मुख्यमंत्री धामी ने सूर्य देवभूमि चैलेंज 2.0 के समापन समारोह में किया प्रतिभाग, साहसिक पर्यटन को बताया राज्य की नई पहचान
YUGVARTA NEWS
Lucknow, 20 Apr, 2026 08:27 PMटिहरी । मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि सूर्य देवभूमि चैलेंज जैसे आयोजन सीमांत क्षेत्रों में रोजगार और आजीविका के नए अवसर पैदा करेंगे, साथ ही युवाओं में साहस, अनुशासन और राष्ट्रभक्ति की भावना को मजबूत करेंगे। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड साहसिक पर्यटन के क्षेत्र में तेजी से नई पहचान बना रहा है।
मुख्यमंत्री सोमवार को गढ़वाल विश्वविद्यालय के चौरास परिसर, टिहरी में भारतीय सेना और उत्तराखंड पर्यटन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित सूर्य देवभूमि चैलेंज 2.0 के समापन समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने प्रतियोगिता में भाग लेने वाले सभी प्रतिभागियों और विजेताओं को बधाई दी।
धामी ने कहा कि आयोजन में भारतीय सेना के 100 जवानों समेत देशभर से करीब 200 साहसिक ट्रैकर्स ने हिस्सा लिया। प्रतिभागियों ने हेलंग से कलगोट, कलगोट से मंडल होते हुए उखीमठ तक 113 किलोमीटर की कठिन हाई एल्टीट्यूड मैराथन पूरी कर साहस और धैर्य का परिचय दिया है।
उन्होंने कहा कि प्रतिभागियों ने बद्रीनाथ, केदारनाथ धाम सहित पंच केदार को जोड़ने वाले ऐतिहासिक और आध्यात्मिक मार्ग की यात्रा भी की। ऐसे आयोजन युवाओं को प्रेरित करने के साथ राज्य में पर्यटन को नई गति देंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सीमांत क्षेत्रों के विकास के लिए तेजी से काम हो रहा है। वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम के तहत गांवों को मुख्यधारा से जोड़ा जा रहा है। राज्य सरकार भी ट्रेकिंग, राफ्टिंग, पैराग्लाइडिंग, साइक्लिंग और माउंटेनियरिंग जैसी गतिविधियों को बढ़ावा दे रही है।
उन्होंने कहा कि औली, ऋषिकेश, मुनस्यारी और टिहरी झील जैसे क्षेत्र साहसिक पर्यटन के बड़े केंद्र बनकर उभर रहे हैं। बेहतर सड़क संपर्क से पर्यटन, व्यापार और सामरिक विकास को मजबूती मिली है।
इस मौके पर विधायक विनोद कण्डारी, लेफ्टिनेंट जनरल अनिंद्य सेनगुप्ता, ओलंपिक पदक विजेता मुक्केबाज विजेंद्र सिंह, जिलाधिकारी नितिका खण्डेलवाल, एसएसपी श्वेता चौबे समेत कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।


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