मिडटर्म चुनाव में ट्रंप को बड़ा झटका, रिपब्लिकन पार्टी पर हार का संकट
YUGVARTA NEWS
Lucknow, 4 Nov, 2026 08:43 PMनई दिल्ली, 04 नवंबर 2026 अमेरिका में मिडटर्म चुनाव के नतीजों ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी के लिए मुश्किलें बढ़ा दी हैं। चुनाव में डेमोक्रेटिक पार्टी ने मजबूत प्रदर्शन करते हुए अमेरिकी सीनेट में बहुमत का आंकड़ा पार कर लिया है, जबकि हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में भी उसकी बढ़त बनी हुई है। इन परिणामों को ट्रंप के राष्ट्रपति कार्यकाल के लिए अहम राजनीतिक परीक्षा के रूप में देखा जा रहा है। चुनावी रुझानों के बीच ट्रंप ने नतीजों को स्वीकार करने और डेमोक्रेट्स के साथ मिलकर काम करने की बात कही है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार रात (अमेरिकी समयानुसार) एक इंटरव्यू के दौरान चुनावी नतीजों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, ''मैं इन नतीजों को स्वीकार करने के लिए तैयार हूं।'' उन्होंने डेमोक्रेटिक पार्टी के साथ मिलकर काम करने की इच्छा भी जाहिर की। ट्रंप ने कहा, ''हम डेमोक्रेट्स के साथ काम करेंगे और उनके साथ मिलकर काम करने को उत्सुक हैं। हम संभवतः कोई न कोई रास्ता निकाल लेंगे।'' उनके इस बयान को चुनाव में रिपब्लिकन पार्टी के प्रदर्शन के बाद विपक्ष के साथ सहयोग की पेशकश के तौर पर देखा जा रहा है। चुनाव परिणामों के बीच ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने पोस्ट में लिखा, ''मैं चुनाव मैदान में नहीं था और अगर होता, तो हम भारी बहुमत से जीतते।'' इसके अलावा चुनावी नतीजों पर एक अन्य पोस्ट में उन्होंने कहा था कि "मैं एक राजनीतिक विशेषज्ञ बनने जा रहा हूं, जो इन उम्मीदवारों की जीत और हार के कारणों पर अच्छी और बुरी, दोनों तरह की बातें रखेगा।" इस तरह ट्रंप ने चुनाव में अपनी पार्टी के प्रदर्शन को लेकर प्रतिक्रिया दी। इस मिडटर्म चुनाव में हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स की सभी 435 सीटों और अमेरिकी सीनेट की 35 सीटों पर मतदान हुआ। इसके साथ ही 36 राज्यों में गवर्नर पद के लिए भी चुनाव कराए गए। डेमोक्रेटिक पार्टी ने सीनेट में 50 सीटों का आंकड़ा पार करते हुए बहुमत हासिल किया है। वहीं, प्रतिनिधि सभा में भी पार्टी बढ़त बनाए हुए है। हालांकि, सभी चुनावी नतीजों की आधिकारिक तस्वीर सामने आने में अभी कुछ समय लग सकता है। अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव के दो साल बाद मिडटर्म चुनाव कराए जाते हैं। इन चुनावों को मौजूदा राष्ट्रपति के कामकाज और नीतियों के प्रति जनता के रुख का संकेत माना जाता है। इस बार के चुनाव में रिपब्लिकन पार्टी के कमजोर प्रदर्शन से ट्रंप के सामने आगे के कार्यकाल में राजनीतिक चुनौतियां बढ़ सकती हैं। खास तौर पर कांग्रेस के दोनों सदनों में डेमोक्रेट्स की स्थिति मजबूत होने से सरकार के विधायी एजेंडे पर विपक्ष की भूमिका अहम हो जाएगी।


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