बदरीनाथ धाम पहुंचे सीएम धामी, पूजा-अर्चना कर मास्टर प्लान के कार्यों का लिया जायजा
मास्टर प्लान के कार्यों को गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश, धाम की धार्मिक एवं पारंपरिक गरिमा के संरक्षण पर दिया जोर
YUGVARTA NEWS
Lucknow, 20 Sep, 2026 06:03 PMबदरीनाथ। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को श्री बदरीनाथ धाम पहुंचकर भगवान बदरीविशाल के दर्शन एवं विधिवत पूजा-अर्चना की। उन्होंने भगवान बदरीविशाल से प्रदेश की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना की। इसके बाद मुख्यमंत्री ने बदरीनाथ मास्टर प्लान के तहत संचालित विभिन्न निर्माण एवं विकास कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया।
मुख्यमंत्री ने आस्था पथ सहित विभिन्न निर्माणाधीन परियोजनाओं का जायजा लेते हुए अधिकारियों से कार्यों की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध तरीके से पूरे किए जाएं। साथ ही निर्माण कार्यों के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बदरीनाथ धाम केवल एक प्रमुख तीर्थस्थल ही नहीं, बल्कि देश की सनातन आध्यात्मिक और सांस्कृतिक चेतना का महत्वपूर्ण केंद्र है। ऐसे में विकास कार्यों के दौरान धाम की धार्मिक, आध्यात्मिक एवं पारंपरिक गरिमा के साथ-साथ प्राकृतिक स्वरूप और सौंदर्य का संरक्षण भी सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में श्री बदरीनाथ धाम को उसके धार्मिक एवं पौराणिक महत्व के अनुरूप भव्य, दिव्य और सुव्यवस्थित स्वरूप देने की दिशा में कार्य किए जा रहे हैं। मास्टर प्लान के तहत विकसित की जा रही सुविधाओं से आने वाले समय में श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी।
बदरीनाथ धाम कथा महोत्सव में शामिल हुए मुख्यमंत्री
निरीक्षण के बाद मुख्यमंत्री धामी ने श्री स्वामीनारायण गुरुकुल राजकोट संस्थान के तत्वावधान में आयोजित ‘बदरीनाथ धाम कथा महोत्सव’ में भी प्रतिभाग किया। आयोजन में देश के विभिन्न क्षेत्रों से आए 150 से अधिक संत-साध्वी और 1200 से अधिक हरिभक्त शामिल हुए।
इस अवसर पर श्री स्वामीनारायण गुरुकुल राजकोट संस्थान के पूज्यपाद महंत स्वामी देवप्रसाददास स्वामी, पूज्यपाद सद्गुरुवर्य धर्मवल्लभदास स्वामी सहित बड़ी संख्या में संत एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि श्री बदरीनाथ धाम की पवित्र भूमि पर संतों और श्रद्धालुओं के बीच आयोजित कथा महोत्सव में शामिल होना उनके लिए सौभाग्य की बात है। उन्होंने कहा कि बदरीनाथ धाम भारतीय सनातन परंपरा और आध्यात्मिक विरासत का प्रमुख केंद्र है तथा यह भूमि सदियों से तप, साधना और आध्यात्मिक चेतना की साक्षी रही है।
तीर्थस्थलों के विकास के साथ विरासत संरक्षण पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश की प्राचीन विरासत, सनातन संस्कृति और आस्था के प्रमुख केंद्रों के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। उत्तराखंड में भी प्रमुख तीर्थस्थलों पर श्रद्धालुओं के लिए सुविधाओं के विस्तार के साथ उनकी धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान को सुदृढ़ करने पर जोर दिया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड को प्रकृति के अनुपम सौंदर्य के साथ अद्वितीय आध्यात्मिक संपदा प्राप्त है। चारधाम, गंगा-यमुना, हिमालय और हेमकुंड साहिब सहित अनेक धार्मिक एवं आध्यात्मिक स्थल देवभूमि की पहचान हैं। सरकार का प्रयास है कि इन तीर्थस्थलों का विकास श्रद्धालुओं की सुविधाओं के अनुरूप सुव्यवस्थित ढंग से हो और उनकी आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक गरिमा भी अक्षुण्ण रहे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि संत समाज का आशीर्वाद और मार्गदर्शन समाज एवं राष्ट्र के लिए सदैव प्रेरणादायी रहा है। इस प्रकार के आध्यात्मिक आयोजनों के माध्यम से सनातन परंपराओं, संस्कृति और जीवन मूल्यों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण योगदान मिलता है। उन्होंने कथा महोत्सव में शामिल संतों एवं श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम में राज्य मंत्री हरक सिंह, माधव प्रसाद सेमवाल, भाजपा जिलाध्यक्ष गजपाल सिंह बर्त्वाल, जिला सहकारी बैंक अध्यक्ष गजेन्द्र सिंह रावत, भाजपा जिला महामंत्री विनोद कनवासी, अरुण मैठाणी, जिलाधिकारी गौरव कुमार, पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार सहित विभिन्न जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
आदित्य अमिताभ त्रिवेदी, युगवार्ता
#BadrinathDham #PushkarSinghDhami #Badrinath #Uttarakhand #CharDhamYatra #BadrinathMasterPlan #UttarakhandNews



No Previous Comments found.