चमोली हेलीकॉप्टर हादसे पर मुख्यमंत्री धामी ने जताया गहरा शोक, दुर्घटना की जांच के दिए निर्देश

दिवंगतों के परिजनों के प्रति व्यक्त की संवेदना, अधिकारियों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश

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Lucknow, 30 Oct, 2026 08:14 PM
चमोली हेलीकॉप्टर हादसे पर मुख्यमंत्री धामी ने जताया गहरा शोक, दुर्घटना की जांच के दिए निर्देश

देहरादून, 30 अक्टूबर 2026। उत्तराखंड के चमोली जनपद में शुक्रवार को हुए दर्दनाक हेलीकॉप्टर हादसे में पायलट समेत सभी छह लोगों की मौत हो गई। बदरीनाथ धाम से देहरादून लौट रहा निजी कंपनी ट्रांस भारत एविएशन का हेलीकॉप्टर जोशीमठ क्षेत्र में चायी गांव के समीप पहाड़ी से टकराकर दुर्घटनाग्रस्त हो गया। हादसे के बाद मौके पर पहुंची सेना, पुलिस, एसडीआरएफ और जिला प्रशासन की संयुक्त टीमों ने सर्च एवं रेस्क्यू अभियान चलाया। दुर्घटनास्थल से सभी छह लोगों के शव बरामद कर लिए गए हैं।

इस हृदयविदारक दुर्घटना पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गहरा दुःख व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री ने दिवंगतों की आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना करते हुए शोक संतप्त परिजनों के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को दुर्घटना के सभी पहलुओं की विस्तृत जांच करने तथा प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।

बदरीनाथ से देहरादून के लिए भरी थी उड़ान

प्राप्त जानकारी के अनुसार, ट्रांस भारत एविएशन प्राइवेट लिमिटेड का हेलीकॉप्टर (रजिस्ट्रेशन नंबर VT-HCX) शुक्रवार दोपहर करीब 1:14 बजे बदरीनाथ धाम से देहरादून के सहस्रधारा हेलीपोर्ट के लिए रवाना हुआ था। हेलीकॉप्टर में पायलट समेत कुल छह लोग सवार थे।

जोशीमठ घाटी के ऊपर उड़ान के दौरान हेलीकॉप्टर का एयर ट्रैफिक कम्युनिकेशन और ट्रैकिंग सिस्टम से संपर्क अचानक टूट गया। इसके बाद विमान की लोकेशन मिलनी बंद हो गई। दोपहर करीब 2:20 बजे हेलीकॉप्टर के चायी गांव के पास पहाड़ी से टकराने की सूचना सामने आई। दुर्घटनास्थल जोशीमठ क्षेत्र में जेपी पावर हाउस और मारवाड़ी पुल के आसपास बताया गया है।

हादसे की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन, पुलिस, एसडीआरएफ, भारतीय सेना और भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) की टीमें सक्रिय हो गईं। सेना की टीम सबसे पहले करीब 3:30 बजे दुर्घटनास्थल पर पहुंची। दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र और खराब मौसम के कारण राहत एवं बचाव अभियान में कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। लगातार बारिश और कम दृश्यता ने सर्च ऑपरेशन को चुनौतीपूर्ण बनाया।

मृतकों की हुई पहचान, पायलट समेत सभी छह की गई जान

प्रशासन और उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण (यूसीएडीए) से मिली जानकारी के अनुसार दुर्घटना में जान गंवाने वाले सभी छह लोगों की पहचान हो गई है।

मृतकों में पायलट कैप्टन हिमांशु सभरवाल (दिल्ली) शामिल हैं। उनके अलावा हेलीकॉप्टर में सवार पांच यात्री बेंगलुरु के निवासी थे। उनकी पहचान इस प्रकार हुई है:

1. कैप्टन हिमांशु सभरवाल – पायलट, दिल्ली

2. अरुण सालुंके – यात्री, बेंगलुरु

3. एच.एस. नागराजा – यात्री, बेंगलुरु

4. प्रतापा बाचिहल्ली निंगराजन – यात्री, बेंगलुरु

5. सुधीर के. – यात्री, बेंगलुरु

6. शंकरगौड़ा वी.बी. – यात्री, बेंगलुरु

चमोली के पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार ने सभी छह लोगों की मौत की पुष्टि की है। दुर्घटनास्थल से सभी शव बरामद कर लिए गए हैं। जिला प्रशासन द्वारा पार्थिव शरीरों को जिला मुख्यालय लाने की कार्रवाई की गई। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव परिजनों को सौंपे जाने की व्यवस्था की गई है।

खराब मौसम के बीच हुआ हादसा, जांच के लिए डीजीसीए और एएआईबी की टीमें

दुर्घटना के समय क्षेत्र में मौसम अनुकूल नहीं था। लगातार बारिश, बादलों की मौजूदगी और कम दृश्यता के कारण बचाव अभियान प्रभावित हुआ। हालांकि, खराब मौसम को हादसे का संभावित कारण माना जा रहा है, लेकिन दुर्घटना की वास्तविक वजह अभी आधिकारिक रूप से स्पष्ट नहीं हुई है।

उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रतीक जैन के अनुसार दुर्घटना की विस्तृत जांच की जाएगी। इसके लिए नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) और विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (एएआईबी) के अधिकारियों के देहरादून पहुंचने की प्रक्रिया बताई गई है। जांच में हेलीकॉप्टर की तकनीकी स्थिति, उड़ान से जुड़े रिकॉर्ड और दुर्घटना के अन्य पहलुओं की पड़ताल की जाएगी।

एहतियातन ट्रांस भारत एविएशन प्राइवेट लिमिटेड के पूरे हेलीकॉप्टर बेड़े को ग्राउंडेड कर दिया गया है। जांच के निष्कर्षों के आधार पर आगे की हेलीकॉप्टर शटल और चार्टर सेवाओं के संचालन को लेकर निर्णय लिया जाएगा।

मुख्यमंत्री धामी ने दिए जांच और राहत के निर्देश

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हादसे पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए कहा कि दुर्घटना के सभी पहलुओं की गंभीरता से जांच की जाए। उन्होंने जिला प्रशासन को प्रभावित परिवारों के साथ समन्वय बनाकर हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने और आवश्यक राहत व्यवस्थाएं तत्काल सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से पूरे घटनाक्रम की जानकारी लेते हुए राहत एवं बचाव कार्यों की निगरानी करने को भी कहा। इस दुखद हादसे ने एक बार फिर उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में हेलीकॉप्टर सेवाओं की सुरक्षा और उड़ान संचालन के दौरान मौसम संबंधी सावधानियों को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

आदित्य अमिताभ त्रिवेदी, युगवार्ता

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