होटल-रेस्टोरेंट से ढाबों तक खाद्य सुरक्षा पर सख्ती, किचन में शाकाहारी-मांसाहारी भोजन की अलग व्यवस्था पर रहेगा जोर
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन ने तय किए निरीक्षण के प्रमुख बिंदु, लाइसेंस से लेकर किचन, स्टोरेज और ड्रेनेज व्यवस्था तक होगी जांच, कच्चे मांस, पोल्ट्री और समुद्री उत्पादों के लिए अलग क्षेत्र, कटिंग बोर्ड, बर्तन और चाकू की व्यवस्था भी देखेंगे अधिकारी
YUGVARTA NEWS
Lucknow, 23 Sep, 2026 08:15 PMलखनऊ, 23 सितंबर। प्रदेश में लोगों को सुरक्षित एवं स्वच्छ खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराने के लिए खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन ने होटल, रेस्टोरेंट, फास्ट फूड रिटेल चेन, ढाबों एवं अन्य ईटरीज में खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुपालन पर विशेष जोर दिया है। विभाग की ओर से प्रतिष्ठानों के निरीक्षण के लिए प्रमुख बिंदु निर्धारित किए गए हैं। निरीक्षण के दौरान खाद्य लाइसेंस और पंजीकरण से लेकर डाइनिंग एरिया, किचन, भंडारण, ड्रेनेज, साफ-सफाई और शाकाहारी एवं मांसाहारी खाद्य पदार्थों को तैयार करने की व्यवस्था तक की जांच की जाएगी। विभाग का जोर इस बात पर रहेगा कि खाद्य कारोबार से जुड़े प्रतिष्ठानों में ऐसी व्यवस्था हो, जिससे खाद्य पदार्थों में भौतिक, रासायनिक अथवा माइक्रोबियल संदूषण की संभावना को रोका जा सके। इसके साथ ही क्रॉस कंटामिनेशन रोकने के लिए कच्चे मांस, पोल्ट्री और समुद्री उत्पादों को संभालने एवं तैयार करने में निर्धारित सावधानियों के अनुपालन को भी देखा जाएगा।
व्यवसाय की प्रकृति के अनुरूप होना चाहिए लाइसेंस-
निरीक्षण के दौरान सबसे पहले यह देखा जाएगा कि खाद्य कारोबारकर्ता ने अपने व्यवसाय की वास्तविक प्रकृति के अनुरूप खाद्य लाइसेंस अथवा पंजीकरण प्राप्त किया है या नहीं। यानी प्रतिष्ठान होटल, रेस्टोरेंट, ढाबा, कैंटीन अथवा कैटरिंग जिस श्रेणी में कारोबार कर रहा है, लाइसेंस अथवा पंजीकरण भी उसी प्रकृति के अनुरूप होना चाहिए। इस व्यवस्था के माध्यम से खाद्य कारोबार की प्रकृति और उसके लिए प्राप्त अनुमति के बीच स्पष्टता सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया है।
किचन से स्टोरेज तक साफ-सफाई पर विशेष नजर-
विभागीय निरीक्षण में प्रतिष्ठान के डाइनिंग एरिया के साथ किचन और भंडारण क्षेत्र की स्थिति महत्वपूर्ण होगी। इन स्थानों के फर्श, छत और दीवारों की स्थिति ऐसी होनी चाहिए, जिससे खाद्य पदार्थों के भौतिक, रासायनिक अथवा माइक्रोबियल संदूषण की संभावना पैदा न हो। इसी के साथ प्रतिष्ठान के ड्रेनेज सिस्टम की भी जांच की जाएगी। निरीक्षण में यह देखा जाएगा कि ड्रेनेज की व्यवस्था सही ढंग से काम कर रही है अथवा नहीं।
कच्चे मांस के लिए अलग क्षेत्र और बर्तन-
मांसाहारी खाद्य पदार्थ तैयार करने वाले प्रतिष्ठानों में क्रॉस कंटामिनेशन रोकने की व्यवस्था भी निरीक्षण का महत्वपूर्ण हिस्सा होगी। कच्चे मांस, पोल्ट्री एवं समुद्री उत्पादों के लिए अलग क्षेत्र होने के साथ इनके लिए इस्तेमाल किए जाने वाले सामान भी पृथक रखने पर जोर दिया गया है। निरीक्षण के दौरान अधिकारी यह देखेंगे कि इन उत्पादों के लिए अलग कटिंग बोर्ड, बर्तन और चाकू का इस्तेमाल किया जा रहा है अथवा नहीं। इसका उद्देश्य खाद्य पदार्थ तैयार करने की प्रक्रिया के दौरान एक उत्पाद से दूसरे उत्पाद में संदूषण की संभावना को रोकना है।
मांस तैयार करने के बाद सतह की सफाई और सैनिटाइजेशन जरूरी-
कच्चे मांस अथवा पोल्ट्री को तैयार करने के बाद इस्तेमाल की गई सतह की सफाई की प्रक्रिया भी जांची जाएगी। विभागीय अधिकारियों के अनुसार ऐसी सतह को बैक्टीरियारोधी क्लीनिंग एजेंट से साफ करने के बाद पानी से धोने और सैनिटाइज करने की व्यवस्था होनी चाहिए। इससे कच्चे मांस के संपर्क में आई सतह पर मौजूद संभावित बैक्टीरिया के कारण दूसरे खाद्य पदार्थों के प्रभावित होने के जोखिम को कम करने पर जोर है।
शाकाहारी और मांसाहारी भोजन की तैयारी रहे अलग-
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन ने शाकाहारी और मांसाहारी उत्पादों को तैयार करने की प्रक्रिया को भी निरीक्षण के प्रमुख बिंदुओं में शामिल किया है। होटल, रेस्टोरेंट, ढाबों और अन्य संबंधित प्रतिष्ठानों में यह देखा जाएगा कि शाकाहारी एवं मांसाहारी उत्पादों की तैयारी, कार्यविधि और पकाने का कार्य पृथक रूप से किया जा रहा है अथवा नहीं। विभाग का उद्देश्य निरीक्षण के माध्यम से खाद्य कारोबारकर्ताओं के बीच सुरक्षित खाद्य प्रबंधन की व्यवस्था को प्रभावी बनाना और उपभोक्ताओं तक स्वच्छ एवं सुरक्षित भोजन की उपलब्धता सुनिश्चित करना है।



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