मुख्यमंत्री धामी ने लेखकों-साहित्यकारों से किया संवाद, बोले- उत्तराखंड के विकास में साहित्य की अहम भूमिका

साहित्यिक पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा, ‘1000 पुस्तक दान अभियान’ के लिए मुख्यमंत्री ने खरीदीं 50 पुस्तकें

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Lucknow, 26 Jul, 2026 05:15 PM
मुख्यमंत्री धामी ने लेखकों-साहित्यकारों से किया संवाद, बोले- उत्तराखंड के विकास में साहित्य की अहम भूमिका

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन में प्रदेशभर से आए वरिष्ठ लेखकों और साहित्यकारों से संवाद किया। इस दौरान साहित्यकारों ने मुख्यमंत्री को अपनी स्वरचित पुस्तकें भेंट कीं। मुख्यमंत्री ने सभी लेखकों से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात कर उनके साहित्यिक योगदान और वर्तमान लेखन पर चर्चा की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि साहित्यकार समाज का दर्पण होने के साथ-साथ उसे सही दिशा देने वाले मार्गदर्शक भी होते हैं। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के सर्वांगीण विकास, सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और सामाजिक चेतना के संवर्धन में साहित्यकारों की महत्वपूर्ण भूमिका है। राज्य सरकार साहित्यिक वातावरण को मजबूत करने और साहित्यकारों को प्रोत्साहन देने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।

उन्होंने कहा कि उत्तराखंड भाषा संस्थान के माध्यम से पुराने, बिखरे और अप्रकाशित साहित्य के संग्रह, संरक्षण और प्रकाशन का कार्य किया जा रहा है। साथ ही राज्य को साहित्यिक पर्यटन के केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए दो ‘साहित्य ग्राम’ स्थापित करने की योजना पर भी कार्य चल रहा है। मुख्यमंत्री ने बताया कि साहित्यकारों के सम्मान के लिए वर्ष 2022 में ‘उत्तराखंड साहित्य गौरव सम्मान’ और वर्ष 2025 में ‘दीर्घकालीन साहित्य सेवी सम्मान’ की शुरुआत की गई है।

‘1000 पुस्तक दान अभियान’ को मिला मुख्यमंत्री का सहयोग

हरेला पर्व के अवसर पर रुद्रप्रयाग जिला प्रशासन द्वारा संचालित ‘1000 पुस्तक दान अभियान’ को मुख्यमंत्री ने अपना सहयोग देते हुए कार्यक्रम में उपस्थित लेखकों की 50 पुस्तकें स्वयं खरीदकर रुद्रप्रयाग के सार्वजनिक पुस्तकालय को उपलब्ध कराने की घोषणा की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि “एक पुस्तक, एक वृक्ष, एक उज्ज्वल भविष्य” थीम पर चलाया जा रहा यह अभियान सराहनीय है। उन्होंने कहा कि पुस्तकें ज्ञान, संस्कार और सकारात्मक सोच का आधार होती हैं तथा इस तरह की पहल युवाओं में अध्ययन की संस्कृति को बढ़ावा देगी।

कार्यक्रम में प्रो. गोविंद सिंह, पूर्व मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, पूर्व पुलिस महानिदेशक अनिल रतूड़ी, सचिव रणवीर सिंह चौहान, जिलाधिकारी नैनीताल ललित मोहन रयाल सहित प्रदेश के अनेक वरिष्ठ साहित्यकार एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

— आदित्य अमिताभ त्रिवेदी, युगवार्ता

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