योगी सरकार का नगर विकास और ऊर्जा क्षेत्र की संभावनाओं का अधिक प्रभावी ढंग से इस्तेमाल करने पर जोर
नगर विकास और ऊर्जा विभाग की समीक्षा बैठक में मंत्री ए.के. शर्मा ने अधिकारियों को दिए ठोस कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश, नगरीय निकायों की आय बढ़ाने और विकास परियोजनाओं को समयसीमा में पूरा करने पर जोर, वैश्विक मानकों के अनुरूप विकसित होंगे यूपी के शहर, ई-नगर सेवा योजना को नए सिरे से तैयार करने की कवायद
YUGVARTA NEWS
Lucknow, 15 Oct, 2026 11:22 PMलखनऊ, 15 अक्टूबर। उत्तर प्रदेश को वन ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी बनाने के लक्ष्य को गति देने के लिए योगी सरकार नगर विकास और ऊर्जा क्षेत्र की संभावनाओं का और अधिक प्रभावी ढंग से इस्तेमाल करने पर जोर दे रही है। इसी क्रम में नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री अरविंद कुमार शर्मा ने लखनऊ स्थित संगम सभागार में दोनों विभागों की समीक्षा बैठक की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि विभागीय योजनाओं, विकास परियोजनाओं और उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग करते हुए प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार की जाए।
नगरीय निकायों की आय बढ़ाने और विकास कार्यों में तेजी पर जोर-
नगर विकास विभाग की समीक्षा के दौरान प्रस्तुतिकरण में बताया गया कि प्रदेश के नगर निगमों और नगरीय निकायों के राजस्व में निरंतर वृद्धि हो रही है। विकास परियोजनाओं को निर्धारित समयसीमा में पूरा करने के लिए भी प्रयास तेज किए जा रहे हैं। मंत्री ए.के. शर्मा ने कहा कि निकायों की आय बढ़ाने के साथ विकास कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करना जरूरी है। इससे शहरों में आधारभूत सुविधाओं का विस्तार होगा और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
यूपी के शहरों को वैश्विक मानकों के अनुरूप बनाने की तैयारी-
मंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश के नगरों को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए विकसित और आधुनिक शहरों की कार्यप्रणाली, व्यवस्थाओं और मानकों का अध्ययन किया जाना चाहिए। इनसे उपयोगी पहलुओं की पहचान कर प्रदेश के शहरों में लागू करने के लिए ठोस कार्ययोजना बनाई जाए। उन्होंने ई-नगर सेवा योजना को वर्तमान आवश्यकताओं के अनुरूप पुनर्गठित करने और नगरीय सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाने पर भी जोर दिया।
पीएम सूर्य घर योजना और बायो एनर्जी से बढ़ेंगी संभावनाएं-
ऊर्जा विभाग की समीक्षा में अधिकारियों ने बताया कि पीएम सूर्य घर योजना के तहत रूफटॉप सोलर संयंत्रों की स्थापना की गति दोगुनी हुई है। इसके अलावा प्रदेश में बायो एनर्जी और कंप्रेस्ड बायोगैस (सीबीजी) के क्षेत्र में भी काम किया जा रहा है। उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन लिमिटेड (यूपीपीसीएल) विद्युत बिक्री के माध्यम से भी आय अर्जित कर रहा है।
मंत्री ए.के. शर्मा ने निर्देश दिए कि ऊर्जा विभाग की योजनाओं और परियोजनाओं का आर्थिक दृष्टि से भी आकलन किया जाए। ऐसे तकनीकी पहलुओं की पहचान की जाए, जिनके कारण उपलब्ध संसाधनों का अपेक्षित मूल्य संवर्धन नहीं हो पा रहा है। इन बिंदुओं पर गहन मंथन कर आवश्यक सुधार किए जाएं, ताकि ऊर्जा क्षेत्र की कार्यक्षमता बढ़ने के साथ-साथ आर्थिक लाभ भी सुनिश्चित हो सके।
ऊर्जा क्षेत्र में निवेश बढ़ाने पर जोर-
बैठक में प्रमुख सचिव ऊर्जा रणवीर प्रसाद ने ऊर्जा विभाग में निवेश बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने ऊर्जा क्षेत्र में निवेश की संभावनाओं को और अधिक व्यापक बनाने तथा प्रदेश में ऊर्जा संबंधी गतिविधियों के विस्तार के लिए प्रयास तेज करने पर जोर दिया। बैठक में प्रमुख सचिव नगर विकास पी. गुरु प्रसाद, प्रमुख सचिव ऊर्जा रणवीर प्रसाद, यूपीपीसीएल के एमडी नीतीश कुमार, विशेष सचिव प्रवीण लक्ष्यकार, यूपीनेडा के निदेशक रविंद्र कुमार, अपर निदेशक नगरीय निकाय रितु सुहास सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।



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