सीएम धामी का सख्त संदेश: आपदा प्रबंधन में लापरवाही बर्दाश्त नहीं, अधिकारी ग्राउंड जीरो पर उतरें

मानसून, चारधाम यात्रा और डेंगू नियंत्रण की समीक्षा; बिजली, सड़क, पेयजल और संचार सेवाएं तत्काल बहाल करने के निर्देश, ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ का तीसरा चरण 15 सितंबर से

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Lucknow, 17 Jul, 2026 09:55 PM
सीएम धामी का सख्त संदेश: आपदा प्रबंधन में लापरवाही बर्दाश्त नहीं, अधिकारी ग्राउंड जीरो पर उतरें

देहरादून। उत्तराखंड में मानसून और अतिवृष्टि के बीच मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अधिकारियों को स्पष्ट संदेश देते हुए कहा कि आपदा प्रबंधन में किसी भी स्तर पर लापरवाही, शिथिलता या उदासीनता स्वीकार नहीं की जाएगी। मुख्यमंत्री ने सभी जिलाधिकारियों और संबंधित विभागों को 24×7 अलर्ट मोड में रहने तथा ग्राउंड जीरो पर उतरकर राहत एवं बचाव कार्यों की निगरानी करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री आवास में आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में उन्होंने राज्यभर में मानसून की स्थिति, चारधाम यात्रा, डेंगू नियंत्रण और आपदा प्रबंधन की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की।

बिजली, सड़क और संचार सेवाओं की तत्काल बहाली के निर्देश

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारी बारिश या भूस्खलन के कारण यदि कहीं बिजली, पेयजल, सड़क या संचार सेवाएं बाधित होती हैं तो उनकी बहाली सर्वोच्च प्राथमिकता पर की जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि संवेदनशील क्षेत्रों में जेसीबी, पोकलेन मशीनें, तकनीकी दल और अन्य आवश्यक संसाधन पहले से तैनात रखे जाएं, ताकि सड़कें जल्द खोली जा सकें।

उन्होंने दूरस्थ क्षेत्रों में खाद्यान्न, दवाइयों, ईंधन और अन्य आवश्यक वस्तुओं का पर्याप्त भंडारण सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए।

चारधाम यात्रा की सुरक्षा पर विशेष जोर

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से चारधाम यात्रा मार्गों की स्थिति, भूस्खलन संभावित क्षेत्रों और श्रद्धालुओं की संख्या की जानकारी ली। समीक्षा में बताया गया कि इस वर्ष अब तक 44.65 लाख से अधिक श्रद्धालु चारधाम यात्रा कर चुके हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि चारधाम यात्रा राज्य की आस्था और अर्थव्यवस्था दोनों से जुड़ी है। यात्रियों की सुरक्षा, चिकित्सा सुविधा, स्वच्छता, पेयजल और यातायात प्रबंधन में किसी प्रकार की कमी नहीं होनी चाहिए।

उन्होंने संवेदनशील क्षेत्रों में हेलीकॉप्टर सेवा, जीपीएस आधारित निगरानी और आधुनिक संचार व्यवस्था तैयार रखने के निर्देश भी दिए।

डेंगू रोकथाम के लिए युद्धस्तर पर अभियान

मुख्यमंत्री ने डेंगू नियंत्रण को सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल बताते हुए सभी नगर निगमों, नगर पालिकाओं, नगर पंचायतों और ग्राम पंचायतों को व्यापक अभियान चलाने के निर्देश दिए।

उन्होंने जलभराव वाले क्षेत्रों की तत्काल पहचान कर पानी की निकासी, नियमित फॉगिंग, एंटी-लार्वा छिड़काव और विशेष स्वच्छता अभियान चलाने को कहा। साथ ही स्वास्थ्य विभाग को सभी अस्पतालों में डेंगू जांच किट, पर्याप्त दवाइयां, रक्त, बेड और चिकित्सा कर्मियों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

15 सितंबर से शुरू होगा ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ का तीसरा चरण

मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार के ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ अभियान की सराहना करते हुए कहा कि इसका तीसरा चरण 15 सितंबर से नए स्वरूप में शुरू किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि इस अभियान का उद्देश्य केवल शिविर लगाना नहीं, बल्कि अंतिम व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना है। प्रत्येक पात्र नागरिक को प्रमाण पत्र, पेंशन, आयुष्मान कार्ड, राजस्व सेवाएं और अन्य सरकारी सुविधाएं मौके पर उपलब्ध कराई जाएं।

पुरानी आपदा परियोजनाएं और विकास कार्य समय पर पूरे हों

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि पिछले वर्ष की आपदाओं से संबंधित पुनर्निर्माण एवं सुरक्षात्मक कार्यों में कोई भी परियोजना लंबित नहीं रहनी चाहिए। उन्होंने सभी जिलाधिकारियों को 15 अक्टूबर तक पूर्ण होने वाले विकास कार्यों की सूची और प्रगति रिपोर्ट मुख्यमंत्री कार्यालय को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

साथ ही मुख्यमंत्री घोषणाओं की नियमित समीक्षा मुख्य सचिव की अध्यक्षता में करने और समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करने को कहा।

पुलों का सेफ्टी ऑडिट और नालों की सफाई के निर्देश

मुख्यमंत्री ने मानसून के दौरान सभी पुलों का सुरक्षा ऑडिट कराने, कमजोर पुलों पर आवश्यक सुरक्षा उपाय लागू करने तथा सभी शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों में नालों की विशेष सफाई अभियान चलाने के निर्देश दिए, ताकि जलभराव की समस्या से बचा जा सके।

जनता के प्रति जवाबदेही तय होगी

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि अधिकारी केवल बैठकों तक सीमित न रहें, बल्कि नियमित रूप से फील्ड में जाकर व्यवस्थाओं का निरीक्षण करें। उन्होंने कहा कि जनता का विश्वास सरकार की सबसे बड़ी पूंजी है और उसे बनाए रखना प्रत्येक अधिकारी की जिम्मेदारी है।

उन्होंने स्पष्ट किया कि उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारियों को प्रोत्साहित किया जाएगा, जबकि जनहित से जुड़े मामलों में लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

बैठक में कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक, सतपाल महाराज, आपदा प्रबंधन राज्य सलाहकार समिति के उपाध्यक्ष विनय कुमार रोहिल्ला, मुख्य सचिव विनोद कुमार सुमन, विभिन्न विभागों के सचिव, वरिष्ठ अधिकारी तथा सभी जिलों के जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक वर्चुअल माध्यम से शामिल हुए।

— आदित्य अमिताभ त्रिवेदी, युगवार्ता

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