प्रयागराज में जलभराव पर अखिलेश का सरकार पर हमला
स्मार्ट डेवलपमेंट पर सवाल उठाते हुए साधा निशाना, हाईकोर्ट ने जलभराव पर लिया स्वतः संज्ञान
YUGVARTA NEWS
Lucknow, 18 Aug, 2026 09:05 PMप्रयागराज में लगातार बारिश के बाद कई इलाकों में बने जलभराव को लेकर समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने प्रदेश सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर प्रयागराज में कराए गए विकास कार्यों और उनकी प्रभावशीलता पर सवाल उठाए।
अखिलेश यादव ने अपने एक्स पोस्ट में कहा, ‘महाकुंभ के नाम पर जो 1 लाख करोड़ रुपए प्रयागराज के तथाकथित ‘स्मार्ट डेवलपमेंट’ के नाम पर ख़र्च किए गए थे, ये उस महा-भष्ट्राचार का जीता-जागता और बहता-बहाता प्रमाण है. बनाने चले थे ‘दिव्य’, लेकिन हर तरह दिख रहा है ’द्रव्य’! अब क्या इलाहाबाद का नाम फिर से बदलकर प्रयागराज से ‘जलराजनगर’ करेंगे.’
उन्होंने आगे कहा, ‘भाजपाइयों ने सोचा न था कि उनके महापाप की पोल कभी धार्मिक रूप से खुलेगी, कभी प्राकृतिक रूप से. पाप की सज़ा इसी धरती पर मिलती है.’
बारिश के बाद शहर के कई हिस्सों में जलभराव
प्रयागराज में लगातार हो रही बारिश के चलते शहर के कई प्रमुख मार्गों और निचले इलाकों में पानी भर गया है। जलभराव की वजह से आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। हालात का असर इलाहाबाद हाईकोर्ट की कार्यवाही पर भी पड़ा और अदालत पहुंचने में न्यायाधीशों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। इसके चलते मंगलवार को कोर्ट की कार्यवाही निर्धारित समय के बाद शुरू हुई।
हाईकोर्ट ने लिया स्वतः संज्ञान
जलभराव की गंभीर स्थिति को देखते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मामले का स्वतः संज्ञान लेते हुए जनहित याचिका कायम की है। मामला न्यायमूर्ति अजीत कुमार और गरिमा प्रसाद की खंडपीठ के समक्ष पहुंचा। अदालत ने शहर में जलभराव से निपटने की तैयारियों और प्रशासनिक व्यवस्थाओं को लेकर जिला प्रशासन से जवाब मांगा है।
डीएम और नगर आयुक्त को व्यक्तिगत पेशी का आदेश
हाईकोर्ट ने प्रयागराज के जिलाधिकारी और नगर आयुक्त को व्यक्तिगत रूप से अदालत में उपस्थित होकर यह बताने का निर्देश दिया है कि शहर के निचले इलाकों में जलभराव की समस्या रोकने के लिए पहले से पर्याप्त और प्रभावी इंतजाम क्यों नहीं किए गए।
नगर विकास विभाग से भी मांगा जवाब
अदालत ने उत्तर प्रदेश सरकार के नगर विकास एवं नियोजन विभाग के सचिव को भी परसों तक व्यक्तिगत हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया है। हलफनामे में शहर में जलभराव की समस्या से निपटने के लिए अब तक स्वीकृत योजनाओं, उनकी मौजूदा स्थिति और भविष्य में ऐसी परिस्थितियों की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रस्तावित कार्ययोजना का विवरण देने को कहा गया है।
प्रशासनिक तैयारियों पर बढ़ी निगरानी
हाईकोर्ट के सख्त रुख के बाद प्रयागराज में बारिश के दौरान जलभराव से निपटने के लिए जिला प्रशासन और नगर निगम की तैयारियां अब न्यायिक निगरानी के दायरे में आ गई हैं। अदालत के निर्देशों के बाद जलनिकासी व्यवस्था, पूर्व तैयारियों और स्वीकृत योजनाओं के क्रियान्वयन को लेकर प्रशासन की जवाबदेही तय होने की संभावना बढ़ गई है।



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