स्वच्छ वायु के लिए सामूहिक प्रयासों को आगे भी जारी रखेंगे: सीएम धामी
स्वच्छ वायु सर्वेक्षण-2026 में देहरादून देश में 12वें स्थान पर; सीएम धामी ने उपलब्धि पर देहरादूनवासियों और संबंधित विभागों को दी बधाई
YUGVARTA NEWS
Lucknow, 7 Sep, 2026 10:35 PMदेहरादून। स्वच्छ वायु सर्वेक्षण-2026 में देहरादून ने 3 से 10 लाख की आबादी वाले शहरों की श्रेणी में देशभर में 12वां स्थान हासिल किया है। राजधानी की इस उपलब्धि पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादूनवासियों, नगर निगम, उत्तराखंड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और संबंधित विभागों को बधाई दी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि देहरादून का स्वच्छ वायु सर्वेक्षण में बेहतर प्रदर्शन सरकार, स्थानीय निकायों और जनता के सामूहिक प्रयासों का परिणाम है। उन्होंने कहा कि स्वच्छ वायु केवल पर्यावरण से जुड़ा विषय नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक के स्वस्थ जीवन और बेहतर भविष्य से सीधे जुड़ा है।
तीन वर्षों में 37वें से 12वें स्थान तक पहुंचा देहरादून
स्वच्छ वायु सर्वेक्षण में देहरादून ने पिछले वर्षों में लगातार सुधार दर्ज किया है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2024 में देहरादून इस श्रेणी में 41वें स्थान पर था, जबकि वर्ष 2025 में 19वें स्थान पर पहुंचा। वर्ष 2026 में शहर ने 12वां स्थान हासिल किया है।
राज्य सरकार के अनुसार, यह सुधार वायु प्रदूषण नियंत्रण, धूल प्रबंधन, सड़क सफाई, वाहनों से होने वाले उत्सर्जन की निगरानी, जनजागरूकता और निरंतर पर्यावरणीय मॉनिटरिंग जैसे विभिन्न प्रयासों का परिणाम है।
धूल नियंत्रण और आधुनिक तकनीक पर जोर
देहरादून में वायु गुणवत्ता सुधार के लिए नगर निगम और संबंधित विभागों की ओर से विभिन्न उपाय किए गए हैं। संवेदनशील एवं सघन क्षेत्रों में धूल और प्रदूषक कणों को नियंत्रित करने के लिए ड्रोन के माध्यम से जल छिड़काव किया गया। प्रमुख मार्गों और सड़क किनारे धूल के जमाव को कम करने के लिए यांत्रिक सफाई व्यवस्था को भी मजबूत किया गया।
इसके अलावा मैकेनिकल स्वीपिंग मशीनों के नियमित संचालन पर जोर दिया गया, ताकि सड़क की धूल से उत्पन्न होने वाले प्रदूषक कणों को नियंत्रित किया जा सके।
वाहनों के उत्सर्जन पर निगरानी
वायु प्रदूषण के प्रमुख स्रोतों में वाहनों से होने वाले उत्सर्जन को देखते हुए प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण-पत्र (पीयूसी) की जांच के लिए अभियान चलाए गए। निर्धारित मानकों से अधिक उत्सर्जन करने वाले वाहनों पर निगरानी बढ़ाने के साथ ही स्वच्छ परिवहन को बढ़ावा देने के लिए इलेक्ट्रिक वाहनों के इस्तेमाल को प्रोत्साहित किया जा रहा है।
शहर में इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए चार्जिंग सुविधाओं के विस्तार पर भी जोर दिया गया है। सरकार का लक्ष्य स्वच्छ और पर्यावरण अनुकूल परिवहन व्यवस्था को और मजबूत करना है।
खुले में कूड़ा जलाने के खिलाफ जनजागरूकता
खुले में कूड़ा और अन्य अपशिष्ट जलाने से होने वाले प्रदूषण को रोकने के लिए भी जनजागरूकता अभियान चलाए गए। नागरिकों से खुले में कूड़ा न जलाने और स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने की अपील की गई।
सरकार का मानना है कि वायु गुणवत्ता में स्थायी सुधार के लिए प्रशासनिक प्रयासों के साथ जनभागीदारी भी जरूरी है। इसी उद्देश्य से शहर में वायु गुणवत्ता की सतत निगरानी और आंकड़ों के आधार पर आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई की व्यवस्था पर जोर दिया गया है।
“स्वच्छ वायु केवल पर्यावरण का विषय नहीं”
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि देहरादून का 37वें से 12वें स्थान तक पहुंचना पूरे प्रदेश के लिए गौरव का विषय है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि देहरादून की जागरूक जनता, नगर निगम और उत्तराखंड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की सतत निगरानी तथा संबंधित विभागों के प्रयासों का सम्मिलित परिणाम है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार विकास के साथ पर्यावरण संरक्षण को भी सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने विश्वास जताया कि स्वच्छ वायु के लिए किए जा रहे सामूहिक प्रयास आगे भी जारी रहेंगे और प्रदेश के अन्य शहरों में भी वायु गुणवत्ता सुधार के लिए प्रभावी कार्ययोजनाओं को आगे बढ़ाया जाएगा।
आदित्य अमिताभ त्रिवेदी, युगवार्ता
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