पीएम किसान सम्मान निधि की किस्त से उत्तराखंड के 8 लाख किसानों को मिला ₹159 करोड़, सीएम धामी बोले- किसान देश की असली ताकत

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Lucknow, 20 Jun, 2026 05:40 PM
पीएम किसान सम्मान निधि की किस्त से उत्तराखंड के 8 लाख किसानों को मिला ₹159 करोड़, सीएम धामी बोले- किसान देश की असली ताकत

देहरादून। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 23वीं किस्त जारी होने के साथ उत्तराखंड के 8 लाख से अधिक किसानों के खातों में ₹159 करोड़ से अधिक की सहायता राशि पहुंची है। प्रधानमंत्री किसान उत्सव दिवस के अवसर पर देहरादून स्थित हिमालय सांस्कृतिक केंद्र, गढ़ी कैंट में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रतिभाग करते हुए इसे किसानों के सम्मान, समृद्धि और सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा पश्चिम बंगाल से देशभर के किसानों के लिए डीबीटी के माध्यम से जारी की गई किसान सम्मान निधि की राशि का वर्चुअल प्रसारण देखा। इस दौरान प्रधानमंत्री ने देशभर के लगभग 10 करोड़ किसानों को ₹18,880 करोड़ की सहायता राशि हस्तांतरित की।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेश के सभी अन्नदाता किसानों को बधाई देते हुए कहा कि किसान देश की समृद्धि और खाद्य सुरक्षा के सबसे मजबूत आधार स्तंभ हैं। उन्होंने कहा कि “देश की सीमाओं की सुरक्षा जवान करते हैं, जबकि देश की खाद्य सुरक्षा खेतों में मेहनत करने वाले किसान सुनिश्चित करते हैं।”

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि केंद्र सरकार की किसान कल्याण योजनाएं पूरी पारदर्शिता के साथ सीधे किसानों के बैंक खातों तक पहुंच रही हैं। उन्होंने बताया कि जब वर्ष 2019 में इस योजना की शुरुआत हुई थी, तब उत्तराखंड में लगभग 4 लाख किसान लाभान्वित हो रहे थे, जो आज बढ़कर 8 लाख से अधिक हो चुके हैं।

उन्होंने कहा कि उत्तराखंड सरकार भी किसानों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए लगातार काम कर रही है। इसी दिशा में राज्य सरकार ने नहरों से सिंचाई को पूरी तरह निशुल्क करने का निर्णय लिया है। किसानों की आय बढ़ाने के लिए बजट में ₹200 करोड़ का प्रावधान किया गया है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में ₹115 करोड़ के निवेश से 350 से अधिक आधुनिक पॉलीहाउस विकसित किए गए हैं, जिससे किसानों को बेहतर उत्पादन और आय वृद्धि में मदद मिल रही है। इसके अलावा बदलते मौसम की चुनौतियों को देखते हुए ₹1000 करोड़ की लागत से “उत्तराखंड क्लाइमेट रिस्पॉन्सिव रेन-फेड फार्मिंग प्रोजेक्ट” को मंजूरी दी गई है।

उन्होंने कहा कि फल उत्पादन और आधुनिक कृषि को बढ़ावा देने के लिए नई सेब नीति, कीवी नीति, ड्रैगन फ्रूट नीति और स्टेट मिलेट मिशन लागू किए गए हैं, जिनके तहत किसानों को 80 प्रतिशत तक सब्सिडी दी जा रही है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि किसानों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने के लिए राज्य में कोल्ड चेन, कोल्ड स्टोरेज, सीए स्टोरेज और मेगा फूड पार्क जैसी सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। वहीं “हाउस ऑफ हिमालयाज” ब्रांड के जरिए उत्तराखंड के स्थानीय उत्पादों और मिलेट को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाई जा रही है।

उन्होंने कहा कि स्पष्ट नीति और ईमानदार नीयत के कारण उत्तराखंड ने किसानों की आय वृद्धि के क्षेत्र में देश में पहला स्थान प्राप्त किया है। यह उपलब्धि प्रदेश के किसानों की मेहनत और सरकार की किसान हितैषी नीतियों का परिणाम है।

मुख्यमंत्री ने किसानों से आह्वान किया कि वे पारंपरिक खेती के साथ आधुनिक तकनीकों और वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों को अपनाएं तथा सरकारी योजनाओं का अधिकतम लाभ लेकर विकसित उत्तराखंड के संकल्प को साकार करने में भागीदारी निभाएं।

कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, विधायक सविता कपूर सहित बड़ी संख्या में किसान, कृषि क्षेत्र से जुड़े लोग और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।


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