अभिभावकों के खातों में पहुंच रही बच्चों की जरूरत की धनराशि, योगी सरकार ने बढ़ाई पारदर्शी शिक्षा व्यवस्था की रफ्तार

- कक्षा 1 से 8 तक के विद्यार्थियों के अभिभावकों के बैंक खातों में डीबीटी से भेजी जा रही धनराशि - शैक्षिक सत्र 2026-27 के लिए यूनिफॉर्म, जूता-मोजा, स्वेटर, स्कूल बैग और स्टेशनरी क्रय में मिलेगी आर्थिक सहायता - प्रथम चरण में करीब 1.10 करोड़ विद्यार्थियों के अभिभावकों के खातों में डीबीटी के माध्यम से अंतरित हुई धनराशि - द्वितीय चरण में 7.83 लाख विद्यार्थियों के अभिभावकों के खातों में भेजी गई निर्धारित धनराशि - सीधे बैंक खाते में भुगतान से पारदर्शिता, जवाबदेही और समयबद्ध लाभ सुनिश्चित

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Lucknow, 20 Aug, 2026 09:26 PM
अभिभावकों के खातों में पहुंच रही बच्चों की जरूरत की धनराशि, योगी सरकार ने बढ़ाई पारदर्शी शिक्षा व्यवस्था की रफ्तार

लखनऊ, 20 अगस्त। बच्चों की पढ़ाई में आर्थिक परिस्थितियां बाधा न बनें और हर विद्यार्थी को विद्यालय में सम्मानजनक एवं समान अवसर मिले, इसी उद्देश्य से योगी सरकार ने शैक्षिक सामग्री के लिए दी जाने वाली सहायता को सीधे अभिभावकों के बैंक खातों तक पहुंचाने की व्यवस्था को और मजबूत किया है। बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा संचालित विद्यालयों में कक्षा 1 से 8 तक अध्ययनरत विद्यार्थियों के अभिभावकों के खातों में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के माध्यम से धनराशि भेजी जा रही है। इस धनराशि का उपयोग विद्यार्थियों के लिए निर्धारित यूनिफॉर्म, जूता-मोजा, स्वेटर, स्कूल बैग और स्टेशनरी क्रय करने के लिए किया जाना है। उत्तर प्रदेश सरकार की यह पहल प्रदेश के करोड़ों विद्यार्थियों को समान शैक्षिक अवसर, बेहतर विद्यालयी अनुभव और गरिमापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। डीबीटी के माध्यम से सहायता सीधे अभिभावकों तक पहुंचाकर सरकार ने लाभ वितरण को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाने के साथ बच्चों को शैक्षिक सत्र की शुरुआत से ही आवश्यक संसाधनों से जोड़ने की व्यवस्था को मजबूत किया है। करीब 1.10 करोड़ विद्यार्थियों से शुरू हुआ अभियान इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम का शुभारंभ 8 जुलाई 2026 को वाराणसी में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा किया गया था। शुभारंभ के अवसर पर करीब 1.10 करोड़ विद्यार्थियों के अभिभावकों के बैंक खातों में डीबीटी के माध्यम से धनराशि अंतरित की गई थी। इसके साथ ही प्रदेश में बच्चों को शैक्षिक सत्र के प्रारंभ से ही आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने की दिशा में व्यवस्था को गति मिली। दूसरे चरण में 7.83 लाख विद्यार्थियों को लाभ कार्यक्रम की निरंतर प्रगति के क्रम में द्वितीय चरण में 7.83 लाख विद्यार्थियों के अभिभावकों के बैंक खातों में निर्धारित धनराशि डीबीटी के माध्यम से भेजी गई है। यह धनराशि शीघ्र ही संबंधित अभिभावकों के बैंक खातों में क्रेडिट हो जाएगी। इससे पात्र विद्यार्थियों के लिए निर्धारित शैक्षिक सामग्री की समय से व्यवस्था सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी। यूनिफॉर्म से स्टेशनरी तक, पढ़ाई के लिए जरूरी संसाधन राज्य सरकार का उद्देश्य केवल विद्यार्थियों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि प्रत्येक बच्चे के लिए सम्मानजनक, समान और गरिमापूर्ण विद्यालयी अनुभव सुनिश्चित करना है। निर्धारित यूनिफॉर्म में विद्यालय आने, आवश्यक जूता-मोजा और स्वेटर उपलब्ध होने तथा स्कूल बैग एवं स्टेशनरी की व्यवस्था होने से विद्यार्थियों का आत्मविश्वास बढ़ता है। साथ ही नियमित उपस्थिति और सीखने के अनुकूल वातावरण को भी मजबूती मिलती है। सीधे खाते में भुगतान से पारदर्शिता डीबीटी व्यवस्था के माध्यम से धनराशि सीधे अभिभावकों के बैंक खातों में भेजे जाने से योजना में पारदर्शिता, जवाबदेही और समयबद्धता सुनिश्चित होती है। विभाग द्वारा सभी संबंधित स्तरों पर डीबीटी प्रक्रिया की सतत निगरानी की जा रही है, ताकि पात्र विद्यार्थियों के अभिभावकों को योजना का लाभ समय से प्राप्त हो और निर्धारित धनराशि का विद्यार्थियों के हित में समुचित उपयोग सुनिश्चित किया जा सके। कोट: योगी सरकार का लक्ष्य प्रदेश के हर बच्चे को समान अवसर और गरिमापूर्ण विद्यालयी अनुभव उपलब्ध कराना है। डीबीटी के माध्यम से सहायता सीधे अभिभावकों के खातों में पहुंचने से व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही मजबूत हुई है। इससे बच्चों को शैक्षिक सत्र की शुरुआत से ही आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने में मदद मिल रही है। संदीप सिंह, राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार), बेसिक शिक्षा

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