विपक्ष को सदन की गरिमा और लोकतांत्रिक मर्यादाओं का सम्मान करना चाहिए : मुख्यमंत्री

भराड़ीसैंण में सत्र के समापन पर मुख्यमंत्री की प्रेस वार्ता, विपक्ष से सदन की गरिमा और लोकतांत्रिक मर्यादाओं का सम्मान करने की अपील

YUGVARTA NEWS

YUGVARTA NEWS

Lucknow, 28 Oct, 2026 06:39 PM
विपक्ष को सदन की गरिमा और लोकतांत्रिक मर्यादाओं का सम्मान करना चाहिए : मुख्यमंत्री

गैरसैंण (भराड़ीसैंण)। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को गैरसैंण स्थित भराड़ीसैंण में विधानसभा सत्र के समापन के बाद आयोजित प्रेस वार्ता में कहा कि राज्य सरकार गैरसैंण के विकास और प्रदेश की जनभावनाओं के सम्मान के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि इस वर्ष गैरसैंण में दो विधानसभा सत्रों का आयोजन सरकार की इसी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। पिछले पांच वर्षों में भी सरकार ने गैरसैंण में विधानसभा सत्रों के आयोजन को विशेष महत्व दिया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का प्रयास है कि प्रदेश के विकास और जनहित से जुड़े विषयों पर सदन में सार्थक चर्चा हो तथा जनता की आवश्यकताओं के अनुरूप निर्णय लिए जाएं। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के समग्र विकास और पर्वतीय क्षेत्रों तक सुविधाएं पहुंचाना राज्य सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।

विपक्ष सदन की गरिमा और लोकतांत्रिक मर्यादाओं का रखे ध्यान

विधानसभा की कार्यवाही और विपक्ष की भूमिका पर मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकतंत्र में विरोध करना विपक्ष का अधिकार है, लेकिन विरोध लोकतांत्रिक मर्यादाओं के अनुरूप होना चाहिए। सदन में अनावश्यक हंगामे और कार्यवाही बाधित होने से जनहित के महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा प्रभावित होती है।

उन्होंने कांग्रेस से जनसमस्याओं पर सकारात्मक और रचनात्मक भूमिका निभाने की अपील करते हुए कहा कि पक्ष और विपक्ष दोनों की लोकतंत्र में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। राजनीतिक मतभेदों के बावजूद प्रदेश के विकास और जनता के हितों को सर्वोपरि रखा जाना चाहिए।

यूसीसी और भू-कानून को बताया महत्वपूर्ण कदम

मुख्यमंत्री धामी ने अपनी सरकार के कार्यकाल में लिए गए निर्णयों का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्ष 2022 में जनता के समक्ष रखे गए दृष्टिपत्र के अनुरूप विभिन्न क्षेत्रों में महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। इनमें समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करना, सख्त भू-कानून की दिशा में पहल तथा शिक्षा सहित अन्य क्षेत्रों में सुधार शामिल हैं।

उन्होंने कहा कि समान नागरिक संहिता के माध्यम से सामाजिक समानता और महिलाओं के अधिकारों की रक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई है। मुख्यमंत्री ने अल्पसंख्यक शिक्षा व्यवस्था में किए गए बदलावों का भी उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार सभी वर्गों के हितों को ध्यान में रखकर कार्य कर रही है।

राज्य आंदोलनकारियों के संघर्ष को किया याद

उत्तराखंड राज्य आंदोलन का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश का निर्माण आंदोलनकारियों के लंबे संघर्ष और बलिदान का परिणाम है। उन्होंने रामपुर तिराहा कांड को उत्तराखंड के इतिहास की पीड़ादायक घटना बताते हुए कहा कि प्रदेशवासी इसे कभी नहीं भूल सकते।

मुख्यमंत्री ने समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव की टिप्पणियों पर आपत्ति जताते हुए कहा कि उत्तराखंड और राज्य आंदोलन से जुड़े विषयों पर टिप्पणी करते समय प्रदेश की जनभावनाओं का सम्मान किया जाना चाहिए।

उन्होंने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल के संबंध में की गई राजनीतिक टिप्पणियों पर भी सवाल उठाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि देश की सुरक्षा और राष्ट्रसेवा में योगदान देने वाले व्यक्तित्वों के प्रति सम्मान का भाव होना चाहिए। सार्वजनिक जीवन में भाषा की शालीनता और संवाद की मर्यादा बनाए रखना सभी राजनीतिक दलों की जिम्मेदारी है।

भ्रष्टाचार के आरोपों पर सरकार का पक्ष रखा

कांग्रेस की ओर से लगाए जा रहे भ्रष्टाचार के आरोपों पर मुख्यमंत्री ने उन्हें निराधार बताया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पारदर्शिता और सुशासन के लिए प्रतिबद्ध है तथा विभिन्न क्षेत्रों में व्यवस्थागत सुधार किए जा रहे हैं। सरकार का उद्देश्य प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाना और जनहित से जुड़े निर्णयों को प्राथमिकता देना है।

7,844.18 करोड़ रुपये के अनुपूरक बजट का उल्लेख

मुख्यमंत्री ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए प्रस्तुत 7,844.18 करोड़ रुपये के अनुपूरक बजट का उल्लेख करते हुए कहा कि इसमें विकास योजनाओं और जनकल्याणकारी कार्यक्रमों के लिए अतिरिक्त वित्तीय प्रावधान किए गए हैं। बजट में बुनियादी सुविधाओं के विस्तार के साथ स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल, कृषि और अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्रों की जरूरतों को ध्यान में रखा गया है।

उन्होंने कहा कि विधानसभा सत्र के दौरान अनुपूरक बजट सहित विभिन्न विधेयक पारित किए गए हैं। सरकार का प्रयास है कि उपलब्ध संसाधनों का उपयोग प्रदेश की प्राथमिक आवश्यकताओं और विकास योजनाओं को आगे बढ़ाने के लिए किया जाए।

दूरस्थ पर्वतीय क्षेत्रों तक विकास पहुंचाने पर जोर

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य उत्तराखंड का संतुलित और समग्र विकास सुनिश्चित करना है। इसके लिए दूरस्थ एवं पर्वतीय क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने, रोजगार के अवसर बढ़ाने और जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने पर लगातार काम किया जा रहा है।

उन्होंने दोहराया कि गैरसैंण सहित पूरे प्रदेश का विकास और जनता के हितों से जुड़े विषय राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल हैं।

आदित्य अमिताभ त्रिवेदी, युगवार्ता

#Uttarakhand #PushkarSinghDhami #Gairsain #Bhararisain #UttarakhandAssembly #SupplementaryBudget #UttarakhandNews


सर्वाधिक पसंद

Leave a Reply

comments

Loading.....
  1. No Previous Comments found.

kitkat ad