विरासत के साथ विकास की राह पर चम्पावत: सीएम धामी
टनकपुर दशहरा महोत्सव में शामिल हुए मुख्यमंत्री, श्रीमद्भागवत कथा का किया श्रवण; धार्मिक पर्यटन और बुनियादी सुविधाओं के विस्तार पर दिया जोर
YUGVARTA NEWS
Lucknow, 3 Oct, 2026 09:07 PMटनकपुर। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखण्ड की पहचान उसकी समृद्ध धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत से है। सरकार का प्रयास है कि प्रदेश में विकास के साथ-साथ धार्मिक स्थलों, मंदिरों, लोक परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण एवं संवर्धन भी सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि आधुनिक सुविधाओं के विस्तार के साथ उत्तराखण्ड की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक पहचान को नई ऊंचाई देने का प्रयास किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री शनिवार को टनकपुर में नवयुवक रामलीला कमेटी की ओर से आयोजित दशहरा महोत्सव में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण भी किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन श्रद्धा और आस्था का दिव्य अवसर है। मां पूर्णागिरि और मां शारदा की पावन धरती पर ऐसे धार्मिक आयोजनों का विशेष महत्व है।
उन्होंने कहा कि धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन समाज को जोड़ने के साथ नई पीढ़ी को अपनी जड़ों, संस्कारों और परंपराओं से परिचित कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों के सुख, शांति और समृद्धि की कामना भी की।
आदर्श चम्पावत के तहत विकास को नई दिशा
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि आदर्श चम्पावत का संकल्प केवल विकास कार्यों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य जिले की धार्मिक आस्था, प्राकृतिक सुंदरता, लोक संस्कृति और पर्यटन संभावनाओं को आधुनिक सुविधाओं से जोड़कर विकास का प्रभावी मॉडल तैयार करना है।
उन्होंने बताया कि टनकपुर में करीब 237.74 करोड़ रुपये की लागत से आईएसबीटी का निर्माण कराया जा रहा है। इसके अलावा शारदा घाट का पुनर्विकास एवं सौंदर्यीकरण, गोल्ज्यू कॉरिडोर, मां पूर्णागिरि क्षेत्र में श्रद्धालुओं के लिए सुविधाओं का विस्तार तथा विभिन्न मंदिरों के सौंदर्यीकरण जैसे कार्य प्रस्तावित एवं निर्माणाधीन हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मां पूर्णागिरि धाम आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए ककराली गेट से धाम की ओर करीब 8.10 करोड़ रुपये की लागत से प्रकाश व्यवस्था विकसित की जा रही है। सरकार का लक्ष्य है कि पूर्णागिरि धाम समेत चम्पावत के अन्य धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों पर श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हों।
धार्मिक पर्यटन से रोजगार के अवसरों पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि धार्मिक एवं आध्यात्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ चम्पावत में सड़क, परिवहन, पर्यटन, खेल, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं को भी मजबूत किया जा रहा है। इन प्रयासों से पर्यटकों और श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिलने के साथ स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश विकास और विरासत को साथ लेकर आगे बढ़ रहा है। उत्तराखण्ड भी विकसित भारत के संकल्प में अपनी भूमिका निभाने के लिए प्रतिबद्ध है।
खिलाड़ियों से किया संवाद, आमजन की सुनी समस्याएं
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने स्पोर्ट्स हॉस्टल टनकपुर के खिलाड़ियों से संवाद कर उनका उत्साहवर्धन किया। उन्होंने खिलाड़ियों को मेहनत, अनुशासन और निरंतर अभ्यास के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
इसके बाद मुख्यमंत्री ने कैम्प कार्यालय में आयोजित ‘मुख्य सेवक संवाद’ कार्यक्रम में हिस्सा लिया और आमजन से सीधा संवाद किया। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता विकास योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचाना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि चम्पावत की प्राकृतिक सुंदरता, धार्मिक आस्था, लोक संस्कृति और पर्यटन क्षमता को आधुनिक सुविधाओं से जोड़कर ऐसा विकास मॉडल तैयार किया जा रहा है, जिसमें विकास की गति के साथ विरासत की गरिमा भी कायम रहे।
कार्यक्रम में भाजपा जिलाध्यक्ष गोविन्द सामन्त, मनोज कालाकोटी, हेमा जोशी, किरन देवी, विधायक प्रतिनिधि चम्पावत प्रकाश तिवारी, महिला युवा मोर्चा जिलाध्यक्ष दीपा जोशी, टनकपुर नगर पालिका अध्यक्ष विपिन कुमार, भाजपा प्रदेश मंत्री निर्मल माहरा, नगर मंडल चम्पावत अध्यक्ष सुनील पुनेठा, जिलाधिकारी मनीष कुमार, पुलिस अधीक्षक रेखा यादव सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी और बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।
आदित्य अमिताभ त्रिवेदी, युगवार्ता
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