महिला सशक्तिकरण के लिए केंद्र और राज्य सरकार समर्पित : मुख्यमंत्री धामी

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Lucknow, 28 Apr, 2026 06:36 PM
महिला सशक्तिकरण के लिए केंद्र और राज्य सरकार समर्पित : मुख्यमंत्री धामी

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार महिला सशक्तिकरण के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही हैं। महिलाओं को सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक रूप से सशक्त बनाने के लिए अनेक योजनाएं संचालित की जा रही हैं, जिनका सकारात्मक परिणाम देशभर में दिखाई दे रहा है।

विधानसभा के विशेष सत्र के दौरान मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2014 में कार्यभार संभालते ही नारी सशक्तिकरण को शासन की प्राथमिकता बनाया। इसी का परिणाम है कि पिछले 11 वर्षों में जेंडर बजट में पांच गुना से अधिक वृद्धि हुई है। वर्ष 2026-27 के बजट में महिलाओं और बालिकाओं के कल्याण के लिए 5 लाख करोड़ रुपये से अधिक का प्रावधान किया गया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 12 प्रतिशत अधिक है।

उन्होंने कहा कि बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान से लिंगानुपात और बालिका शिक्षा में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। पिछले वर्षों में महिला-पुरुष लिंगानुपात में वृद्धि दर्ज की गई है, जबकि माध्यमिक स्तर पर छात्राओं के नामांकन में भी बढ़ोतरी हुई है। संस्थागत प्रसव की दर भी 61 प्रतिशत से बढ़कर 97 प्रतिशत तक पहुंची है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सुकन्या समृद्धि योजना के तहत बालिकाओं के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए उच्च ब्याज दर के साथ टैक्स फ्री बचत सुविधा दी जा रही है। इस योजना के तहत अब तक करोड़ों खाते खोले जा चुके हैं और लाखों करोड़ रुपये जमा हुए हैं।

तीन तलाक कानून से महिलाओं को मिला संरक्षण

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना के माध्यम से गर्भवती महिलाओं और नवजात शिशुओं के स्वास्थ्य एवं पोषण के लिए आर्थिक सहायता दी जा रही है। वहीं स्वच्छ भारत मिशन के तहत घर-घर शौचालय निर्माण से महिलाओं को गरिमा और सुरक्षा मिली है।

उन्होंने कहा कि तीन तलाक के खिलाफ कानून बनाकर मुस्लिम महिलाओं को इस कुप्रथा से कानूनी संरक्षण दिया गया है। आज सामान्य परिवारों की बेटियां देश के सर्वोच्च पदों तक पहुंच रही हैं। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू इसका उदाहरण हैं।

महिला आरक्षण से उत्तराखंड को भी मिलेगा लाभ

मुख्यमंत्री ने कहा कि महिला आरक्षण लागू होने से उत्तराखंड को भी बड़ा लाभ मिलता। परिसीमन के बाद विधानसभा सीटों की संख्या बढ़ सकती थी, जिनमें महिलाओं के लिए पर्याप्त सीटें आरक्षित होतीं। इससे महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी और अधिक मजबूत होती।

उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि राजनीति में महिलाओं की भागीदारी बढ़े और सामान्य परिवारों से आने वाली महिलाएं भी नेतृत्व की भूमिका निभाएं।

प्रदेश सरकार ने महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाया

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि राज्य सरकार भी महिला सशक्तिकरण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। इस वर्ष जेंडर बजट के तहत लगभग 20 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 16 प्रतिशत अधिक है।

उन्होंने कहा कि उत्तराखंड राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन, सशक्त बहना उत्सव योजना, मुख्यमंत्री महिला स्वयं सहायता समूह सशक्तिकरण योजना और एकल महिला स्वरोजगार योजना के माध्यम से महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है। स्वयं सहायता समूहों को 5 लाख रुपये तक ब्याज मुक्त ऋण दिया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश की 2 लाख 65 हजार से अधिक महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं। राज्य में सरकारी सेवाओं में महिलाओं को 30 प्रतिशत आरक्षण तथा सहकारी समितियों में 33 प्रतिशत आरक्षण दिया गया है।

लोहाघाट में बनेगा महिला स्पोर्ट्स कॉलेज

उन्होंने कहा कि खेलों में महिलाओं को बढ़ावा देने के लिए लोहाघाट में लगभग 256 करोड़ रुपये की लागत से राज्य का पहला महिला स्पोर्ट्स कॉलेज स्थापित किया जा रहा है।

यूसीसी से महिलाओं को मिले अधिकार

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि उत्तराखंड सरकार ने महिलाओं की सुरक्षा और अधिकारों की रक्षा के लिए समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है। इससे महिलाओं को कई सामाजिक कुरीतियों से राहत मिली है।

उन्होंने विपक्ष से अपील करते हुए कहा कि महिला सशक्तिकरण जैसे महत्वपूर्ण विषय पर दलगत राजनीति से ऊपर उठकर सकारात्मक और स्पष्ट रुख अपनाना चाहिए, ताकि देश की आधी आबादी को उनका उचित अधिकार मिल सके।


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