योगी सरकार में स्वच्छ-हरित विद्यालयों का बढ़ा कारवां, एसएचवीआर में 1.62 लाख स्कूलों ने दर्ज कराई भागीदारी

स्वच्छ एवं हरित विद्यालय रेटिंग में प्रदेश के 2.66 लाख स्कूलों में 1.86 लाख में शुरू हुई प्रक्रिया, 1.79 लाख का पंजीकरण, 1,62,054 विद्यालयों ने दर्ज कराई सहभागिता, प्रदेश का अंतिम पूर्णता प्रतिशत 60.83 प्रतिशत, कानपुर देहात 83.17% के साथ प्रदेश में शीर्ष पर, मुजफ्फरनगर 82.24% और भदोही 77.62% के साथ टॉप-3 में

YUGVARTA NEWS

YUGVARTA NEWS

Lucknow, 5 Oct, 2026 07:30 PM
योगी सरकार में स्वच्छ-हरित विद्यालयों का बढ़ा कारवां, एसएचवीआर में 1.62 लाख स्कूलों ने दर्ज कराई भागीदारी

लखनऊ, 05 अक्टूबर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश के विद्यालयों में स्वच्छता, हरित परिवेश और पर्यावरणीय चेतना को बढ़ावा देने की दिशा में व्यापक सहभागिता सामने आई है। ‘स्वच्छ एवं हरित विद्यालय रेटिंग’ यानी एसएचवीआर (SHVR—स्वच्छ एवं हरित विद्यालय रेटिंग) 2026-27 में 5 अक्टूबर तक प्रदेश के कुल 2,66,408 विद्यालयों में 1,86,196 में प्रक्रिया शुरू, 1,79,793 विद्यालयों का पंजीकरण और 1,62,054 विद्यालयों द्वारा सहभागिता पूर्ण की गई है। प्रदेश का अंतिम पूर्णता प्रतिशत 60.83 प्रतिशत दर्ज हुआ है।


एसएचवीआर 2026-27 की यह स्थिति उत्तर प्रदेश के विद्यालयों में स्वच्छता, हरित परिवेश और पर्यावरणीय चेतना के प्रति व्यापक सहभागिता को रेखांकित करती है। प्रदेश के अनेक जनपदों ने उल्लेखनीय प्रदर्शन करते हुए स्वच्छ एवं हरित विद्यालयों की दिशा में अपनी सक्रिय भागीदारी दर्ज कराई है।


स्वच्छता से हरित चेतना तक विद्यालयों की भागीदारी-


एसएचवीआर के माध्यम से विद्यालयों में स्वच्छ एवं हरित वातावरण को प्रोत्साहित करने के लिए निर्धारित गतिविधियों और मानकों में विद्यालयों की सहभागिता को दर्ज किया जाता है। जनपदवार रिपोर्ट प्रदेश के सभी 75 जनपदों के विद्यालयों की स्थिति को दर्शाती है।


कानपुर देहात प्रदेश में शीर्ष पर-


जनपदवार आंकड़ों में कानपुर देहात 83.17% अंतिम पूर्णता प्रतिशत के साथ प्रदेश में प्रथम स्थान पर है। जनपद के कुल 2,876 विद्यालयों में से 2,392 विद्यालयों ने पूर्णता दर्ज की है। मुजफ्फरनगर 82.24% के साथ दूसरे और भदोही 77.62% के साथ तीसरे स्थान पर है। इसके बाद कौशांबी 75.22% और ललितपुर 73.78% के साथ शीर्ष पांच में शामिल हैं।


टॉप-10 में शामिल जनपद-


अंतिम पूर्णता प्रतिशत के आधार पर टॉप-10 में कानपुर देहात (83.17%), मुजफ्फरनगर (82.24%), भदोही (77.62%), कौशांबी (75.22%), ललितपुर (73.78%), बाराबंकी (73.52%), रामपुर (71.90%), मऊ (71.50%), बुलंदशहर (70.25%) और सहारनपुर (68.90%) शामिल हैं।


पूर्वांचल से पश्चिमी उत्तर प्रदेश तक सहभागिता-


पूर्वांचल से पश्चिमी उत्तर प्रदेश तक विद्यालयों की व्यापक सहभागिता दर्ज हुई है। वाराणसी में 67.58%, मिर्जापुर में 68.29%, सोनभद्र में 68.51%, गोरखपुर में 60.83%, बुलंदशहर में 70.25% और सहारनपुर में 68.90% अंतिम पूर्णता प्रतिशत दर्ज किया गया है। इन आंकड़ों से विभिन्न क्षेत्रों में स्वच्छ एवं हरित विद्यालयों की दिशा में विद्यालयों की सक्रिय भागीदारी सामने आती है।


1.86 लाख विद्यालयों में शुरू हुई भागीदारी-


प्रदेश के कुल 2,66,408 विद्यालयों में 1,86,196 विद्यालयों में एसएचवीआर की प्रक्रिया शुरू हुई, जबकि 1,79,793 विद्यालयों ने पंजीकरण कराया और 1,62,054 विद्यालयों ने इसे पूर्ण किया। यह आंकड़ा प्रदेशभर में एसएचवीआर 2026-27 के प्रति विद्यालयों की व्यापक और सक्रिय सहभागिता को रेखांकित करता है।


स्वच्छ एवं हरित विद्यालय स्वस्थ और जागरूक पीढ़ी की आधारशिला हैं। एसएचवीआर के माध्यम से विद्यालयों में स्वच्छता, हरित परिवेश और पर्यावरणीय चेतना को और मजबूत किया जा रहा है।

-संदीप सिंह, राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार), बेसिक शिक्षा


एसएचवीआर विद्यालयों को स्वच्छता और पर्यावरणीय मानकों के प्रति सक्रिय बनाने का प्रभावी माध्यम है। व्यापक सहभागिता से स्वच्छ एवं हरित विद्यालयों की दिशा में सकारात्मक बदलाव को गति मिलेगी।

-मोनिका रानी, महानिदेशक, स्कूल शिक्षा

सर्वाधिक पसंद

Leave a Reply

comments

Loading.....
  1. No Previous Comments found.

kitkat ad