सपा-कांग्रेस के लिए गांधी-नेहरू और सैफई परिवार ही प्रदेश, हमारे लिए 25 करोड़ जनता एक परिवार: मुख्यमंत्री

दीपावली पर वनटांगिया समाज को मिली ₹82 करोड़ से अधिक की 52 विकास परियोजनाओं की सौगात, जंगल तिनकोनिया में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वनटांगिया समाज को किया संबोधित

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Lucknow, 8 Nov, 2026 07:27 PM
सपा-कांग्रेस के लिए गांधी-नेहरू और सैफई परिवार ही प्रदेश, हमारे लिए 25 करोड़ जनता एक परिवार: मुख्यमंत्री

गोरखपुर, 8 नवंबर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सपा और कांग्रेस पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों के लिए 'गांधी-नेहरू' और 'सैफई' परिवार ही प्रदेश था, जबकि भाजपा सरकार 25 करोड़ जनता को अपना परिवार मानकर काम कर रही है। रविवार को दीपावली के अवसर पर गोरखपुर के जंगल तिनकोनिया में वनटांगिया समाज के साथ त्योहार मनाते हुए मुख्यमंत्री ने उन्हें ₹82 करोड़ से अधिक की लागत वाली 52 विकास परियोजनाओं की ऐतिहासिक सौगात दी। अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने जहां 70 साल तक बुनियादी सुविधाओं से वंचित रहे वनटांगिया समाज को मिले अधिकारों का उल्लेख किया, वहीं रामभक्तों को रोकने वाली सपा-कांग्रेस को अयोध्या के विकास पर दुष्प्रचार करने के लिए आड़े हाथों लिया। इसके साथ ही, उन्होंने युवाओं से नशे और जुए से दूर रहने की अपील करते हुए डबल इंजन सरकार की ओर से रोजगार और नौकरी की पूरी गारंटी का भरोसा भी दिया।


सपा-कांग्रेस ने अपने परिवारों से आगे नहीं सोचा-


मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में 56 वनटांगिया गांव थे, जिनकी लंबे समय तक किसी ने सुध नहीं ली। वर्ष 1947 में देश आजाद हुआ, लेकिन इन गांवों के लोगों को आजादी के बाद भी मूलभूत सुविधाएं नहीं मिल सकीं। न उनका नाम मतदाता सूची में था, न सड़क, बिजली, पानी, राशन कार्ड, स्कूल, चिकित्सालय, पेंशन और पक्के मकान की सुविधा थी। उनके पूर्वजों को लंबे समय तक जंगलों में कठिन परिस्थितियों में जीवन बिताना पड़ा।


उन्होंने कहा कि वह 2007-08 से वनटांगिया गांवों में आते रहे हैं। वर्ष 2017 से पहले की स्थिति और आज के हालात में बड़ा अंतर है। पहले गांवों में सड़क, बिजली, पानी और स्कूल जैसी सुविधाओं को लेकर हर सवाल का जवाब ना में मिलता था, जबकि अब इन सुविधाओं की उपलब्धता का जवाब हां में है।


मुख्यमंत्री ने सपा-कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि एक दल के लिए गांधी-नेहरू परिवार और दूसरे के लिए सैफई परिवार ही प्रदेश था। भाजपा सरकार के लिए 25 करोड़ की आबादी वाला पूरा उत्तर प्रदेश एक परिवार है। इसमें हर जाति, क्षेत्र, गांव, शहर, गरीब, अमीर, निषाद, दलित, राजभर और चौहान समाज के लोग शामिल हैं। सरकार बिना भेदभाव सभी को योजनाओं से जोड़ने का काम कर रही है।


वनटांगिया गांवों में 770 पक्के मकान, स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र बने-


मुख्यमंत्री के अनुसार, 2017 के बाद वनटांगिया गांवों को राजस्व गांव के रूप में मान्यता देकर सरकारी योजनाओं से जोड़ा गया। इन गांवों में 770 पक्के मकान बनाए गए हैं। आंगनबाड़ी केंद्र और बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूल स्थापित किए गए हैं। सड़क, बिजली, राशन कार्ड, आयुष्मान भारत और पेंशन जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई गई हैं।


उन्होंने कहा कि पहले बच्चों को ढिबरी की रोशनी में पढ़ने के लिए मजबूर होना पड़ता था। आज गांवों में बिजली पहुंची है। मुख्यमंत्री त्वरित आर्थिक विकास योजना के माध्यम से सड़कों का निर्माण कराया जा रहा है और बस्तियों में सोलर लाइट की व्यवस्था की जा रही है। जल जीवन मिशन के तहत पेयजल की सुविधा भी उपलब्ध हो रही है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि इन सुविधाओं के लिए इच्छाशक्ति और गरीबों के प्रति संवेदनशीलता जरूरी है। जिन लोगों ने केवल अपने परिवार के बारे में सोचा, उनसे दलितों, वंचितों और अति पिछड़ी जातियों के हित में काम करने की उम्मीद करना व्यर्थ है।


विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों का हुआ सम्मान-


मुख्यमंत्री ने छह लाभार्थियों शुभावती, गोलू, चंदा, रामप्रीत, जितेंद्र और अमन को आयुष्मान कार्ड तथा मिठाई वितरित की। इन कार्डों के माध्यम से पात्र लाभार्थियों को पांच-पांच लाख रुपये तक के उपचार की सुविधा मिलेगी। मुख्यमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत चार लाभार्थियों गंगोत्री, चंपा, अनु और सुलोचना को आवास की चाबियां सौंपीं।


उद्यान विभाग के लाभार्थियों राममिलन, वंशू, हिंद देवी और कुटरी देवी को प्रमाणपत्र प्रदान किए गए। कृषि विभाग के लाभार्थियों इंद्रजीत और कौशल किशोर को भी प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया गया।


विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के तहत दो लाभार्थियों संजू साहनी और सुमन देवी को टूल किट प्रदान की गई। इससे उन्हें अपने पारंपरिक काम और स्वरोजगार को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी।


वनटांगिया समाज और उसके गांवों को संरक्षण देने में योगदान के लिए छह वनटांगिया ग्रामों के मुखियाओं को फल और मिठाई देकर सम्मानित किया गया। इनमें जंगल तिनकोनिया नंबर तीन के मुखिया राम गणेश, आजादनगर के मुखिया रामदयाल, खालीटोला के मुखिया बलराम, आमबाग के मुखिया विशंभर मौर्य, चिलबिलवा के मुखिया परमात्मा और महाराजगंज के मुखिया जयराम शामिल रहे।


वनटांगिया परिवारों को वोट बैंक नहीं, अपना परिवार माना-


मुख्यमंत्री ने कहा कि वनटांगिया परिवारों को मिले आवास, जमीन और अन्य सुविधाओं के दस्तावेज तथा उनसे जुड़े प्रमाणपत्र संभालकर रखने चाहिए। नई पीढ़ी को भी बताना चाहिए कि उनके पूर्वज किन परिस्थितियों में रहते थे और बाद में उन्हें किस तरह सरकारी योजनाओं का लाभ मिला। उन्होंने कहा कि आजादी के बाद भी लंबे समय तक समाज को उनके बुनियादी और संवैधानिक अधिकारों से वंचित रखा गया।


मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा सरकार ने वनटांगिया समाज को वोट बैंक बनाने के बजाय अपना परिवार माना है। भगवान राम के भक्त होने के नाते हर वनवासी, गिरिवासी, वंचित और दलित को साथ लेकर चलने का काम किया है। रामकाज वही है, जो राष्ट्र का काज है। उन्होंने लोगों से अपने इतिहास को संजोकर रखने और भावी पीढ़ी को उससे परिचित कराने का आह्वान किया।


रामभक्तों को रोकने वाले अब अयोध्या के विकास पर कर रहे दुष्प्रचार-


अयोध्या का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने सपा-कांग्रेस पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 से पहले अयोध्या में जय श्रीराम बोलने पर प्रतिबंध लगाया जाता था, रामभक्तों पर लाठी-गोली चलती थी और राम मंदिर के विरोध में माहौल बनाया जाता था। उस समय कहा जाता था कि अयोध्या में परिंदा भी पर नहीं मार सकता।


मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान और नेतृत्व में प्रदेश में भाजपा सरकार बनने के बाद अयोध्या में विकास कार्यों को गति मिली। सड़कें बनीं, बिजली पहुंची, एयरपोर्ट और रेलवे की नई परियोजनाओं पर काम हुआ तथा जनता को बिना भेदभाव सरकारी सुविधाओं का लाभ मिला। उन्होंने आरोप लगाया कि अब सपा-कांग्रेस अयोध्या के खिलाफ दुष्प्रचार कर रही हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि विरासत और विकास की यह यात्रा मजबूती के साथ आगे बढ़ती रहेगी।


नशे और जुए से दूर रहें युवा, रोजगार के अवसरों से जुड़ें-


मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्व और त्योहार अपनी खुशियां दूसरों के साथ बांटने, उत्साह और उमंग के अवसर होते हैं। इनका संबंध नशे और जुए से नहीं होना चाहिए। उन्होंने विशेष रूप से युवाओं से नशे और जुए से दूर रहने की अपील की। कहा कि नशे के कारण परिवार बिखरते हैं और जुआ व्यक्ति को गुलाम बना देता है।


उन्होंने कहा कि माफिया उन्मूलन के बाद अब नशे के कारोबार में शामिल लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई की जा रही है। जो लोग दूसरों का जीवन बर्बाद करते हैं, उनके खिलाफ सरकार सख्त कदम उठाएगी। युवाओं से अच्छी पढ़ाई कर रोजगार के अवसरों का लाभ उठाने का आह्वान करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार नौकरी और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। किसानों से अच्छी उपज पैदा करने की अपील करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार उपज का उचित दाम दिलाने, प्रोसेसिंग से जोड़ने और वैल्यू एडिशन के माध्यम से उनकी आय बढ़ाने के प्रयास करेगी।


रजही से गोरखपुर-पिपराइच मार्ग तक सड़क निर्माण को मंजूरी-


मुख्यमंत्री ने रजही से जंगल तिनकोनिया नंबर तीन होते हुए गोरखपुर-पिपराइच मार्ग तक 4.5 किलोमीटर इंटरलॉकिंग सड़क निर्माण के लिए लगभग ₹3 करोड़ 65 लाख की स्वीकृति की जानकारी दी। उन्होंने क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों के प्रयासों की सराहना की।


कार्यक्रम में रहे उपस्थित-


कार्यक्रम में प्रदेश सरकार के मंत्री संजय निषाद, सांसद रविकिशन शुक्ला, सांसद विजय दुबे, महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव, विधान परिषद सदस्य डॉ. धर्मेंद्र सिंह, विधायक विपिन सिंह, महेंद्र पाल सिंह, श्रीराम चौहान और प्रदीप शुक्ला, भाजपा के क्षेत्रीय अध्यक्ष विनोद राय, राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष चारू चौधरी, भाजपा जिलाध्यक्ष जनार्दन तिवारी, महानगर अध्यक्ष रमेश प्रताप गुप्ता और महानगर उपाध्यक्ष रणंजय सिंह मुन्ना सहित अन्य पदाधिकारी तथा बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।

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