सपा सरकार के कार्यकाल में नकल माफिया को बढ़ावा मिला, भाजपा सांसद बृजलाल ने अखिलेश यादव पर साधा निशाना
पूर्व डीजीपी बोले- सपा सरकार में चौपट हुई शिक्षा व्यवस्था, मुलायम सरकार में नकल अध्यादेश खत्म होने के बाद प्रदेश में नकल माफिया की नींव पड़ी- बृजलाल, संसाधनों और शिक्षकों का बेहतर इस्तेमाल करने के लिए स्कूलों का विलयः राज्यसभा सांसद
YUGVARTA NEWS
Lucknow, 16 Aug, 2026 12:00 AMलखनऊ, 15 अगस्त। उत्तर प्रदेश के पूर्व डीजीपी एवं राज्यसभा सांसद बृजलाल ने प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था और विकास को लेकर समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव के सवालों पर पलटवार किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा सरकार के कार्यकाल में नकल माफिया को बढ़ावा मिला और शिक्षा व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हुई। बृजलाल ने कहा कि आज योगी आदित्यनाथ सरकार में शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए व्यापक स्तर पर काम किया जा रहा है।
सांसद बृजलाल ने कहा कि वर्ष 1993 में मुलायम सिंह यादव के मुख्यमंत्री रहते नकल अध्यादेश समाप्त किया गया था। इसके बाद प्रदेश में नकल माफिया की नींव पड़ी और इटावा समेत आसपास के क्षेत्रों में नकल के केंद्र बन गए। उन्होंने कहा कि इससे उत्तर प्रदेश की छवि खराब हुई और मेधावी एवं प्रतिभाशाली छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ।
राज्यसभा सांसद ने आरोप लगाया कि नकल और भर्ती में अनियमितताओं का असर केवल स्कूली परीक्षाओं तक सीमित नहीं रहा। उन्होंने कहा कि पीसीएस, पुलिस भर्ती और अन्य भर्तियों में भी सवाल उठे। बृजलाल ने दावा किया कि अखिलेश यादव सरकार के समय 14 आईपीएस अधिकारियों को निलंबित किया गया था। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था को चौपट करने की जिम्मेदार सपा सरकार है।
संसाधनों और शिक्षकों का बेहतर इस्तेमाल करने के लिए स्कूलों का विलय-
प्रदेश में कम छात्र संख्या वाले हजारों स्कूलों के विलय को लेकर उठ रहे सवालों पर बृजलाल ने कहा कि कई विद्यालयों में महज 10 से 15 बच्चे थे। ऐसे विद्यालयों को बड़े स्कूलों में विलय किया गया है, ताकि संसाधनों और शिक्षकों का बेहतर इस्तेमाल हो सके। उन्होंने कहा कि जहां दूरी एक किलोमीटर से अधिक है, वहां विशेष छूट देते हुए व्यवस्था को यथासंभव स्थानीय स्तर पर बनाए रखा गया है। उन्होंने कहा कि पुराने स्कूल भवनों का उपयोग प्री-प्राइमरी शिक्षा के लिए किया जा रहा है। आंगनवाड़ी केंद्रों को भी प्री-प्राइमरी शिक्षा से जोड़ा गया है, ताकि बच्चे नियमित स्कूल जाने से पहले प्रारंभिक शिक्षा प्राप्त कर सकें। आंगनवाड़ी कार्यकर्ता बच्चों की देखरेख और प्रारंभिक शिक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
बृजलाल ने कहा कि शिक्षकों की तैनाती भी छात्र संख्या के अनुपात में की जा रही है। जहां कम बच्चे हैं, वहां जरूरत के मुताबिक शिक्षकों की संख्या निर्धारित की जा रही है, जबकि बड़े विद्यालयों में पर्याप्त शिक्षक उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि योगी सरकार ने शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए कई स्तरों पर सुधार किए हैं।
विकास के दावों पर भी अखिलेश को घेरा-
उत्तर प्रदेश सरकार के विकास संबंधी दावों पर अखिलेश यादव की ओर से उठाए गए सवालों को लेकर बृजलाल ने इसे विपक्ष का 'फर्जी नैरेटिव' करार दिया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश आज एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है और प्रदेश में करीब 50 लाख करोड़ रुपये के निवेश के प्रस्ताव आए हैं।
बृजलाल ने कहा कि उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था की मजबूती का असर देश की अर्थव्यवस्था पर भी दिखाई दे रहा है। उन्होंने सवाल किया कि अखिलेश यादव क्या देश की अर्थव्यवस्था के चौथे स्थान पर पहुंचने के तथ्य से इनकार कर सकते हैं। विपक्ष केवल फर्जी नैरेटिव गढ़ने का काम कर रहा है।
माफिया और कानून-व्यवस्था को लेकर भी निशाना-
राज्यसभा सांसद ने अखिलेश यादव के कार्यकाल को कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर भी घेरा। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा सरकार के दौरान प्रदेश में दंगे, रंगदारी, अपहरण और माफिया गतिविधियां आम थीं। ऐसे माहौल में निवेशक उत्तर प्रदेश में निवेश करने से बचते थे। बृजलाल ने कहा कि आज प्रदेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति बेहतर होने के कारण निवेश का माहौल बना है। उन्होंने करीब 50 लाख करोड़ रुपये के निवेश को उत्तर प्रदेश में हो रहे विकास का प्रमाण बताते हुए कहा कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था मजबूत हो रही है।



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