यूपी कांग्रेस में बदलाव की आहट, आराधना मिश्रा को मिल सकती है कमान

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Lucknow, 2 Oct, 2026 04:07 PM
यूपी कांग्रेस में बदलाव की आहट, आराधना मिश्रा को मिल सकती है कमान

लखनऊ, 02 अक्टूबर 2026 उत्तर प्रदेश में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस के प्रदेश संगठन में बदलाव की अटकलें तेज हो गई हैं। सूत्रों के मुताबिक, पार्टी मौजूदा प्रदेश अध्यक्ष अजय राय की जगह आराधना मिश्रा को प्रदेश कांग्रेस की जिम्मेदारी सौंप सकती है। आराधना मिश्रा प्रतापगढ़ की रामपुर खास विधानसभा सीट से विधायक हैं और कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी की बेटी हैं। आराधना मिश्रा ने 2014 में रामपुर खास विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव के जरिए पहली बार विधानसभा चुनाव जीता था। इसके बाद 2017 और 2022 के विधानसभा चुनाव में भी उन्होंने इसी सीट से लगातार जीत दर्ज की। रामपुर खास सीट से उनके पिता प्रमोद तिवारी नौ बार विधायक रह चुके हैं। इस तरह इस विधानसभा क्षेत्र से तिवारी परिवार की राजनीतिक पकड़ लंबे समय से बनी हुई है। अगर आराधना मिश्रा को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बनाया जाता है, तो इसे पार्टी की सामाजिक और चुनावी रणनीति के महत्वपूर्ण हिस्से के तौर पर देखा जा सकता है। उनकी नियुक्ति के जरिए कांग्रेस ब्राह्मण मतदाताओं के साथ महिला वोटरों को भी साधने का संदेश दे सकती है। उत्तर प्रदेश की 100 से अधिक विधानसभा सीटों पर ब्राह्मण मतदाताओं की भूमिका महत्वपूर्ण मानी जाती है और राज्य में उनकी आबादी करीब 12 से 14 फीसदी बताई जाती है। 2022 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने उत्तर प्रदेश में केवल दो सीटों पर जीत हासिल की थी। इनमें रामपुर खास सीट भी शामिल थी। ऐसे में आगामी चुनाव से पहले पार्टी अपने संगठन और सामाजिक समीकरणों को नए सिरे से मजबूत करने की कोशिश में है। वर्तमान प्रदेश अध्यक्ष अजय राय भूमिहार समुदाय से आते हैं। हाल के दिनों में उत्तर प्रदेश कांग्रेस के प्रभारी राजेंद्र गौतम और अजय राय के बीच कथित मतभेद की खबरें सामने आई थीं। हालांकि, दोनों नेताओं ने इन खबरों को सिरे से खारिज कर दिया था। उत्तर प्रदेश में पिछले विधानसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस को केवल दो सीटों पर जीत मिली थी। अब आगामी चुनाव को देखते हुए पार्टी संगठन में बदलाव के साथ-साथ विभिन्न सामाजिक और राजनीतिक समीकरणों पर भी ध्यान दे रही है। कांग्रेस ने पिछला विधानसभा चुनाव अकेले लड़ा था, जबकि इस बार पार्टी समाजवादी पार्टी के साथ गठबंधन में चुनाव मैदान में उतर रही है। ऐसे में प्रदेश अध्यक्ष पद पर संभावित बदलाव को चुनाव से पहले कांग्रेस की संगठनात्मक तैयारियों के संदर्भ में देखा जा रहा है। 

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