उत्तराखंड : भुवन चंद्र खंडूड़ी को मुख्यमंत्री धामी ने दी श्रद्धांजलि, बोले— “उनके साथ एक युग का अवसान”
YUGVARTA NEWS
Lucknow, 1 Jun, 2026 08:08 PMदेहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को गढ़ी कैंट स्थित स्वर्गीय हरबंश कपूर मेमोरियल कम्युनिटी हॉल में आयोजित श्रद्धांजलि सभा में उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री एवं भारत सरकार के पूर्व मंत्री मेजर जनरल (सेवानिवृत्त) भुवन चंद्र खंडूड़ी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए। इस दौरान मुख्यमंत्री ने खंडूड़ी के व्यक्तित्व, राष्ट्रसेवा और उत्तराखंड निर्माण में उनके योगदान को स्मरण करते हुए उन्हें सार्वजनिक जीवन में ईमानदारी, कर्तव्यनिष्ठा और सुशासन का प्रतीक बताया।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि मेजर जनरल (सेवानिवृत्त) भुवन चंद्र खंडूड़ी का व्यक्तित्व बहुआयामी था। उन्होंने एक अनुशासित सैनिक, दूरदर्शी प्रशासक, आदर्श जनप्रतिनिधि और उत्तराखंड के विकास पुरुष के रूप में अपने जीवन का प्रत्येक क्षण राष्ट्र और समाज की सेवा को समर्पित किया। उन्होंने कहा कि खंडूड़ी कर्तव्यनिष्ठा, सादगी, ईमानदारी और राष्ट्रसेवा के ऐसे प्रतीक थे, जिनसे सार्वजनिक जीवन में शुचिता और समर्पण की प्रेरणा मिलती रहेगी।
मुख्यमंत्री ने उनके सैन्य जीवन को याद करते हुए कहा कि भारतीय सेना में रहते हुए उन्होंने वर्ष 1971 के भारत-पाक युद्ध में साहस, नेतृत्व क्षमता और रणनीतिक कौशल का परिचय दिया। सीमांत क्षेत्रों में इंजीनियरिंग कार्यों तथा आधारभूत संरचना के विकास में भी उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा। राष्ट्र के प्रति उत्कृष्ट सेवाओं के लिए उन्हें ‘अति विशिष्ट सेवा मेडल’ से सम्मानित किया गया, जो उनकी कर्तव्यपरायणता का प्रमाण है।
धामी ने कहा कि सेना से सेवानिवृत्ति के बाद भी खंडूड़ी का जनसेवा का संकल्प निरंतर जारी रहा। वर्ष 1991 में गढ़वाल लोकसभा क्षेत्र से सांसद निर्वाचित होने के बाद उन्होंने संसद में पृथक उत्तराखंड राज्य की मांग को मजबूती से उठाया। पांच बार सांसद के रूप में उन्होंने पहाड़ की आवाज को राष्ट्रीय मंच तक पहुंचाया और जनहित के मुद्दों को प्रभावी ढंग से उठाया। मुख्यमंत्री ने कहा कि खंडूड़ी के विचारों और प्रतिबद्धता ने राज्य आंदोलन को नई ऊर्जा प्रदान की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि खंडूड़ी का जीवन दर्शन आज भी युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने स्वयं को सौभाग्यशाली बताते हुए कहा कि उन्हें समय-समय पर खंडूड़ी का स्नेह, मार्गदर्शन और आशीर्वाद प्राप्त हुआ, जिसने उनके सार्वजनिक जीवन को दिशा प्रदान की।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार में सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री के रूप में खंडूड़ी ने देश के आधारभूत ढांचे को मजबूत करने में उल्लेखनीय भूमिका निभाई। स्वर्णिम चतुर्भुज योजना और प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना जैसी महत्वाकांक्षी परियोजनाओं को गति देने में उनका योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री के रूप में उन्होंने सुशासन, पारदर्शिता और जवाबदेही को प्रशासन की आधारशिला बनाते हुए राज्य के विकास को नई दिशा दी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उच्च पदों पर रहने के बावजूद खंडूड़ी ने अपने सिद्धांतों और मूल्यों से कभी समझौता नहीं किया। वे सदैव आमजन के बीच रहे और जनता की समस्याओं के समाधान को प्राथमिकता देते रहे। उनकी कार्यशैली जनप्रतिनिधियों और प्रशासकों के लिए एक आदर्श बनी रहेगी।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि भुवन चंद्र खंडूड़ी का निधन केवल उत्तराखंड ही नहीं, बल्कि पूरे राष्ट्र के लिए एक अपूरणीय क्षति है। “उनके साथ एक युग का अवसान हुआ है, लेकिन उनके विचार, आदर्श, कार्य और संस्कार सदैव समाज का मार्गदर्शन करते रहेंगे,” उन्होंने कहा। मुख्यमंत्री ने लोगों से खंडूड़ी के आदर्शों को आत्मसात करते हुए उनके सपनों के अनुरूप उत्तराखंड निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया।
श्रद्धांजलि सभा में विधानसभा अध्यक्ष रितु खंडूड़ी, पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी, स्वामी रामदेव, विभिन्न जनप्रतिनिधि, साधु-संत तथा गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।



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