, लेकिन दैनिक वेतनभोगी और पूर्णकालिक सेवा की संयुक्त अवधि तीन वर्ष या उससे अधिक है तथा निर्धारित वार्षिक कार्यदिवसों की शर्त पूरी होती है, तो उन्हें भी बोनस का लाभ मिल सकेगा।
बोनस की 25 प्रतिशत राशि नकद, 75 प्रतिशत भविष्य निधि में-
शासनादेश के अनुसार, पात्र कर्मचारियों को स्वीकृत बोनस की 25 प्रतिशत राशि नकद दी जाएगी, जबकि शेष 75 प्रतिशत राशि संबंधित कर्मचारी के भविष्य निधि खाते में जमा होगी। जो कर्मचारी भविष्य निधि के सदस्य नहीं हैं, उनके हिस्से की यह राशि राष्ट्रीय बचत प्रमाणपत्र (एनएससी) के रूप में दी जाएगी अथवा सार्वजनिक भविष्य निधि (पीपीएफ) में जमा की जाएगी। इस व्यवस्था का उद्देश्य कर्मचारियों को तत्काल आर्थिक लाभ देने के साथ उनकी बचत को भी बढ़ावा देना है।
सेवानिवृत्त कर्मचारियों को पूरी बोनस राशि नकद-
सरकार ने सेवानिवृत्त कर्मचारियों को बोनस भुगतान में विशेष राहत दी है। जो पात्र कर्मचारी 31 मार्च 2026 के बाद अधिवर्षता आयु पर सेवानिवृत्त हो चुके हैं अथवा 30 अप्रैल 2027 तक सेवानिवृत्त होने वाले हैं, उन्हें बोनस की पूरी स्वीकृत राशि नकद दी जाएगी। ऐसे कर्मचारियों पर 75 प्रतिशत राशि भविष्य निधि में जमा करने की सामान्य व्यवस्था लागू नहीं होगी।
अनुशासनात्मक कार्रवाई में दोषी कर्मचारियों को नहीं मिलेगा बोनस-
शासनादेश में स्पष्ट किया गया है कि वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई या आपराधिक मुकदमे में दंडित कर्मचारियों को उस वर्ष का तदर्थ बोनस नहीं मिलेगा। वहीं जिन कर्मचारियों के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई या आपराधिक मुकदमा लंबित है, उनका बोनस संबंधित प्रकरण का परिणाम आने तक स्थगित रहेगा। दोषमुक्त होने की स्थिति में पात्र कर्मचारियों को रोके गए संबंधित वर्षों के बोनस का भुगतान किया जाएगा।


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