अयोध्या का हर दीप बनेगा देश-प्रदेश की समृद्धि का आधार: सीएम योगी
पीलीभीत में श्रीराम कथा महोत्सव में शामिल हुए मुख्यमंत्री, अमृत सरोवर का किया लोकार्पण; बोले- तुष्टिकरण नहीं, संतुष्टिकरण से बनेगा रामराज्य
YUGVARTA NEWS
Lucknow, 3 Nov, 2026 05:58 PMपीलीभीत, 3 नवंबर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अयोध्या में प्रज्वलित होने वाला एक-एक दीप देश और प्रदेश की समृद्धि का आधार बनेगा। कभी जिस अयोध्या में रामभक्तों पर गोलियां चलाई जाती थीं, आज वहां श्रद्धालुओं पर पुष्पवर्षा होती है। पांच सौ वर्षों के संघर्ष के बाद अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण हुआ है और अब यह आस्था के साथ विकास का भी केंद्र बन रही है।
मुख्यमंत्री सोमवार को पीलीभीत में ब्रह्मलीन महंत योगी शांतिनाथ की पुण्य स्मृति में आयोजित श्रीराम कथा महोत्सव को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने भगवान शिव का जलाभिषेक किया और नूरानपुर में अमृत सरोवर का लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री ने व्यासपीठ को नमन कर कथा व्यास संत अंजनी शरण और उपस्थित संतों का अभिनंदन किया।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि तुष्टिकरण की राजनीति ने देश में आतंकवाद और नक्सलवाद जैसी समस्याओं को बढ़ावा दिया, जबकि संतुष्टिकरण के माध्यम से रामराज्य का मार्ग प्रशस्त होता है। बिना किसी भेदभाव के समाज के अंतिम व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना ही रामराज्य की मूल अवधारणा है।
आस्था और संस्कृति ने भारत को एक सूत्र में बांधा
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत की सबसे बड़ी ताकत विविधता में एकता है। देश के अलग-अलग हिस्सों में भाषा, वेशभूषा और रहन-सहन भले ही अलग हों, लेकिन आस्था और संस्कृति सभी को एक सूत्र में बांधती हैं। उन्होंने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा, रामलीला, श्रीराम कथा और अखंड रामायण पाठ जैसी परंपराएं पीढ़ियों को भारतीय संस्कृति और भगवान राम के आदर्शों से जोड़ती हैं।
उन्होंने कहा कि भगवान राम का चरित्र जीवन की चुनौतियों का सामना करने और मर्यादित आचरण अपनाने की प्रेरणा देता है। श्रीराम कथा का उद्देश्य केवल सुनना नहीं, बल्कि उसमें बताए गए आदर्शों को अपने जीवन में उतारना भी है।
‘रामभक्तों पर गोलियां चलती थीं, अब होती है पुष्पवर्षा’
मुख्यमंत्री ने 2 नवंबर 1990 की घटना का उल्लेख करते हुए कहा कि उस समय अयोध्या में रामभक्तों पर गोलियां चलाई गई थीं। राम जन्मभूमि की मुक्ति के लिए श्रद्धालुओं ने संघर्ष और बलिदान दिया। उन्होंने कहा कि पांच सौ वर्षों के संघर्ष के बाद आज अयोध्या में भव्य राम मंदिर बन चुका है और बड़ी संख्या में श्रद्धालु रामलला के दर्शन कर रहे हैं।
सीएम योगी ने अयोध्या में हुए बुनियादी ढांचे के विकास का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि पहले शहर में संकरी गलियां, बदहाल सड़कें और सीमित परिवहन सुविधाएं थीं। अब चार लेन की सड़कें, बेहतर रेल कनेक्टिविटी और महर्षि वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे जैसी सुविधाओं से अयोध्या की तस्वीर बदली है।
मुख्यमंत्री ने दावा किया कि अयोध्या में प्रतिदिन एक लाख से अधिक श्रद्धालु पहुंच रहे हैं, जबकि पर्व-त्योहारों के दौरान यह संख्या पांच लाख से 50 लाख तक पहुंच जाती है।
‘तुष्टिकरण नहीं, संतुष्टिकरण से बनेगा रामराज्य’
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले विकास के लिए आने वाले धन का सही उपयोग नहीं हो पाता था। अब सरकार गरीबों के कल्याण, बुनियादी सुविधाओं और धार्मिक स्थलों के विकास पर खर्च कर रही है। उन्होंने मुफ्त राशन, आयुष्मान भारत योजना के तहत पांच लाख रुपये तक के स्वास्थ्य कवर, किसान सम्मान निधि और युवाओं के लिए रोजगार के अवसरों का उल्लेख किया।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘सबका साथ, सबका विकास’ के मंत्र के अनुरूप सरकार बिना भेदभाव हर पात्र व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने का प्रयास कर रही है। मुख्यमंत्री के मुताबिक, यही रामराज्य की मूल भावना है।
काशी से गोला गोकर्णनाथ तक धार्मिक स्थलों का विकास
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अयोध्या के साथ काशी विश्वनाथ धाम, मथुरा-वृंदावन और मां विंध्यवासिनी धाम में भी श्रद्धालुओं की सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। लखीमपुर खीरी के गोला गोकर्णनाथ में कॉरिडोर का निर्माण कराया जा रहा है, जबकि बरेली की नाथ नगरी को भी नया स्वरूप दिया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि धार्मिक स्थलों का विकास केवल निर्माण कार्यों तक सीमित नहीं है। इससे श्रद्धालुओं की सुविधाएं बढ़ने के साथ स्थानीय रोजगार और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण को भी बढ़ावा मिलता है।
महंत योगी शांतिनाथ को दी श्रद्धांजलि
मुख्यमंत्री ने ब्रह्मलीन महंत योगी शांतिनाथ को श्रद्धांजलि देते हुए उनके जीवन को संत परंपरा का उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि महंत शांतिनाथ का जीवन सहज और फक्कड़ संत का था। महंत हनुमान नाथ ने श्रद्धालुओं और ग्रामीणों की भावनाओं के अनुरूप उनके समाधि स्थल का निर्माण कराया है। मुख्यमंत्री ने मंदिर परिसर की स्वच्छता और आध्यात्मिक वातावरण की सराहना की तथा श्रद्धालुओं से कथा के बाद भंडारे में प्रसाद ग्रहण करने का आग्रह किया।
कार्यक्रम में ये रहे मौजूद
कार्यक्रम में प्रदेश सरकार के मंत्री बलदेव सिंह औलख और संजय गंगवार, आयोजन समिति के अध्यक्ष डॉ. सुधीर गुप्ता, विधान परिषद सदस्य संजीव प्रताप सिंह, भाजपा जिलाध्यक्ष गोकुल प्रसाद मौर्य, विधायक विवेक वर्मा और बाबूराम पासवान, स्वामी प्रवक्तानंद, जिला पंचायत अध्यक्ष दलजीत कौर तथा मंदिर के महंत हनुमान नाथ सहित बड़ी संख्या में संत, जनप्रतिनिधि और श्रद्धालु उपस्थित रहे।


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