योगी सरकार में जनसुनवाई व्यवस्था को प्रभावी बनाने पर जोर, ऊर्जा मंत्री ने अधिकारियों को दी चेतावनी

संभव पोर्टल से शिकायतों के साथ निर्माणाधीन परियोजनाओं की भी होगी निगरानी, गंभीर और लंबित शिकायतों की जांच कर दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई के निर्देश, जनहित के कार्य निर्धारित समय-सीमा में हों पूरे, शिकायतों का निस्तारण कागजों तक सीमित न रहे- मंत्री

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Lucknow, 23 Sep, 2026 08:09 PM
योगी सरकार में जनसुनवाई व्यवस्था को प्रभावी बनाने पर जोर, ऊर्जा मंत्री ने अधिकारियों को दी चेतावनी

लखनऊ, 23 सितंबर। योगी सरकार प्रदेश में जनसमस्याओं के समयबद्ध, पारदर्शी और प्रभावी निस्तारण के लिए लगातार प्रयास कर रही है। इसी क्रम में नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री अरविंद कुमार शर्मा ने संभव (शिकायत निस्तारण पोर्टल) के माध्यम से विभिन्न जिलों से प्राप्त शिकायतों की जनसुनवाई की। इस दौरान उन्होंने कई मामलों में मौके पर ही अधिकारियों को कार्रवाई के निर्देश दिए, जबकि गंभीर और लंबित शिकायतों में जांच कर दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए निर्देश दिए।


अधिकारियों को निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश-


संभव पोर्टल शिकायतों का समयबद्ध पारदर्शी और प्रभावी समाधान सुनिश्चित करने का एक पोर्टल है। अब इस पोर्टल के माध्यम से निर्माणाधीन परियोजनाओं की निगरानी भी सुनिश्चित की जा सकेगी। जनसुनवाई के दौरान मंत्री ए.के. शर्मा ने विद्युत विभाग के अधिकारियों को निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने कहा कि बिजली चोरी करने वालों को चिन्हित कर उनके विरुद्ध कार्रवाई की जाए।


अधिकारियों को मंत्री ने दी सख्त हिदायत-


नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ने जनपदीय अधिकारियों को अपनी कार्यशैली में सुधार लाने की सख्त हिदायत दी है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक प्रभाव के तहत जनता को परेशान किए जाने की शिकायतें किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं हैं। जनहित से जुड़े कार्यों में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

मंत्री ने अधिकारियों को अंतिम चेतावनी देते हुए कहा कि वे अपनी कार्यशैली में सुधार लाएं, अन्यथा संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी। 


बजट की कोई कमी नहीं- मंत्री


मंत्री ने कहा कि विभाग के पास जनहित के कार्यों के लिए बजट की कोई कमी नहीं है। जनता से जुड़े सभी आवश्यक कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर निर्धारित समय-सीमा में पूरा किया जाए। अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिकायतों का निस्तारण केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित न रहे, बल्कि शिकायतकर्ता को वास्तविक राहत मिलनी चाहिए। शासन की मंशा स्पष्ट है कि जनता की समस्याओं का समाधान निचले स्तर पर ही प्रभावी ढंग से हो और किसी नागरिक को अपनी छोटी-छोटी समस्याओं के लिए उच्च स्तर तक आने की आवश्यकता न पड़े।

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