इंटरनेशनल ट्रेड शो के बाद एक जनपद एक व्यंजन की राष्ट्रीय मंच पर दस्तक

आईआईटीएफ 2026 में पहली बार लगेगा ओडीओसी का स्टॉल, भारत मंडपम में यूपी के स्थानीय व्यंजन और उत्पादों को मिलेगा बड़ा बाजार, 14 से 27 नवंबर तक नई दिल्ली में होगा 45वां इंडिया इंटरनेशनल ट्रेड फेयर, ओडीओपी के साथ ओडीओसी के जरिए योगी सरकार की ‘लोकल से ग्लोबल’ पहल को मिलेगी नई पहचान

YUGVARTA NEWS

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Lucknow, 6 Oct, 2026 08:44 PM
इंटरनेशनल ट्रेड शो के बाद एक जनपद एक व्यंजन की राष्ट्रीय मंच पर दस्तक

लखनऊ, 06 अक्टूबर। ग्रेटर नोएडा में आयोजित उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो (यूपीआईटीएस) में आकर्षण का केंद्र बनने के बाद योगी सरकार की महत्वपूर्ण पहल ‘एक जनपद एक व्यंजन' (ओडीओसी) अब राष्ट्रीय मंच पर दस्तक देने जा रही है। नई दिल्ली के भारत मंडपम में 14 से 27 नवंबर 2026 तक आयोजित होने वाले 45वें इंडिया इंटरनेशनल ट्रेड फेयर (आईआईटीएफ) 2026 में पहली बार ओडीओसी का स्टॉल लगाया जाएगा। यहां ‘एक जनपद, एक उत्पाद’ (ओडीओपी) के साथ ओडीओसी के जरिए उत्तर प्रदेश के स्थानीय उत्पादों, पारंपरिक व्यंजनों और समृद्ध पाक विरासत को देश-दुनिया के सामने प्रस्तुत किया जाएगा। ग्रेटर नोएडा में आयोजित इंटरनेशनल ट्रेड शो में ओडीओसी को मिले मंच के बाद आईआईटीएफ जैसे प्रतिष्ठित राष्ट्रीय व्यापार मेले में इसकी पहली प्रस्तुति इस पहल के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इससे उत्तर प्रदेश की स्थानीय पाक परंपराओं को व्यापार, ब्रांडिंग और बाजार से जोड़ने का अवसर मिलेगा।


उत्पाद के बाद अब स्थानीय स्वाद की ब्रांडिंग-


उत्तर प्रदेश के अलग-अलग जिलों की अपनी अपनी विशिष्ट पहचान और पारंपरिक व्यंजन हैं। ओडीओसी की अवधारणा इन्हीं स्थानीय व्यंजनों को वैश्विक  पहचान, ब्रांडिंग और बाजार उपलब्ध कराने की सोच पर आधारित है। अब तक जहां ओडीओपी के माध्यम से जिलों के विशिष्ट उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़ने पर जोर दिया गया है, वहीं ओडीओसी स्थानीय स्वाद और पाक परंपराओं को भी इसी व्यापक आर्थिक दृष्टिकोण से जोड़ रहा है। आईआईटीएफ में ओडीओसी के स्टॉल के जरिए प्रदेश की इस पाक विविधता को एक व्यवस्थित मंच पर प्रदर्शित किया जाएगा। इससे देश के विभिन्न हिस्सों से आने वाले आगंतुकों, व्यापारियों, निवेशकों और संभावित खरीदारों को उत्तर प्रदेश के स्थानीय व्यंजनों और उनसे जुड़े उत्पादों के बारे में जानकारी प्राप्त करने का अवसर मिलेगा।


ओडीओपी के साथ ओडीओसी, ‘लोकल से ग्लोबल’ का अगला कदम-


प्रधानमंत्री मोदी के विजन ‘लोकल से ग्लोबल’ को योगी सरकार साकार करते हुए स्थानीय उत्पादों को बाजार, ब्रांड और व्यापारिक अवसर उपलब्ध कराने पर लगातार जोर दे रही है। ओडीओपी इस दिशा में प्रदेश की प्रमुख पहलों में शामिल है। अब ओडीओसी के माध्यम से इसी सोच को प्रदेश की पाक विरासत तक विस्तार दिया जा रहा है। आईआईटीएफ में ओडीओपी और ओडीओसी की संयुक्त मौजूदगी से उत्तर प्रदेश के उत्पाद और स्वाद, दोनों को एक ही मंच पर प्रस्तुत किया जा सकेगा। इससे स्थानीय कारीगरों, उद्यमियों, खाद्य कारोबारियों और संबंधित क्षेत्रों से जुड़े लोगों के लिए नए बाजार और व्यापारिक संभावनाएं विकसित होने की उम्मीद है।


ग्रेटर नोएडा के बाद दिल्ली में बढ़ेगा ओडीओसी का दायरा-


ग्रेटर नोएडा में आयोजित इंटरनेशनल ट्रेड शो ने उत्तर प्रदेश के उत्पादों को बड़े व्यापारिक मंच पर प्रदर्शित करने का अवसर दिया। अब उसी क्रम में ओडीओसी को नई दिल्ली के भारत मंडपम तक ले जाया जा रहा है। यह बदलाव इस लिहाज से भी महत्वपूर्ण है कि ओडीओसी अब केवल प्रदेश की स्थानीय पहल के रूप में नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश के व्यंजनों को राष्ट्रीय बाजार से जोड़ने वाले ब्रांडिंग मॉडल के रूप में आगे बढ़ रहा है।


देश-विदेश के खरीदारों तक पहुंचेगी यूपी की पाक पहचान-


इंडिया इंटरनेशनल ट्रेड फेयर देश के प्रमुख व्यापारिक आयोजनों में शामिल है। ऐसे मंच पर ओडीओसी की पहली भागीदारी उत्तर प्रदेश के स्थानीय व्यंजनों और उनसे जुड़े उत्पादों को व्यापक बाजार तक पहुंचाने का अवसर प्रदान करेगी। इसके जरिए प्रदेश की पारंपरिक पाक विरासत को केवल सांस्कृतिक पहचान तक सीमित रखने के बजाय उसे ब्रांड, बाजार और आर्थिक अवसर से जोड़ने की दिशा में प्रयास किया जाएगा। स्थानीय स्वाद के साथ जुड़े छोटे उद्यमियों और कारोबारियों को भी इसका लाभ मिलने की संभावना है।

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