गांधी एवं शास्त्री जयंती पर धामी ने किया नमन, सत्य-अहिंसा और ‘जय जवान, जय किसान’ का संदेश दोहराया

मुख्यमंत्री ने कहा- दोनों महापुरुषों का जीवन सादगी, ईमानदारी, राष्ट्रसेवा और कर्तव्यनिष्ठा की प्रेरणा

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Lucknow, 1 Oct, 2026 04:21 PM
गांधी एवं शास्त्री जयंती पर धामी ने किया नमन, सत्य-अहिंसा और ‘जय जवान, जय किसान’ का संदेश दोहराया

देहरादून, 1 अक्टूबर। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गांधी जयंती और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती के अवसर पर दोनों महापुरुषों को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके जीवन और आदर्शों का स्मरण किया। जयंती की पूर्व संध्या पर जारी अपने संदेश में मुख्यमंत्री ने कहा कि महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री का जीवन देशवासियों के लिए सत्य, सादगी, ईमानदारी, कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्रसेवा की प्रेरणा है।

गांधी जी के सत्य और अहिंसा के आदर्शों को अपनाने का आह्वान

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि महात्मा गांधी ने सत्य, अहिंसा, प्रेम, सद्भाव और मानवता को अपने जीवन का आधार बनाया। स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान उन्होंने सत्य और अहिंसा को सबसे बड़ी शक्ति बनाया तथा समाज के विभिन्न वर्गों को साथ लेकर स्वतंत्रता संघर्ष को व्यापक जन-आंदोलन का स्वरूप दिया।

उन्होंने कहा कि गांधी जी के विचार आज भी समाज और मानवता का मार्गदर्शन करते हैं। मानवता के प्रति करुणा, जरूरतमंदों के प्रति संवेदनशीलता, आपसी प्रेम और भाईचारे की भावना को जीवन में अपनाना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।

मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से गांधी जी के सत्य, अहिंसा और स्वच्छता के संदेश को अपने जीवन में आत्मसात करने तथा राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया।

शास्त्री जी का जीवन सादगी और राष्ट्रसेवा की मिसाल

पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उनका संपूर्ण जीवन सादगी, ईमानदारी, नैतिकता, कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्रसेवा के प्रति समर्पण का अनुपम उदाहरण है। शास्त्री जी ने अपने आचरण और कार्यशैली से साबित किया कि सादगी और दृढ़ इच्छाशक्ति के साथ बड़े राष्ट्रीय दायित्वों का सफलतापूर्वक निर्वहन किया जा सकता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि देश के कठिन दौर में शास्त्री जी ने प्रभावी नेतृत्व प्रदान करते हुए राष्ट्र के आत्मविश्वास को मजबूत किया। उनका प्रसिद्ध नारा ‘जय जवान, जय किसान’ देश की सुरक्षा और खाद्य आत्मनिर्भरता में सैनिकों तथा किसानों के योगदान के महत्व को रेखांकित करता है।

उन्होंने कहा कि शास्त्री जी का यह संदेश आज भी देशवासियों में राष्ट्रप्रेम, एकजुटता और कर्तव्यबोध की भावना को मजबूत करता है।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि गांधी जी और शास्त्री जी के जीवन-मूल्य आज भी समाज और राष्ट्र के लिए प्रासंगिक हैं। उनके आदर्शों को आत्मसात कर नागरिक जिम्मेदारी, सामाजिक सद्भाव और राष्ट्र निर्माण की भावना को और मजबूत किया जा सकता है।

आदित्य अमिताभ त्रिवेदी, युगवार्ता

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