उत्तराखंड : लवप्रीत की संवेदनशील सोच ने छुआ मुख्यमंत्री धामी का दिल, घर पहुंचा टैब

‘मुख्यमंत्री युवा विद्यार्थी मंथन’ में अपनी जरूरत से पहले जरूरतमंद विद्यार्थियों की चिंता करने वाली लवप्रीत को मुख्यमंत्री के निर्देश पर शिक्षा विभाग ने घर पहुंचकर सौंपा टैबलेट

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Lucknow, 23 Sep, 2026 11:19 PM
उत्तराखंड : लवप्रीत की संवेदनशील सोच ने छुआ मुख्यमंत्री धामी का दिल, घर पहुंचा टैब

देहरादून/हरिद्वार, 23 सितंबर। किसी विद्यार्थी के सपनों को पंख देने के लिए हमेशा बड़े संसाधनों की जरूरत नहीं होती। कई बार किसी दूसरे की जरूरत को समझने वाली संवेदनशील सोच भी बड़ा बदलाव ला सकती है। हरिद्वार की छात्रा लवप्रीत कौर ने ‘मुख्यमंत्री युवा विद्यार्थी मंथन’ कार्यक्रम के दौरान अपनी जरूरत से पहले आर्थिक रूप से कमजोर और जरूरतमंद विद्यार्थियों की ऑनलाइन पढ़ाई के लिए डिजिटल संसाधन उपलब्ध कराने का मुद्दा उठाया। लवप्रीत की इसी संवेदनशील सोच ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का ध्यान आकर्षित किया।

कार्यक्रम के दौरान लवप्रीत ने मुख्यमंत्री के सामने कहा था कि आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों को ऑनलाइन पढ़ाई के लिए आवश्यक डिजिटल संसाधन उपलब्ध होने चाहिए, ताकि संसाधनों के अभाव में उनकी पढ़ाई प्रभावित न हो। अपनी व्यक्तिगत आवश्यकता से पहले अन्य विद्यार्थियों की चिंता करने वाली उसकी इस सोच को मुख्यमंत्री ने गंभीरता से लिया।

मुख्यमंत्री ने की सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों को टैबलेट देने की घोषणा

‘मुख्यमंत्री युवा विद्यार्थी मंथन’ के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सरकारी विद्यालयों के विद्यार्थियों को टैबलेट उपलब्ध कराने की घोषणा की थी। योजना के तहत पात्र विद्यार्थियों को DBT (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से टैबलेट की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।

सरकार के अनुसार, इस पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों को डिजिटल शिक्षा से जोड़ना और यह सुनिश्चित करना है कि आर्थिक या अन्य कारणों से डिजिटल संसाधनों की कमी उनकी पढ़ाई में बाधा न बने।

मुख्यमंत्री के निर्देश पर लवप्रीत के घर पहुंचा टैब

इसी क्रम में मुख्यमंत्री धामी ने कार्यक्रम में लवप्रीत द्वारा रखी गई आवश्यकता का भी संज्ञान लिया। मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद जिलाधिकारी के माध्यम से शिक्षा विभाग के अधिकारी लवप्रीत के घर पहुंचे और उसे टैबलेट सौंपा।

शिक्षा विभाग के अधिकारियों को टैब लेकर अपने घर पहुंचा देखकर लवप्रीत के चेहरे पर खुशी साफ नजर आई। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के सामने रखी गई उसकी बात पर इतनी जल्दी कार्रवाई होगी, इसकी उसे उम्मीद नहीं थी। टैब मिलने पर लवप्रीत ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए आत्मीयता से ‘थैंक्यू’ कहा।

ऑनलाइन पढ़ाई और डिजिटल सामग्री तक मिलेगी आसान पहुंच

लवप्रीत के लिए यह टैबलेट केवल एक डिजिटल डिवाइस नहीं, बल्कि पढ़ाई को नई गति देने का माध्यम है। इसके जरिए उसे ऑनलाइन अध्ययन, डिजिटल शैक्षिक सामग्री और सीखने के विभिन्न संसाधनों तक आसानी से पहुंच बनाने में मदद मिलेगी।

लवप्रीत की कहानी इस बात को भी सामने लाती है कि युवा जब केवल अपनी जरूरतों तक सीमित न रहकर अपने साथ पढ़ने वाले विद्यार्थियों की समस्याओं के बारे में भी सोचते हैं, तो उनकी संवेदनशीलता समाज में सकारात्मक बदलाव का माध्यम बन सकती है।

‘हर विद्यार्थी को आधुनिक शिक्षा और आवश्यक संसाधनों से जोड़ना लक्ष्य’

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार का प्रयास है कि उत्तराखंड का प्रत्येक विद्यार्थी आधुनिक शिक्षा और आवश्यक संसाधनों से जुड़ सके। आर्थिक या अन्य कारणों से संसाधनों की कमी विद्यार्थियों की प्रतिभा और उनके सपनों के आड़े न आए, इसके लिए सरकार लगातार काम कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि डिजिटल शिक्षा वर्तमान समय की महत्वपूर्ण आवश्यकता है। विद्यार्थियों को तकनीक से जोड़कर सीखने के नए अवसर उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।

उन्होंने कहा कि लवप्रीत जैसी बेटियों की संवेदनशील सोच उत्तराखंड के उज्ज्वल भविष्य की पहचान है। अपनी जरूरत से पहले दूसरे विद्यार्थियों की चिंता करना बताता है कि प्रदेश के युवाओं में प्रतिभा के साथ समाज के प्रति जिम्मेदारी और संवेदनशीलता की भावना भी है।

डिजिटल संसाधनों की पहुंच बढ़ाने पर जोर

राज्य सरकार द्वारा सरकारी विद्यालयों के विद्यार्थियों को DBT के माध्यम से टैबलेट उपलब्ध कराने की पहल का उद्देश्य शिक्षा में डिजिटल संसाधनों की पहुंच को व्यापक बनाना है। इससे विद्यार्थियों को ऑनलाइन अध्ययन और डिजिटल पाठ्य सामग्री सहित ज्ञान के विभिन्न माध्यमों से जुड़ने में सुविधा मिलेगी।

सरकार का कहना है कि गांव से लेकर शहर तक विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ आधुनिक तकनीकी संसाधनों का लाभ उपलब्ध कराने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।

‘मुख्यमंत्री युवा विद्यार्थी मंथन’ में लवप्रीत की ओर से उठाया गया मुद्दा और उसके बाद मुख्यमंत्री के निर्देश पर हुई कार्रवाई कार्यक्रम के उस उद्देश्य को भी रेखांकित करती है, जिसमें युवाओं को अपनी बात और सुझाव शासन तक पहुंचाने का अवसर दिया जा रहा है।

लवप्रीत के घर पहुंचा टैब इस संवाद का एक उदाहरण बन गया है—जहां एक छात्रा ने अपनी जरूरत से पहले दूसरे विद्यार्थियों की चिंता रखी, मुख्यमंत्री ने उसकी बात का संज्ञान लिया और शिक्षा विभाग के माध्यम से सहायता को धरातल पर पहुंचाया।

आदित्य अमिताभ त्रिवेदी, युगवार्ता

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