योगी सरकार की पहल से सरकारी अस्पतालों में बढ़ेगी यूपी के बुनकरों के उत्पादों की पहुंच

राज्य हथकरघा निगम और यूपिका के माध्यम से बेडशीट, पिलो कवर और गॉज-बैंडेज की आपूर्ति की तैयारी, मंत्री राकेश सचान ने समयबद्ध आपूर्ति के लिए एसओपी और समझौता ज्ञापन की प्रक्रिया जल्द पूरी करने के दिए निर्देश, स्थानीय बुनकरों की आय बढ़ाने और सरकारी अस्पतालों को गुणवत्तापूर्ण उत्पाद उपलब्ध कराने पर जोर

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Lucknow, 28 Oct, 2026 09:02 PM
योगी सरकार की पहल से सरकारी अस्पतालों में बढ़ेगी यूपी के बुनकरों के उत्पादों की पहुंच

लखनऊ, 28 अक्टूबर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार स्थानीय कारीगरों और बुनकरों को नए बाजार उपलब्ध कराने के साथ उनके उत्पादों की सरकारी खरीद को प्रोत्साहित करने की दिशा में कदम बढ़ा रही है। इसी क्रम में प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में बेडशीट, पिलो कवर, गॉज और बैंडेज क्लॉथ की आपूर्ति राज्य हथकरघा निगम लिमिटेड और यूपिका के माध्यम से कराने की तैयारी की जा रही है। इस व्यवस्था का उद्देश्य प्रदेश के बुनकरों और बुनकर सहकारी समितियों को स्थायी बाजार उपलब्ध कराना, उनकी आय बढ़ाना और सरकारी चिकित्सालयों को निर्धारित मानकों के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण उत्पाद उपलब्ध कराना है।


इसी संबंध में प्रदेश के खादी एवं ग्रामोद्योग, रेशम उद्योग, हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग मंत्री राकेश सचान ने बुधवार को विधान भवन के प्रथम तल स्थित कक्ष संख्या-80 में चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग तथा हथकरघा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक में सरकारी चिकित्सालयों में हथकरघा उत्पादों की समयबद्ध और सुचारु आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए खरीद प्रक्रिया, उत्पादों के मानक और विभागों के बीच समन्वय से जुड़े विभिन्न बिंदुओं पर चर्चा की गई।


सरकारी खरीद से बुनकरों को मिलेगा व्यापक बाजार-


बैठक में मंत्री राकेश सचान ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरूप प्रदेश के स्थानीय बुनकरों और बुनकर सहकारी समितियों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए ठोस प्रयास किए जा रहे हैं। सरकारी अस्पतालों में इस्तेमाल होने वाले वस्त्र उत्पादों की खरीद राज्य हथकरघा निगम और यूपिका के माध्यम से कराने की प्रस्तावित व्यवस्था इसी दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इस पहल से प्रदेश के बुनकरों को अपने उत्पादों की बिक्री के लिए एक बड़ा और संस्थागत बाजार उपलब्ध कराने की संभावना है। इससे उनके काम में निरंतरता आने, उत्पादन को प्रोत्साहन मिलने और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ने की उम्मीद है। साथ ही, अस्पतालों के लिए आवश्यक उत्पादों की खरीद को निर्धारित गुणवत्ता मानकों और समयबद्ध आपूर्ति से जोड़ने में भी मदद मिलेगी।


उत्पादों के मानक और नमूने जल्द तैयार करने के निर्देश-


मंत्री राकेश सचान ने स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए कि सरकारी चिकित्सालयों में वर्तमान में इस्तेमाल किए जा रहे बेडशीट, पिलो कवर, गॉज और बैंडेज क्लॉथ के मानक एवं नमूने तत्काल उपलब्ध कराए जाएं। इसके आधार पर राज्य हथकरघा निगम और यूपिका निर्धारित मानकों के अनुरूप नए नमूने तैयार कर स्वास्थ्य विभाग को सौंपेंगे। उन्होंने चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, चिकित्सा शिक्षा विभाग तथा राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अधिकारियों को आपूर्ति व्यवस्था से संबंधित स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (एसओपी) और समझौता ज्ञापन (एमओयू) की प्रक्रिया शीघ्र पूरी करने के निर्देश दिए। इसका उद्देश्य खरीद प्रक्रिया को स्पष्ट, पारदर्शी और सुचारु बनाना है, ताकि सरकारी चिकित्सालयों की जरूरतों के अनुरूप उत्पादों की उपलब्धता सुनिश्चित की जा सके।


पारदर्शी खरीद व्यवस्था पर जोर-


बैठक में जेम (GeM) पोर्टल पर राज्य सरकार द्वारा अधिसूचित नियमों के अनुरूप खरीद व्यवस्था को पारदर्शी और बाधारहित बनाने पर भी जोर दिया गया। संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ आवश्यक प्रक्रियाओं को जल्द अंतिम रूप देने के निर्देश दिए गए, ताकि प्रस्तावित व्यवस्था को प्रभावी ढंग से लागू किया जा सके।


इस अवसर पर हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग विभाग के प्रमुख सचिव अनिल कुमार सागर सहित राज्य हथकरघा निगम, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, चिकित्सालयों के प्रतिनिधि और तकनीकी विशेषज्ञ उपस्थित रहे।

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