हरितालिका तीज उत्सव को सरकारी स्तर पर और भव्य रूप से आयोजित किया जाएगा: सीएम धामी
गोर्खाली समाज के योगदान को सराहा, महिला सशक्तीकरण को बताया सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता
YUGVARTA NEWS
Lucknow, 6 Sep, 2026 04:51 PMदेहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को जसवंत सिंह ग्राउंड, गढ़ी कैंट, देहरादून में आयोजित गोर्खाली महिला हरितालिका तीज उत्सव में प्रतिभाग किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि हरितालिका तीज उत्सव को भविष्य में सरकारी स्तर पर और अधिक भव्य स्वरूप में आयोजित किया जाएगा। उन्होंने गोर्खाली समाज की माताओं और बहनों को हरितालिका तीज की शुभकामनाएं देते हुए उनके सुख, शांति, समृद्धि और खुशहाली की कामना की।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि हरितालिका तीज माता पार्वती की अटूट तपस्या, विश्वास, समर्पण और शक्ति का प्रतीक है। यह पर्व दृढ़ संकल्प और विश्वास के साथ अपने लक्ष्य की ओर आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि ऐसे पारंपरिक पर्व नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति, परंपराओं और जड़ों से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। मातृशक्ति हमारी भाषा, लोक परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत की सबसे बड़ी संरक्षक है।
उत्तराखंड की विकास यात्रा में गोर्खाली समाज का अहम योगदान
मुख्यमंत्री ने गोर्खाली समाज की वीरता, निष्ठा, परिश्रम और राष्ट्रभक्ति की सराहना करते हुए कहा कि देश की सीमाओं की रक्षा में गोर्खा वीरों ने हमेशा अदम्य साहस और शौर्य का परिचय दिया है। राष्ट्र के लिए सर्वस्व न्योछावर करने की भावना के लिए पूरा देश गोर्खा समाज का सम्मान करता है।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की विकास यात्रा में भी गोर्खाली समाज का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। शिक्षा, खेल, कला-साहित्य और समाज सेवा समेत विभिन्न क्षेत्रों में समाज के लोगों ने मेहनत और ईमानदारी से प्रदेश की प्रगति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि मसूरी विधानसभा क्षेत्र में अमर शहीद कैप्टन दल बहादुर थापा की स्मृति में बनने वाले ‘आजाद हिंद फौज शहीद द्वार’ का शिलान्यास भी किया गया है। उन्होंने कहा कि यह शहीद द्वार गोर्खा समाज के शौर्य, त्याग और राष्ट्रभक्ति का प्रतीक बनेगा और आने वाली पीढ़ियों को उनके बलिदान से परिचित कराएगा।
भारत-नेपाल के रिश्ते सदियों पुराने: धामी
भारत और नेपाल के संबंधों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि दोनों देशों के बीच केवल पड़ोसी देशों का रिश्ता नहीं है, बल्कि सदियों पुराने सांस्कृतिक और पारिवारिक संबंध हैं। उन्होंने नेपाल में आई प्राकृतिक आपदा पर संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि इस कठिन समय में भारत नेपाल के साथ खड़ा है। मुख्यमंत्री ने आपदा प्रभावित लोगों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए नेपाल के शीघ्र संकट से उबरने की कामना की।
3 लाख से अधिक महिलाएं बनीं ‘लखपति दीदी’
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि मातृशक्ति का सशक्तीकरण राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। इसी दिशा में महिलाओं को सरकारी सेवाओं में 30 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण दिया गया है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता लागू कर महिलाओं के अधिकारों को मजबूत करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए व्यापक स्तर पर काम किया जा रहा है। प्रदेश में 3 लाख से अधिक महिलाएं ‘लखपति दीदी’ बन चुकी हैं। उन्होंने कहा कि ये महिलाएं न केवल आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर हो रही हैं, बल्कि अपने परिवार और प्रदेश की अर्थव्यवस्था को भी मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।
कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, आचार्य बालकृष्ण, गीता पुष्कर धामी, गोर्खाली सुधार सभा के अध्यक्ष पदम सिंह थापा, गोर्खाली महिला हरितालिका तीज उत्सव कमेटी की अध्यक्ष प्रभा शाह, गोरखा कल्याण परिषद की अध्यक्ष ज्योति कोटिया, नेहा जोशी, सिद्धार्थ अग्रवाल, अनुकृति गुसाईं सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
आदित्य अमिताभ त्रिवेदी, युगवार्ता
#Uttarakhand #PushkarSinghDhami #HaritalikaTeej #GorkhaliSamaj #WomenEmpowerment #Dehradun #UttarakhandNews



No Previous Comments found.