राजभर का बड़ा दावा: सुभासपा के दो विधायक सपा को दे सकते हैं वोट

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Lucknow, 2 Oct, 2026 04:03 PM
राजभर का बड़ा दावा: सुभासपा के दो विधायक सपा को दे सकते हैं वोट

लखनऊ, 02 अक्टूबर 2026 उत्तर प्रदेश में राज्यसभा चुनाव को लेकर सियासी गतिविधियां तेज हैं। इसी बीच सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के अध्यक्ष और कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने अपनी पार्टी के दो विधायकों अब्बास अंसारी और जौनपुर की जफराबाद सीट से विधायक जगदीश नारायण राय को लेकर बयान दिया है। राजभर ने कहा कि दोनों विधायक सुभासपा के चुनाव चिह्न पर विधानसभा पहुंचे, लेकिन शुरुआत से ही समाजवादी पार्टी के साथ रहे हैं। उनका यह बयान अब्बास अंसारी की अखिलेश यादव से मुलाकात और सपा प्रमुख की ओर से विधायकों को दिए गए संदेश के बीच आया है। ओमप्रकाश राजभर ने कहा कि अब्बास अंसारी और जगदीश नारायण राय सुभासपा के टिकट और चुनाव चिह्न पर चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंचे, लेकिन चुनाव के बाद से ही उनका व्यवहार पार्टी से अलग रहा है। राजभर के मुताबिक, दोनों विधायक सपा के झंडे और टोपी के साथ नजर आते हैं और उनका राजनीतिक झुकाव समाजवादी पार्टी की ओर है। उन्होंने कहा कि ये दोनों विधायक सपा के लिए वोट कर सकते हैं। राजभर ने यह भी दावा किया कि सुभासपा ने जिन 12 प्रत्याशियों को चुनाव मैदान में उतारा था, उनमें से कई का झुकाव सपा की ओर था और चुनाव के बाद जीतने वाले तथा हारने वाले दोनों ही पार्टी से अलग हो गए। राज्यसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी की ओर से धनराज परिमल नथवानी को उम्मीदवार बनाए जाने पर भी राजभर ने सवाल उठाए। उन्होंने नथवानी के परिवार के भाजपा से राजनीतिक जुड़ाव का उल्लेख करते हुए सपा और भाजपा के बीच कथित तालमेल पर सवाल खड़ा किया। उत्तर प्रदेश में राज्यसभा की 10 सीटों के लिए 16 अक्टूबर को चुनाव होना है और सपा ने रामगोपाल यादव तथा धनराज परिमल नथवानी को उम्मीदवार बनाया है। ओमप्रकाश राजभर ने अखिलेश यादव के पीडीए यानी पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक वाले राजनीतिक नारे पर भी निशाना साधा। उन्होंने पीडीए को ‘परिवार डेवलपमेंट अथॉरिटी’ बताते हुए आरोप लगाया कि सपा की राजनीति में परिवार और आर्थिक रूप से प्रभावशाली लोगों को प्राथमिकता दी जा रही है। राज्यसभा उम्मीदवारों के चयन को लेकर उन्होंने सपा के पीडीए के दावे पर सवाल उठाया और रामगोपाल यादव तथा धनराज नथवानी का उल्लेख करते हुए सपा नेतृत्व पर परिवारवाद की राजनीति करने का आरोप लगाया। राजभर ने 2022 के विधानसभा चुनाव में सपा गठबंधन के प्रदर्शन और सुभासपा की भूमिका का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि सुभासपा ने पूर्वांचल के गाजीपुर, मऊ, बलिया, आजमगढ़ और आंबेडकर नगर समेत कई जिलों में गठबंधन को फायदा पहुंचाया था। उन्होंने कहा कि गठबंधन की सफलता में दोनों दलों की भूमिका थी और इसका पूरा श्रेय किसी एक दल को देना उचित नहीं है। कांग्रेस और सपा के बीच गठबंधन के सवाल पर भी राजभर ने दोनों दलों के संबंधों को राजनीतिक जरूरत से जुड़ा बताया। चुनाव आयोग को लेकर विपक्ष के सवालों पर उन्होंने कहा कि चुनाव में जनता का फैसला सबसे महत्वपूर्ण होता है और मतदाता सरकार के कामकाज तथा राजनीतिक दलों के प्रदर्शन के आधार पर अपना निर्णय लेते हैं। 

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