मानसून को लेकर धामी सरकार अलर्ट, 15 नवंबर तक सभी सड़कें होंगी गड्ढामुक्त

कैंचीधाम बाईपास कल से शुरू, आपदा एवं स्वास्थ्य प्रबंधन पर विशेष फोकस

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Lucknow, 9 Jun, 2026 06:03 PM
मानसून को लेकर धामी सरकार अलर्ट, 15 नवंबर तक सभी सड़कें होंगी गड्ढामुक्त

देहरादून। उत्तराखंड में आगामी मानसून सीजन को देखते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अधिकारियों को सभी तैयारियां समय रहते पूरी करने के निर्देश दिए हैं। सचिवालय में आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि आपदा प्रबंधन, स्वास्थ्य सेवाओं, जनसुविधाओं और आधारभूत ढांचे को मजबूत बनाने के लिए सभी विभाग समन्वित रूप से कार्य करें तथा किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तैयारी रखें।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि मानसून समाप्त होने के बाद 15 नवंबर 2026 तक प्रदेश की सभी सड़कों को गड्ढामुक्त किया जाए। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष आपदा प्रभावित क्षेत्रों में लंबित कार्यों को मानसून शुरू होने से पहले पूरा किया जाए। पुलों, कल्वर्टों और ड्रेनेज सिस्टम की जांच कर आवश्यक मरम्मत कार्य समयबद्ध ढंग से पूरे किए जाएं तथा नालों और जल निकासी मार्गों की सफाई सुनिश्चित की जाए।

स्वास्थ्य विभाग को विशेष तैयारी के निर्देश

मुख्यमंत्री ने डेंगू, मलेरिया और अन्य जलजनित बीमारियों की रोकथाम के लिए प्रभावी कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जीवनरक्षक दवाओं, चिकित्सा उपकरणों और एम्बुलेंस की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। साथ ही सभी जिलाधिकारियों को गर्भवती महिलाओं की अद्यतन सूची तैयार रखने और उसे नियमित रूप से अपडेट करने के निर्देश दिए गए हैं।

संवेदनशील और दुर्गम क्षेत्रों की गर्भवती महिलाओं के लिए निकटवर्ती अस्पतालों के आसपास ठहरने की व्यवस्था करने तथा आवश्यकता पड़ने पर हेली एम्बुलेंस सुविधा उपलब्ध कराने को भी कहा गया है।

संवेदनशील क्षेत्रों का होगा विशेष निरीक्षण

मुख्यमंत्री ने सभी जिलों में भूस्खलन, बाढ़ और भू-कटाव संभावित क्षेत्रों का अद्यतन मानचित्र तैयार करने के निर्देश दिए। साथ ही आपदा की दृष्टि से संवेदनशील गांवों, स्कूलों, अस्पतालों और अन्य महत्वपूर्ण परिसंपत्तियों की सूची तैयार करने को कहा।

चारधाम यात्रा मार्ग सहित राष्ट्रीय एवं राज्य राजमार्गों पर संवेदनशील स्थलों का भौतिक निरीक्षण करने तथा जेसीबी, पोकलैंड, डंपर, क्रेन और अन्य आवश्यक मशीनरी को पहले से तैनात रखने के निर्देश दिए गए हैं। जिन क्षेत्रों में मानसून के दौरान सड़कें बार-बार बाधित होती हैं, वहां वैकल्पिक मार्गों की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाएगी।

मौसम अलर्ट ग्राम स्तर तक पहुंचाने के निर्देश

मुख्यमंत्री ने कहा कि बाढ़ संभावित क्षेत्रों में चेतावनी संकेतक और सूचना बोर्ड लगाए जाएं तथा प्रत्येक तहसील में राहत एवं बचाव सामग्री का पर्याप्त भंडारण सुनिश्चित किया जाए। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग, राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र और जिला नियंत्रण कक्षों के बीच 24 घंटे समन्वय स्थापित किया जाए।

उन्होंने मौसम संबंधी अलर्ट ग्राम स्तर तक त्वरित रूप से पहुंचाने तथा पर्यटकों और यात्रियों को समय पर मौसम की जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए। जल निकासी और यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए मानसून से पूर्व अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई को प्राथमिकता देने को कहा गया।

कैंचीधाम बाईपास से मिलेगी जाम से राहत

कैंचीधाम में श्रद्धालुओं की लगातार बढ़ती संख्या के कारण उत्पन्न होने वाली यातायात समस्या के समाधान के लिए मुख्यमंत्री के निर्देशों के क्रम में कैंचीधाम बाईपास को बुधवार से आवागमन के लिए शुरू किया जा रहा है। इससे श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों को जाम की समस्या से बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मानसून अवधि के दौरान सतर्कता, त्वरित कार्रवाई और प्रभावी समन्वय के माध्यम से जनहानि एवं संपत्ति के नुकसान को न्यूनतम रखने के लिए सभी विभाग पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करें।

उत्तराखंड के आपदा प्रबंधन मॉडल को मिली अंतरराष्ट्रीय सराहना

मुख्यमंत्री ने ब्रिक्स डिजास्टर रिस्क रिडक्शन वर्किंग ग्रुप की बैठक में उत्तराखंड के आपदा प्रबंधन मॉडल को मिली अंतरराष्ट्रीय सराहना पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, एसडीआरएफ, यूएलएमएमसी और आपदा प्रबंधन से जुड़ी सभी एजेंसियों को बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि राज्य के समन्वित प्रयासों, तकनीक आधारित कार्यप्रणाली और निरंतर नवाचारों का परिणाम है।

बैठक में सचिव आपदा प्रबंधन विनोद कुमार सुमन ने मानसून सीजन की तैयारियों का विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया। इस अवसर पर आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास मंत्री मदन कौशिक, राज्य आपदा प्रबंधन उपाध्यक्ष विनय कुमार रोहिला, मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, डीजीपी दीपम सेठ सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। वर्चुअल माध्यम से कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत, गढ़वाल कमिश्नर आनंद स्वरूप तथा सभी जिलाधिकारी भी बैठक में शामिल हुए।


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