अतिवृष्टि प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्य तेज, प्रमुख सड़कों को गड्ढामुक्त करने के निर्देश
त्योहारों से पहले शहरों की व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश, बिजली बहाली पर भी जोर, जलभराव वाले क्षेत्रों में प्राथमिकता से जल निकासी और सैनिटाइजेशन कराने के निर्देश, क्षतिग्रस्त लाइनों व ट्रांसफार्मरों की मरम्मत तेज करने के निर्देश
YUGVARTA NEWS
Lucknow, 28 Sep, 2026 11:52 PMलखनऊ, 28 सितंबर। प्रदेश में लगातार हुई अतिवृष्टि के बाद जनसुविधाओं को जल्द सामान्य करने और आगामी त्योहारों के मद्देनजर व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के लिए योगी सरकार ने राहत एवं निगरानी कार्य तेज कर दिए हैं। नगर विकास एवं ऊर्जा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को प्रभावित क्षेत्रों में त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। जलभराव वाले क्षेत्रों में प्राथमिकता से जल निकासी कराने और पानी निकलने के बाद तत्काल सफाई व सैनिटाइजेशन कराने को कहा गया है, ताकि संचारी रोगों की आशंका को रोका जा सके। साथ ही प्रमुख सड़कों एवं मार्गों को गड्ढामुक्त करने के भी निर्देश दिए गए हैं।
बैठक में मंत्री एके शर्मा ने विभिन्न नगरीय क्षेत्रों में जलभराव, जल निकासी, साफ-सफाई और रोगों से बचाव के लिए की जा रही व्यवस्थाओं की जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिए कि आगामी त्योहारों को देखते हुए नगरीय क्षेत्रों में स्वच्छता और जनसुविधाओं को और बेहतर किया जाए। प्रमुख सड़कों और मार्गों को गड्ढामुक्त करने के साथ धार्मिक स्थलों के आसपास विशेष सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया। प्रमुख मार्गों पर आवश्यकतानुसार सुशोभन, प्रकाश व्यवस्था और अन्य नागरिक सुविधाओं को भी दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए हैं।
ऊर्जा विभाग की समीक्षा में मंत्री शर्मा ने शासन और सभी डिस्कॉम के उच्च अधिकारियों के साथ मुख्य अभियंता, अधीक्षण अभियंता और अधिशासी अभियंता स्तर तक के अधिकारियों से वर्चुअल बैठक कर अतिवृष्टि एवं प्राकृतिक आपदा से प्रभावित विद्युत अवसंरचना की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने प्रभावित क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति जल्द सामान्य करने के लिए अतिरिक्त मशीनरी, उपकरण और मैनपावर लगाने के निर्देश दिए।
मंत्री ने कहा कि प्रदेश के अधिकांश क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति सुचारु है, लेकिन जहां जलभराव या अन्य कारणों से आपूर्ति प्रभावित हुई है, वहां बहाली में किसी प्रकार की देरी नहीं होनी चाहिए। फील्ड स्तर पर लगातार निगरानी रखते हुए स्थानीय परिस्थितियों का आकलन किया जाए। क्षतिग्रस्त लाइनों, ट्रांसफार्मरों और अन्य विद्युत अवसंरचना की मरम्मत का कार्य तेजी से पूरा किया जाए, ताकि उपभोक्ताओं को राहत मिल सके।



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