सीएम योगी की पाती: अन्याय पर सत्य की विजय, विजयादशमी पर रावण रूपी बुराइयों के दहन का आह्वान
मुख्यमंत्री ने महानवमी और विजयादशमी की दीं शुभकामनाएं, प्रभु श्रीराम के आदर्शों, नारी सम्मान और कानून के शासन को बताया समाज के लिए प्रेरणास्रोत; प्रयागराज के कसारी-मसारी क्षेत्र को ‘श्रीकृष्णपुरी’ के रूप में विकसित करने का उल्लेख किया।
YUGVARTA NEWS
Lucknow, 19 Oct, 2026 12:33 AMलखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शारदीय नवरात्र की महानवमी और विजयादशमी के अवसर पर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए सत्य, धर्म और न्याय की विजय का संदेश दिया। अपनी पाती में मुख्यमंत्री ने लिखा कि अन्यायी और अधर्मी चाहे कितने भी शक्तिशाली क्यों न हों, अंततः विजय सत्य और धर्म की ही होती है। उन्होंने मां दुर्गा के पराक्रम और प्रभु श्रीराम के जीवन को अन्याय के प्रतिकार, नारी सम्मान तथा कर्तव्यपालन की प्रेरणा बताया।
सीएम योगी की पाती: अन्याय पर सत्य की विजय, विजयादशमी पर रावण रूपी बुराइयों के दहन का आह्वान
— Yugvarta News Agency (@YugvartaNews) October 18, 2026
उपशीर्षक: मुख्यमंत्री ने महानवमी और विजयादशमी की दीं शुभकामनाएं, प्रभु श्रीराम के आदर्शों, नारी सम्मान और कानून के शासन को बताया समाज के लिए प्रेरणास्रोत; प्रयागराज के कसारी-मसारी क्षेत्र… pic.twitter.com/oJZzgNqOoz
मुख्यमंत्री ने अपनी पाती में प्रभु श्रीराम के आदर्शों का उल्लेख करते हुए मां और मातृभूमि के प्रति प्रेम, समर्पण और कर्तव्यनिष्ठा का संदेश दिया। उन्होंने विजयादशमी को केवल पर्व के रूप में मनाने के बजाय अपने भीतर मौजूद अहंकार, अन्याय, भेदभाव और नकारात्मकता जैसी बुराइयों को समाप्त करने का संकल्प लेने का अवसर बताया।
प्रभु श्रीराम के आदर्शों से मिलती है सामाजिक समरसता की प्रेरणा
सीएम योगी ने अपनी पाती में प्रभु श्रीराम को सामाजिक समरसता और एकात्मता का प्रतीक बताया। उन्होंने लिखा कि रामलीला जैसे सांस्कृतिक आयोजनों में समाज के विभिन्न वर्गों के लोग बिना भेदभाव के भाग लेते हैं। ये आयोजन सामाजिक एकजुटता को मजबूत करने और भारतीय सांस्कृतिक परंपराओं को अगली पीढ़ी तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
मुख्यमंत्री ने लिखा कि प्रभु श्रीराम के आदर्श केवल भारत तक सीमित नहीं हैं, बल्कि विश्व के अनेक देशों की सांस्कृतिक परंपराओं में भी उनका प्रभाव दिखाई देता है। रामायण और रामकथा से जुड़ी परंपराएं विभिन्न देशों में लोगों को नैतिकता, कर्तव्य और आदर्श जीवन की प्रेरणा देती हैं।
कानून का शासन और नागरिकों की सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता
मुख्यमंत्री ने अपनी पाती में लिखा कि प्रभु श्रीराम के आदर्शों के अनुरूप कानून का शासन और नागरिकों की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने माफिया और संगठित अपराध के विरुद्ध की गई कठोर कार्रवाई का उल्लेख करते हुए लिखा कि अपराधियों के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत भयमुक्त वातावरण बनाने के लिए निर्णायक कदम उठाए गए हैं।
पाती में मुख्यमंत्री ने यह भी उल्लेख किया कि इन प्रयासों से कानून के प्रति जनता का विश्वास मजबूत करने की दिशा में काम किया गया है।
माफिया से मुक्त कराई गई जमीन पर गरीबों के लिए आवास
सीएम योगी ने अपनी पाती में माफिया के कब्जे से मुक्त कराई गई भूमि पर गरीबों के लिए आवास निर्माण का उल्लेख किया। उन्होंने प्रयागराज के कसारी-मसारी क्षेत्र का जिक्र करते हुए लिखा कि मुक्त कराई गई भूमि पर गरीबों के लिए आवास बनाए जाएंगे और इस क्षेत्र को ‘श्रीकृष्णपुरी’ के रूप में विकसित किया जाएगा।
यह पहल अवैध कब्जों से मुक्त कराई गई जमीन के जनहित में उपयोग और जरूरतमंद परिवारों को आवास उपलब्ध कराने के प्रयासों को रेखांकित करती है।
विजयादशमी पर बुराइयों के दहन का संकल्प लेने की अपील
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपनी पाती में प्रदेशवासियों से अपील की कि वे विजयादशमी के अवसर पर अहंकार, अन्याय, भेदभाव और नकारात्मकता रूपी रावण का दहन करने का संकल्प लें। उन्होंने प्रभु श्रीराम के आदर्शों को जीवन में अपनाने, नारी सम्मान को प्राथमिकता देने और समाज में समरसता तथा सद्भाव बनाए रखने का संदेश दिया।
मुख्यमंत्री की पाती का मूल संदेश है कि त्योहारों की सार्थकता तभी है, जब उनके आदर्श जीवन और आचरण में दिखाई दें। सत्य, धर्म, न्याय और कर्तव्यनिष्ठा के मार्ग पर चलकर ही एक समरस, सुरक्षित और सशक्त समाज का निर्माण किया जा सकता है।
आदित्य अमिताभ त्रिवेदी, युगवार्ता
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