प्रबुद्ध वर्ग ही राष्ट्र निर्माण की असली दिशा तय करता है: धामी
खटीमा में प्रबुद्ध वर्ग संवाद कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने विकसित उत्तराखंड के निर्माण में समाज के बुद्धिजीवियों से मांगा सक्रिय सहयोग
YUGVARTA NEWS
Lucknow, 14 Jun, 2026 09:18 PMखटीमा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि समाज का प्रबुद्ध वर्ग राष्ट्र और समाज को दिशा देने वाली सबसे महत्वपूर्ण शक्ति है। उनके विचार केवल वर्तमान को प्रभावित नहीं करते, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के भविष्य की मजबूत नींव भी तैयार करते हैं। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के विकास और विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में बुद्धिजीवियों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है।
रविवार को खटीमा के एक निजी होटल में आयोजित प्रबुद्धजन संवाद कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े विशेषज्ञों, शिक्षाविदों, चिकित्सकों, उद्योगपतियों, साहित्यकारों और समाजसेवियों के साथ संवाद किया। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ, जहां विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों ने शिक्षा, चिकित्सा, कृषि, पर्यटन, उद्योग, अध्यात्म और साहित्य से जुड़े सुझाव साझा किए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड केवल देवभूमि ही नहीं, बल्कि ज्ञान, चेतना और सांस्कृतिक विरासत की भूमि है। उन्होंने कहा कि प्रबुद्धजन समाज के “ओपिनियन मेकर्स” होते हैं और उनके सुझाव किसी भी राज्य के विकास की मजबूत आधारशिला बन सकते हैं।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास” के मंत्र के साथ विकसित भारत के लक्ष्य की ओर तेजी से आगे बढ़ रहा है। बीते वर्षों में केंद्र सरकार की गरीब कल्याण अन्न योजना, जनधन योजना, डीबीटी, उज्ज्वला योजना, आयुष्मान भारत और जल जीवन मिशन जैसी योजनाओं ने करोड़ों लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का काम किया है।
धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश ने कई ऐतिहासिक और साहसिक फैसले देखे हैं। धारा 370 हटाना, अयोध्या में राम मंदिर निर्माण, तीन तलाक कानून और नागरिकता संशोधन कानून जैसे फैसलों ने नए भारत की मजबूत इच्छाशक्ति को दुनिया के सामने रखा है।
राज्य सरकार की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड सरकार भी सुशासन, सांस्कृतिक संरक्षण और समग्र विकास के लक्ष्य के साथ निरंतर कार्य कर रही है। शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, पेयजल, खेल और हवाई कनेक्टिविटी जैसे क्षेत्रों में तेजी से काम हो रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू कर ऐतिहासिक पहल की गई है, जबकि युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए देश का सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया गया, जिसके चलते हजारों युवाओं को पारदर्शी प्रक्रिया के तहत रोजगार मिला है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि धर्मांतरण विरोधी कानून और दंगा विरोधी कानून लागू करने का उद्देश्य प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान को सुरक्षित रखना और कानून व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाना है। उन्होंने कहा कि राज्य केवल सरकारें नहीं बनातीं, बल्कि नागरिकों की सोच, सहभागिता और सामूहिक प्रयास उसे नई ऊंचाइयों तक पहुंचाते हैं।
उन्होंने प्रबुद्ध वर्ग से आह्वान किया कि वे अपने अनुभव, ज्ञान और सुझावों के माध्यम से उत्तराखंड के विकास में सक्रिय भागीदारी निभाएं। उन्होंने कहा कि सरकार समाज के हर वर्ग से सकारात्मक सुझाव लेकर नीतियों को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।
इससे पूर्व मुख्यमंत्री ने बंडिया स्थित एक निजी रिसोर्ट में आयोजित मुख्य सेवक जन संवाद कार्यक्रम में भी भाग लिया, जहां उन्होंने पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए केंद्र और राज्य सरकार की उपलब्धियों पर चर्चा की। उन्होंने मतदाता सूची विशेष पुनरीक्षण अभियान का उल्लेख करते हुए लोकतंत्र को मजबूत बनाने के लिए शुद्ध और पारदर्शी मतदाता सूची की आवश्यकता पर बल दिया।
कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री ने आयोजित टिफिन बैठक में पदाधिकारियों के साथ मध्याह्न भोजन किया और भाजपा संगठन को पार्टी की सबसे बड़ी शक्ति बताते हुए कार्यकर्ताओं का उत्साहवर्धन किया।
इस अवसर पर अनिल कपूर डब्बू, रणजीत सिंह नामधारी, हुकम सिंह कुंवर, मोहन पाठक, रमेश चंद जोशी, प्रेम सिंह राणा, नितिन सिंह भदौरिया, अजय गणपति सहित अनेक जनप्रतिनिधि, अधिकारीगण और स्थानीय लोग उपस्थित रहे।



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